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गोबर और कचरे को बनाएं कमाई का जरिया, PM मोदी ने खुद बताई स्‍कीम

पीएम ने कहा कि सरकार की गोबर धन स्‍कीम के जरिए वेस्‍ट को एनर्जी में बदलकर इसे आय का जरिया बनाया जा सकता है।

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नई दिल्‍ली. मवेशियों के गोबर और कचरे को यदि आप वेस्‍ट यानी बेकार की चीज समझते हैं, तो आपको यह सोच बदलनी चाहिए। क्‍योंकि, गोबर और कचरे से भी कमाई की जा सकती है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो प्रोग्राम मन की बात में इसका जिक्र किया है। पीएम ने कहा कि सरकार की गोबर धन स्‍कीम के जरिए वेस्‍ट को एनर्जी में बदलकर इसे आय का जरिया बनाया जा सकता है।  


वेस्‍ट टू वेल्‍थ और वेस्‍ट टू एनर्जी

मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि इस बार बजट में ‘स्वच्छ भारत’ के तहत गांवों के लिए बायोगैस के माध्यम से waste to wealth और waste to energy बनाने पर जोर दिया गया। इसके लिए पहल शुरू की गई और इसे नाम दिया गया गोबर धन ‘GOBAR-Dhan’ - Galvanizing Organic Bio-Agro Resources। इस गोबर-धन योजना का उद्देश्य है, गांवों को स्वच्छ बनाना और पशुओं के गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कम्‍पोस्‍ट और बायो-गैस में परिवर्तित कर, उससे धन और ऊर्जा पैदा करना। 

 

भारत में 30 करोड़ मवेशी

पीएम ने कहा, भारत में मवेशियों की आबादी पूरे विश्व में सबसे ज्‍यादा है। भारत में मवेशियों की आबादी लगभग 30 करोड़ है और गोबर का उत्पादन प्रतिदिन लगभग 30 लाख टन है। कुछ यूरोपीय देश और चीन पशुओं के गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट का उपयोग ऊर्जा के उत्पादन के लिए करते हैं लेकिन भारत में इसकी पूर्ण क्षमता का उपयोग नहीं हो रहा था। ‘स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण’के अंतर्गत अब इस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।

 

गोबर धन योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेंगे लाभ

पीएम मोदी ने कहा, मवेशियों के गोबर, कृषि से निकलने वाले कचरे, रसोई घर से निकलने वाला कचरा, इन सबको बायोगैस आधारित ऊर्जा बनाने के लिए इस्तेमाल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गोबर धन योजना के तहत ग्रामीण भारत में किसानों, बहनों, भाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वो गोबर और कचरे को सिर्फ वेस्‍ट के रूप में नहीं बल्कि आय के स्रोत के रूप में देखें। उन्‍होंने कहा कि गोबर धन योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को कई लाभ मिलेंगे। गांव को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी। पशु-आरोग्य बेहतर होगा और उत्पादकता बढ़ेगी। 

 

आगे पढ़ें... गोबरधन योजना के लिए ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म

 

 

 

गोबर धन योजना के लिए बनेगा ऑनलाइन ट्रेडिंग प्‍लेटफॉर्म 

पीएम मोदी ने कहा, बायोगैस से खाना पकाने और लाइटिंग के लिए ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। किसानों एवं पशुपालकों को आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।  वेस्‍ट कलेक्‍शन, ट्रांसपोर्टेशन, बायोगैस की बिक्री आदि के लिए नई नौकरियों के अवसर मिलेंगे। गोबर धन योजना के सुचारू व्यवस्था के लिए एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म भी बनाया जाएगा जो किसानों को खरीदारों से कनेक्‍ट करेगा ताकि किसानों को गोबर और एग्रीकल्‍चर वेस्‍ट का सही दाम मिल सके। 

 

पीएम ने कहा, मैं उद्यमियों, विशेष रूप से ग्रामीण भारत में रह रही अपनी बहनों से आग्रह करता हूं कि आप आगे आएं। सेल्‍फ हेल्‍प ग्रुप बनाकर, सहकारी समितियां बनाकर इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं। मैं आपको आमंत्रित करता हूं क्‍लीन एनर्जी एंड ग्रीन जॉब्‍स के इस आन्दोलन के भागीदार बनें। अपने गांव में वेस्‍ट को वेल्‍थ में परिवर्तन करने और गोबर से गोबर-धन बनाने की दिशा में पहल करें।  

 

आगे पढ़ें... पीएम मोदी ने किया कचरा महोत्‍सव का जिक्र 

 

 

रायपुर में हुआ कचरा महोत्‍सव 

पीएम मोदी ने कहा, आज तक हम music festival, food festival, film festival न जाने कितने-कितने प्रकार के festival के बारे में सुनते आए हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक अनूठा प्रयास करते हुए राज्य का पहला ‘कचरा महोत्सव’आयोजित किया गया। रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित इस महोत्सव के पीछे जो उद्देश्य था वह था स्वच्छता को लेकर जागरूकता। शहर के वेस्‍ट का रचनात्‍मक इस्‍तेमाल करना और गार्बेज को रीयूज करने के विभिन्न तरीकों के बारे में जागरूकता पैदा करना। 

 

इस महोत्सव के दौरान तरह-तरह की एक्टिविटी हुई जिसमें छात्रों से लेकर बड़ों तक, हर कोई शामिल हुआ। कचरे का उपयोग करके अलग-अलग तरह की कलाकृतियां बनाई गईं। वेस्‍ट मैनेजमेंट के सभी पहलूओं पर लोगों को शिक्षित करने के लिए वर्कशॉप आयोजित किए गए। स्वच्छता के थीम पर संगीत परफर्मेंस हुई। ऑर्ट वर्क बनाए गए। रायपुर से प्रेरित होकर अन्य जिलों में भी अलग-अलग तरह के कचरा उत्सव हुए।  

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