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पासपोर्ट बनवाने के लिए अब चाहिए होंगे सिर्फ ये डॉक्यूमेंट, बदले ये 4 रूल्स

पासपोर्ट पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है, सरकार ने इसके लिए डॉक्युमेंटेशन का प्रोसेस कम कर दिया है।

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नई दिल्ली। पासपोर्ट पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है, सरकार ने इसके लिए डॉक्युमेंटेशन का प्रोसेस कम कर दिया है। इसके जरिए आप सेल्फ डिक्लेरेशन से इमरजेंसी में पासपोर्ट बनवा सकते हैं। आइए जानते हैं विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनाने के लिए कौनसे नए नियम जारी किए हैं।

 

वर्क से जुड़ें अर्जेंट पासपोर्ट के लिए नहीं चाहिए एनओसी

 

अर्जेंट पासपोर्ट के मामले में अगर सरकारी कर्मचारी को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) या आईडेंटिटी सर्टिफिकेट अपने इम्प्लॉयर से नहीं मिलता है, तो वह सेल्फ डिकलेरेशन सबमिट कर सकते हैं। वह सेल्फ डिकलेरेशन में लिखेंगे कि उन्होंने अपने इम्प्लॉयर को पासपोर्ट अप्लाई करने के बारे में बारे में पहले से बता दिया है कि वह ऑर्डिनरी पासपोर्ट के लिए पासपोर्ट अथॉरिटी में एप्लाई कर रहे है।

 

आगे पढ़ें - सिंगल पेरेन्ट्स के लिए आसान किए नियम

अब एक ही पेरेन्ट्स की डिटेल से बन जाएगा पासपोर्ट

 

नए पासपोर्ट के लिए माता-पिता दोनों का नाम फॉर्म भरते समय अनिवार्य नहीं रहा है। अब सिंगल पेरेन्ट्स के नाम पर पासपोर्ट बन सकता है। पहले नए पासपोर्ट के लिए माता-पिता दोनों का नाम देना अनिवार्य था। अब एक ही पेरेन्ट्स या गार्जियन के नाम से पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया जा सकता है। ऐसे में उन लोगों को आसानी हो जाएगी जो सिंगल पेरेन्ट्स है। अब साधू और सन्यासी का नाम भी बॉयोलॉजिकल पेरेन्ट्स के बॉक्स में दे सकते हैं।

 

आगे पढ़ें - डिवोर्सी के लिए क्या बदले नियम

तलाकशुदा को नहीं देना होगा एक्स-स्पाउस का नाम

 

अब डिवोर्स के मामले में भी एप्लिकेंट को स्पाउस का नाम लिखने की जरूरत नहीं होगी। ये पासपोर्ट के नियम बदलने की दिशा में बड़ा कदम है क्योंकि पहले नाम देना पड़ता था। अभी तक शादी के बाद पासपोर्ट पर स्पाउस का नाम चढ़ाने, एडरेस और सरनेम बदलने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत होती थी लेकिन अब पासपोर्ट में डिटेल्स बदलवाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट और एनेक्स्चर-K बनवाने की जरूरत नहीं हैं।

 

आगे - पढ़ें सरकार ने क्या बदले नियम..

 

 

सरकार ने कम कर दिए हैं एनेक्स्चर

 

सरकार ने एनेक्स्चर की संख्या 15 से घटाकर 9 कर दी है। यानी, अब 9 तरह के मामलों में एनेक्स्चर देना होगा। एनेक्सचर ए, सी, डी, ई और के को हटा दिया गया है और कुछ को मर्ज कर दिया गया है। कम एनेक्सचर का मतलब है कि डॉक्युमेंटेशन कम होगा।

 

एनेक्स्चर को अटैस्ट करने की नहीं होगी जरूरत

 

अभी तक सभी तरह के एनेक्स्चर पर नोटरी या एक्ज्क्यूटिव मजिस्ट्रेट या फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से अटैस्ट कराना पड़ता था लेकिन अब एनेक्स्चर को अटैस्ट कराने की जरूरत नहीं है। अब सभी एनेक्स्चर फॉर्म पासपोर्ट की सरकारी वेबसाइट से डाउनलोड करना होता है। अब प्लेन पेपर पर एनेक्स्चर पर सेल्फ डिकलेरेशन करना होगा। अब आपको अटैस्ट कराने के लिए चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

 

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