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नीरव मोदी और उनसे जुड़े लोगों के 105 बैंक अकाउंट्स और 29 प्रॉपर्टीज अटैच, I-T डिपार्टमेंट की कार्रवाई

ED की सलाह पर विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट की वैलिडिटी सस्‍पेंड कर दी है।

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नई दिल्ली. करीब 11,356 करोड़ रुपए के पीएनबी फ्रॉड केस में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी, फैमिली और उनकी कंपनियों की 29 प्रॉपर्टीज और 105 बैंक अकाउंट्स अटैच कर दिए हैं। इससे पहले इंटरपोल ने नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्‍स के एमडी एंड सीईओ मेहुल चौकसी समेत 4 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। इस बीच, एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की सलाह पर विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट की वैलिडिटी सस्‍पेंड कर दी है। ईडी ने विदेश मंत्रालय से नीरव मोदी के पासपोर्ट को रद्द करने के लिए लिखा है। वहीं, सीबीआई ने शुक्रवार को इस मामले में नई एफआईआर दर्ज की है।

 

 

 

- सीबीआई ने शुक्रवार को 143 एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) और 224 फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट में नई एफआईआर दर्ज की है। यह 31 जनवरी 2018 को 150 एलओयू से जुड़ी एफआईआर से अलग है।

- ED की सलाह पर विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट की वैलिडिटी सस्‍पेंड कर दी है। यह कार्रवाई 4 हफ्ते के लिए की गई है। पासपोर्ट जारी करने का अधिकार विदेश मंत्रालय के पास ही होता है।

- विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी से एक सप्‍ताह में जवाब मांगा है कि और पूछा है क्‍यों नहीं आपका पासपोर्ट जब्‍त या रद्द कर देना चाहिए? यदि तय समय में इसका जवाब नहीं देते हैं तो विदेश मंत्रालय पासपोर्ट रद्द करने के लिए आगे की कार्रवाई करेगा। 

 

- एएनआई के अनुसार, इंटरपोल ने शुक्रवार को हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उनकी पत्‍नी आमी मोदी, भाई निशाल मोदी और गीतांजलि जेम्‍स के एमडी एंड सीईओ मेहुल चौकसी के खिलाफ डिफ्यूजन नोटिस जारी किया है। 

 

नीरव मोदी न्‍यूयार्क में होने की खबर 

- इस बीच, टीवी रिपोर्ट्स में यह बताया जा रहा है कि नीरव मोदी न्‍यूयार्क के मैनहट्टन में हैं। 

- वहीं, पीएनबी ने अपनी इंटरनल जांच के आधार पर शुक्रवार को 8 इम्‍प्‍लॉइज और सस्‍पेंड कर दिए। इसमें जनरल मैनेजर रैंक के अफसर भी शामिल है। 
- फ्रॉड केस सामने आने के बाद पीएनबी के सस्‍पेंडेड इम्‍प्‍लॉइज की संख्‍या 18 हो गई है। पीएनबी का कहना है कि इस मामले में उसकी इंटरनल जांच अभी भी जारी है। 

- इससे पहले, गुरुवार को इन्‍फोर्समेंट डायरेक्‍टरेट (ईडी) ने ज्‍वैलर्स और बिजनेसमैन नीरव मोदी के घर समेत करीब 10 ठिकानों पर रेड की। 

 

ED ने सीज किए 5100 करोड़ रुपए के हीरे-जवाहरात

- ईडी के अधिकारियों के अनुसार मुम्‍बई में मोदी और अन्‍य आरोपियों की कई प्रॉपर्टी को सीज किया गया है। 
- ईडी की टीम ने मोदी के कुर्ला स्थित घर, काला घोडा इलाके में ज्‍वैलरी शॉप, बांद्रा और लोवर पार्ले स्थित कंपनी के तीन कार्यालयों के अलावा सूरत में मोदी के हीरे के शोरूम की सर्च की। 
- दिल्‍ली में चाणक्‍यपुरी और डिफेंस कालोनी स्थित शोरूम की भी तलाशी ली गई। इस दौरान करीब 5100 करोड़ रुपए के जेवर, गोल्‍ड और डायमंड सीज किए गए।

 

PNB को ही करनी होगी 11,356 करोड़ रु की भरपाईः RBI
- सूत्रों के मुताबिक, आरबीआई ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि फ्रॉड की रकम यानी 11,356 करोड़ रुपए की पूरी भरपाई पीएनबी को ही करनी होगी। 
- बैंकिंग इंडस्ट्री के एक सूत्र ने कहा, 'आरबीआई ने कहा है कि अगर पीएनबी पूरी भरपाई नहीं करता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख पर असर पड़ेगा। 
- इसके अलावा उसे चालू तिमाही में अपनी प्रोविजनिंग को भी दोगुना करना होगा।'

 

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ये मामला सामने कैसे आया?

- पंजाब नेशनल बैंक ने बुधवार को स्‍टॉक एक्‍सचेंज बीएसई को बताया कि उसने 1.8 अरब डॉलर (करीब 11,356 करोड़ रुपए) का संदिग्‍ध ट्रांजैक्‍शन पकड़ा है।
- यह फ्रॉड कुछ चुनिंदा अकाउंट होल्‍डर्स को फायदा पहुंचाने के लिए किए गए थे। 
- बैंक के अनुसार, ऐसा लगता है कि इन ट्रांजैक्‍शन के आधार पर विदेश में कुछ बैंकों ने उन्हें (चुनिंदा अकाउंट होल्‍डर्स को) कर्ज दिया है। ये अकाउंट्स कितने थे, कितने लोगों को फायदा हुआ? इस बारे में अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। यह मामला 2011 से जुड़ा है।

 

कैसे हुआ फ्रॉड?
- इस पूरे फ्रॉड को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए अंजाम दिया गया। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।
- पीएनबी के कुछ अफसरों ने नीरव मोदी को गलत तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) दी। इसी एलओयू के आधार पर मोदी और उनके सहयोगियों ने दूसरे बैंकों से विदेश में कर्ज ले लिया। पीएनबी ने भले ही दूसरे लेंडर्स के नाम का उल्लेख नहीं किया, लेकिन समझा जाता है कि पीएनबी द्वारा जारी एलओयू के आधार पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक ने भी क्रेडिट ऑफर कर दिया था। 

 

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'स्विफ्ट' के जरिए ट्रांजैक्‍शन!
- पीएनबी फ्रॉड को कोर बैंकिंग सिस्टम को दरकिनार कर ग्‍लोबल फाइनेंशियल मैसेजिंग सर्विस 'स्विफ्ट' का इस्तेमाल किया गया। इसके जरिए अन्य भारतीय बैंकों की विदेश ब्रांचेज को भुगतान के लिए नोट्स जारी किए गए।
- विदेश में क्रेडिट हासिल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'स्विफ्ट' से जुड़े मेसेज पीएनबी के फिनैकल सॉफ्टवेयर सिस्टम में तुरंत अवेलबल नहीं होते क्योंकि ये बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) में एंट्री किए बिना जारी किए जाते हैं।

 

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