Home » Economy » Policy2017 की तारीखें जो इतिहास में दर्ज हो गईं- 5 dates of 2017 which creates history

मोदी ने इतिहास को दी ये 5 तारीखें, आने वाली पीढ़ि‍यां रखेंगी याद

कारोबार के हिसाब से बात करें तो यह साल कई मायनों में देश के लिए ऐतिहासिक रहा

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नई दिल्‍ली. 2017 खत्‍म होने में अब कुछ ही दिनों का वक्‍त है। कारोबार के हिसाब से बात करें तो यह साल कई मायनों में देश के लिए ऐतिहासिक रहा। आजादी के बाद इन डायरेक्‍ट टैक्‍स से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा रिफॉर्म यानी जीएसटी भी इसी साल लागू हुआ। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार बजट की तरीख बदली। रेल बजट को आम बजट में मर्ज किया गया। पेट्रोल डीजल की कीमतें इस साल से रिवाइज होने इसी सेल से शुरू हुए। बुलेट ट्रेन की आधारशिला भी इसी साल शुरू हुई। गुजरात में देश की पहली फेरी सेवा की शुरुआत हुई। 

 

दर्ज हो गई कुछ तारीखें 
मोदी सरकार के कई नए कदमों के चलते साल 2018 की कुछ तारीखें भारतीय इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गईं। मोदी सरकार के कुछ पुरानी परंपाराओं को बदला तो कुछ की नई शुरुआत की। आज हम आपको 2017 की कुछ ऐसी ही तारीखों के बारे में बताते हैं, जो कारोबारी लिहाज से भारतीय इतिहास के पन्‍नों में दर्ज हो गईं। 

 

आगे पढ़ें- पहली तारीख के बारे में.... 

 

  

 

  

1 फरवरी 2017 

इसलिए अहम: बजट पेश हुआ 

क्‍यों रहेगी याद: आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब बजट की तारीख बदली गई। इससे पहले आम बजट 1 मार्च को पेश होता था। इम्‍लीमेंटेशन की जटिलताओं की वजह से सरकार ने इसे एक महीने पीछे कर दिया। अब ये यह 1 फरवरी को ही पेश होगा। 

 

 

16 जून 2017 

किसलिए अहम: पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट का डेली प्राइस रिवाइजेशन शुरू हुआ 

क्‍यों रहेगी याद: इससे पहले की व्‍यवस्‍था के तहत पेट्रोल की कीमतें हर 15 दिन में बदलती थीं। बाद में 16 जून 2017 से इनकी कीमतों में रोज बदलाव होता है। शुरुआत में 1 मई से पायलट प्रोजेक्‍ट के तहत 5 शहरों पुडुचेरी, विशाखापट्नम, उदयपुर, जमशेदपुर और चंडीगढ़ में पेट्रोल के प्राइस की रोजाना समीक्षा होती थी। हालांकि प्रयोग सफल होने के बाद रोजाना प्राइस रिवाइज होने वाली व्‍यवस्‍था को 16 जून से पूरे देश में लागू कर दिया गया।
 

 

 

1 जुलाई 2017  

इसलिए अहम: जीएसटी लागू हुआ 

क्‍यों रहेगी याद : जीएसटी आजादी के बाद का अब तक का सबसे बड़ा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स रिफॉर्म है। इसके चलते सेल्‍स, एक्‍साइज, वैट जैसे दर्जनों टैक्‍स और सेस खत्‍म हो गए। 

 

 

13 सितंबर 2017 
किस लिए अहम: बुलेट ट्रेन का उद्धाटन हुआ 

क्‍यों रहेगी याद: भारत लंबे समय से बुलेट ट्रेन का सपना देख रहा था, लेकिन यह पहली बार हुआ जब देश में बुलेट्र ट्रेन की आधारशिला रखी गई। माना जा रहा है कि 2022 तक यह ट्रेन चलने लगेगी। 

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