बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Policyअकबर खाने के साथ पीते थे गंगा का पानी, जहांगीर वाइन, मुगल बादशाहों के खास शौक

अकबर खाने के साथ पीते थे गंगा का पानी, जहांगीर वाइन, मुगल बादशाहों के खास शौक

अकबर अपने किले से काफी दूर बहने वाली नदी गंगा का पानी पीने के लिए मंगाते थे।

1 of

नई दिल्ली। पुराने समय में राजा-महाराजे अपनी लग्जरी लाइफ के लिए फेमस थे। अकबर अपने किले से काफी दूर बहने वाली नदी गंगा का पानी पीने के लिए मंगाते थे। वह गंगा के अलावा किसी और जगह का पानी नहीं पीते थे। यहां हम आपको रॉयल्स की कुछ ऐसी ही अजीब आदतों के बारे में बता रहे हैं।

 

मुगल बाहशाह – अकबर

 

मुगल बाहशाह अपने मुगलई खाने और लग्जरी लाइफ के लिए मशहूर थे। हर एक मुगल बादशाह की अपनी अलग पसंद थी। अकबर हमेशा गंगा का पानी पीते थे। हालांकि, गंगा नदी उनके किले से काफी दूर थी, बावजूद इसके वह गंगा नदी से ही पानी मंगाकर पीते थे।

 

मुगल बादशाह – जहांगीर

 

मुगल बादशाह जहांगीर खाने के साथ हमेशा वाइन पीते थे। उनके समय में रॉयल किचन में भेड़, बकरी और मुर्गी काफी पैसा खर्च करके पाली जाती थी। मुगल बादशाहों को बिरयानी, खिचड़ी और कबाब सबसे ज्यादा पसंद करते थे। कबाब और बिरयानी का कॉन्सेप्ट मुगल ने ही इंडियां को दिया है।

 

आगे पढ़ें – चंद्रगुप्त मौर्य की अजीब आदत के बारे में

मौर्य काल – चंद्रगुप्त मौर्य

 

मौर्य काल को काफा पॉवरफुल साम्राज्य माना जाता है। मौर्य का साम्राज्य देश की सबसे ऊपजाऊ जमीन पर था, इसलिए वह अलग-अलग फसल उगाते थे। चंद्रगुप्त मौर्य इन्हीं फसलों से बनी नेचुरल शराब पीते थे। मौर्य अपनी नेचुरल शराब के लिए फेमस माने जाते हैं।

 

ब्रिटिश क्वीन

 

फिट रहने के लिए ब्रिटिश क्वीन स्ट्राबेरी खाती थी। ब्रिटिश क्वीन एलिजाबेथ फिट रहने के लिए सिर्फ ग्रिल्ड फिश और चिकन खाती थी। ब्रिटिश क्वीन के लिए विशेष सीजन में स्ट्राबेरी उगाई जाती थी, जिसके लिए लाखों में पैसा खर्च किया जा था।

 

आगे पढ़ें – हैदराबाद के निजाम की अजीब आदत के बारे में

मीर उस्मान अली खान, हैदराबाद के निजाम

 

हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान इतने अमीर थे कि उनके पास दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा डायमंड था। वह इसे पेपरवेट की तरह इस्तेमाल करते थे। ये डायमंड 184.97 कैरेट का था। इस डायमंड का साइज ऑस्ट्रिच के अंडे जितना था। हैदराबाद के निजाम के कोष करीब 2 अरब डॉलर का था। अब डायमंड की कीमत करीब 50 करोड़ रुपए है। ये अभी भारत सरकार के पास है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट