Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

गाड़ि‍यों पर जीपीएस और पैनि‍क बटन की डेडलाइन पर सरकार का यू-टर्न, एक साल की छूट मिडकैप इंडेक्स में लौटी रिकवरी, ये शेयर आगे दे सकते हैं 34% तक रिटर्न जीएसटी कलेक्‍शन के लिए कैश आधारित लेखा प्रणाली अपनाएगी फाइनेंस मिनिस्‍ट्री हीरो मोटो की बाइक-स्कूटर 625 रु तक हुए महंगे, इनपुट कॉस्ट बढ़ने का असर भगोड़े आर्थिक अपराधियों की 15 हजारCr की एसेट होंगी अटैच, ऑर्डनैंस के तहत ED की तैयारी ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए अलग पॉलिसी बनाएगी सरकार, टास्क फोर्स का किया गठन एयरटेल का प्रॉफिट 15 साल के निचले स्तर पर, 78% घटकर रह गया 83 करोड़ रु लगातार 3 दिन बंद रहेंगे सभी बैंक, हो सकती है कैश की किल्लत फोर्टिस के लिए मलेशियाई कंपनी ने रिवाइस किया ऑफर, 650Cr रु तुरंत निवेश करने को राजी Jio ने फरवरी में बनाए 87 लाख कस्‍टमर, ऐयरटेल से दोगुनी तेजी से बढ़ रहे हैं ग्राहक इस बैंक ने 18 माह में 1 लाख को बनाया 1.80 लाख, आगे भी कमाई का मौका लगातार दूसरे दिन सोना सस्‍ता, चांदी 41 हजार के नीचे रिलायंस नेवल के भविष्‍य पर ऑडिटर्स ने उठाए सवाल, बढ़ता लॉस और घटती इनकम बनी वजह वडोदरा की फर्म की 1122 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच, बैंकों के साथ फ्रॉड में ED की कार्रवाई 1800 कंपनियों ने सेबी को नहीं चुकाई पेनल्‍टी, UBI और IFCI जैसी कंपनियां लिस्‍ट में
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyइस साल 7.3% रहेगी भारत की विकास दर: विश्‍व बैंक

इस साल 7.3% रहेगी भारत की विकास दर: विश्‍व बैंक

नई दिल्‍ली. विश्‍व बैंक ने कहा है कि इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.3 फीसदी रह सकती है। विश्‍व बैंक का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे नीतिगत रिफॉर्म्‍स का असर अर्थव्यवस्था पर धीरे-धीरे खत्‍म हो रहा है। अर्थव्‍यवस्‍था इसके झटकों से धीरे-धीरे उबर रही है। दो साल में एक बार जारी होने वाली साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस रिपोर्ट में विश्‍व बैंक ने कहा है कि भारत की ग्रोथ रेट 2017 के 6.7 फीसदी से बढ़कर 2018 में 7.3 फीसदी पर पहुंच सकती है। निजी निवेश बढ़ने और खपत बढ़ने विकास दर को सपोर्ट मिलेगा। 

 


2019 और 2020 में 7.5% होगी GDP  
विश्व बैंक का मानना है कि 2019 और 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.5 फीसदी रहेगी। विश्व बैंक ने यह भी कहा कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों से अर्थव्यवस्था में गिरावट आई थी। जिसका सीधा असर भारत के निचले तबके पर देखने को मिला। बता दें, नरेंद्र मोदी सरकार ने 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी करते हुए 500 और 1000 के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इसके बाद 1 जुलाई, 2017 को टैक्स सुधार के लिए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू किया था। 

 

चीन को पीछे छोड़ा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2017-18 के तीसरी तिमाही में देश की जीडीपी विकास दर बढ़कर 7.2% हो गई। इसके साथ ही भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था चीन को पीछे छोड़कर सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बन गई। दिसंबर तिमाही में चीन की जीडीपी विकास दर 6.8% रही थी। इस साल संसद में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे में 2018-19 में विकास दर 7 से 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था।

 

हर साल 81 लाख नौकरियों की जरूरत
विश्व बैंक ने कहा- भारत को वैश्विक विकास में जगह बनाए रखने के लिए निवेश और निर्यात को बढ़ाना होगा। हर महीने 13 लाख नए लोग ऐसे होते हैं जिन्हें काम की जरूरत होती है। यही वजह है कि भारत को अपनी रोजगार दर बरकरार रखने के लिए सालाना 81 लाख रोजगार पैदा करने की जरूरत है, जो कि 2005-15 के आंकड़ों के एनालिसिस के मुताबिक लगातार गिर रही है। इसकी मुख्य वजह महिलाओं का नौकरी बाजार से दूर होना है।

 

 

 

आगे पढ़ें... भारत के लिए क्‍या है चैलेंज

 

 

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.