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1 फरवरी का करें इंतजार, मिल सकता है बड़ा फायदा

1 फरवरी को फाइनेंस मिनिस्टर आम बजट पेश करने जा रहे हैं जिसमें वह कई चीजें सस्ती करने का ऐलान कर सकते हैं।

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नई दिल्ली। अगर आप इलेक्ट्रॉनिक आइटम, गैजेट्स, कार, रेडीमेड गारमेंट खरीदने की तैयारी कर रहें हैं, तो आपको थोड़ा आपको इंतजार करना चाहिए। ऐसा इसलिए है कि 1 फरवरी को फाइनेंस मिनिस्टर आम बजट पेश करने जा रहे हैं जिसमें वह कई चीजें सस्ती करने का ऐलान कर सकते हैं, जिसका फायदा आपको बाद में उठाना चाहिए।

 

बजट आने से पहले न करें ये काम

 

अगर खरीदने जा रहे हैं कार

 

अगर आप कार खरीदने जा रहे हैं तो 1 फरवरी बजट आने तक रूक जाएं। हो सकता है कि बजट में फाइनेंस मिनिस्टर ऑटोमोबाइल सेक्टर को बूस्ट देने के लिए टैक्स में छूट देने का प्रस्ताव रखें। ये प्रस्ताव जीएसटी काउंसिल को दिया जाएगा कि वह ऑटोमोबाइल सेक्टर को बूस्ट देने के लिए टैक्स में छूट दे। अगर ऐसा होता है 1 अप्रैल से कन्ज्यूमर को कार खरीदना थोड़ा सस्ता पड़ सकता है।

 

 

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अगर खरीदने जा रहे हैं कन्ज्यूमर ड्यूरेबल

 

अगर आप एसी, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, ओवन जैसे कन्ज्यूमर ड्यूरेबल प्रोडक्ट खरीदने जा रहे हैं तो 1 फरवरी तक इंतजार कर सकते हैं। कन्ज्यूमर ड्यूरेबल के ज्यादातर कंपोनेंट इंपोर्ट होते हैं और यहां लाकर इन्हें असेंबल किया जाता है। इन कंपोनेंट पर इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। फाइनेंस मिनिस्टर कन्ज्यूमर ड्यूरेबल को बू्स्ट देने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी कम कर सकते हैं। इंपोर्ट ड्यूटी पर टैक्स रेट तय करना जीएसटी के दायरे से बाहर है।

 

इंडस्ट्री की भी है डिमांड

 

कन्ज्यूमयर ड्युरबेल इंडस्ट्री सरकार जीएसटी की दरें कम करने की भी मांग कर रही है। अभी कन्ज्यूमयर ड्युरबेल पर 28 फीसदी जीएसटी है जबकि पुराने टैक्स सिस्टम में यही 22 से 25 फीसदी था। इंडस्ट्री टैक्स कम करने की मांग कर रही है। अगर सरकार कन्ज्यूमयर ड्युरबेल इंडस्ट्री की मांग मानती है तो वह जीएसटी काउंसिल को टैक्स कम करने का प्रस्ताव दे सकती है।

 

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अगर खरीदने जा रहे हैं गोल्ड ज्वैलरी

 

ज्वैलर्स बजट में इंपोर्ट ड्युटी कम किए जाने की डिमांड कर रहे हैं। अभी गोल्ड पर 10 फीसदी इंपोर्ट ड्युटी है। ज्वैलर्स इसे घटाकर 4 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं। अगर फाइनेंस मिनिस्टर ज्वैलर्स की इंपोर्ट ड्युटी कम करने की डिमांड को मानते हैं। तो इंपोर्ट ड्युटी कम होने से गोल्ड की कीमतें कम होंगी। इसका सीधा फायदा गोल्ड ज्वैलरी खरीदने वाले कन्ज्यूमर को मिलेगा।

 

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अगर घूमने का है प्लान

 

अगर आपका घूमने का प्लान है तो बुकिंग अभी न कराएं। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सरकार टूरिज्म इंडस्ट्री को इन्पुट क्रेडिट में राहत दे सकती है। टूरिज्म इंडस्ट्री को राहत देने के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री बजट में टूरिज्म इंडस्ट्री को राहत देने के लिए इन्पुट क्रेडिट देने का प्रस्ताव जीएसटी काउंसिल के लिए ला सकती है। हालांकि, इन्पुट क्रेडिट पर आखिरी फैसला जीएसटी काउंसिल को लेना है लेकिन अगर फाइनेंस मिनिस्टर बजट में सिफारिशें काउंसिल को देतें हैं तो इसका फायदा इंडस्ट्री को मिलेगा। इससे टूर पैकेज कन्ज्यूमर के लिए सस्ते होंगे।

 

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अगर कपड़ें खरीदने का का है प्लान

 

फाइनेंस कन्जूयमर को राहत देने के लिए रेडीमेड गारमेंट जीएसटी टैक्स दर कम करने का प्रस्ताव जीएसटी काउंसिल को दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है और जीएसटी काउंसिल रेडीमेड गारमेंट को 5 फीसदी टैक्स केटेगरी में रखते हैं तो इससे 1,000 रुपए से महंगे कपड़ों पर टैक्स कम हो जाएगा। अभी ये 12 फीसदी की केटेगरी में है। इसका सीधा फायदा कन्ज्यूमर को मिलेगा क्योंकि कीमतें रेडीमेड कपड़ों पर कम हो जाएगी।

 
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