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RBI ने MSME को दी बड़ी राहत, लोन चुकाने के लिए दी 180 दिन तक की मोहलत

अभी तक नोटबंदी और जीएसटी की मार झेल रहे एमएसएमई को सरकार ने बड़ी राहत देते हुए लोन चुकाने की समयसीमा बढ़ा दी है।

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नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने छोटे कारोबारियों को लोन चुकाने पर बड़ी राहत दी है। अभी तक नोटबंदी और जीएसटी की मार झेल रहे एमएसएमई को सरकार ने बड़ी राहत देते हुए लोन चुकाने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब वह 3 महीने की जगह 6 महीने में अपना लोन चुका सकते हैं। हालांकि इस छूट का फायदा वही कारोबारी उठा पाएंगे जिन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया है।

 

बढ़ाई लोन चुकाने की समयसीमा

 

बैंक और एनबीएफसी लोन अकाउंट को नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) तब मानते हैं जब वह क्रमश: 90 दिन और120 दिन तक लोन नहीं चुकाते हैं। सरकार ने छोटे कारोबारियों के लिए यह लिमिट बढ़ाकर 180 दिन कर दी है। यानी जिन कारोबारियों ने 1 सितंबर 2017 से लोन की किश्त नहीं चुकाई है। वह एनपीए नहीं माने जाएंगे। इसमें वह कारोबारी भी आएंगे जिन्होंने 1 सिंतंबर 2017 से लेकर 31 जनवरी 2018 तक लोन की किश्त नहीं चुकाई है। वह एनपीए की कैटेगरी में नहीं आएंगे। एमएसएमई अगर 180दिन तक बैंक या एनबीएफसी का लोन नहीं चुकाने तो वह डिफॉल्टर नहीं कहलाएंगे। उनका लोन मान्य माना जाएगा।

 

जीएसटी आने के बाद हुई कैश की किल्लत

 

जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के बाद छोटे कारोबारियों को रिफंड नहीं मिलने से सबसे ज्यादा कैश फ्लो और फंड्स की दिक्कतें आई हैं। इसके कारण वह अपना लोन बैंक और एनबीएफसी को समय पर नहीं चुका पा रहे हैं। सरकार ने ऐसे ही एमएसएमई यूनिट को मदद देने के लिए माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज डेवलपमेंट (एमएसएमईडी) एक्ट, 2006 के तहत छूट दी है।

 

 

कौन उठा सकता है फायदा

 

- जिन कारोबारियों ने 31 जनवरी 2018 तक जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा लिया हो।

- जिन कारोबारियों को सालाना टर्नओवर 25 करोड़ रुपए से अधिक न हो।

 

सरकार ने बजट में दी राहत


एमएसएमई सेक्टर सरकार का फोकस सेक्टर है क्योंकि ये सबसे ज्यादा रोजगार देते हैं। सरकार ने बजट में भी इन्हें राहत दी है। 250 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर वाले एसएसएमई के लिए कॉरपोरेट टैक्स 25 फीसदी कर दिया है।

 

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