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कॉमन सर्विस सेंटर से होंगे 3 और जरूरी काम, 2019 से पहले मोदी सरकार का बड़ा प्‍लान

सरकार का प्‍लान सीएससी के जरिए तीन और अहम सर्विसेज लोगों को उपलब्‍ध कराने का है।

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नई दिल्‍ली. मोदी सरकार नेशनल ई-गवर्नेंस प्‍लान के तहत सरकारी सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए शुरू किए गए कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) का दायरा और बढ़ाने जा रही है। सरकार का प्‍लान सीएससी के जरिए लोगों को तीन और अहम सर्विसेज उपलब्‍ध कराने का है। खास बात यह है कि 2019 के आम चुनाव से पहले सरकार की ओर से जो प्‍लान बनाए गए हैं, उसका फायदा आने वाले दिनों में सरकार को भी मिलेगा। 

 

क्‍या है कॉमन सर्विस सेंटर? 
नेशनल ई-गवर्नेंस प्‍लान के तहत सरकार सभी सरकारी सर्विस सस्‍ती दर पर लोगों तक पहुंचाना चाहती है। इसके लिए डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड टेक्‍नोलॉजी द्वारा देश भर में कॉमन सर्विस सेंटर खोले गए हैं। एक सीएससी में सरकारी, प्राइवेट और सोशल सेक्‍टर जैसे टेलिकॉम, एग्रीकल्‍चर, हेल्‍थ, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, एफएमसीजी प्रोडक्‍ट, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस, सभी तरह के प्रमाण पत्र, आवेदन पत्र और यूटिलिटी बिल का पेमेंट किया जा सकता है। 

 

 

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1. रेल टिकट बुकिंग 
रेल मंत्रालय और आईटी मंत्रालय के बीच सोमवार को हुए एक करार के तहत अब अगले 8-9 महीने में कॉमन सर्विस सेंटर्स के जरिए आरक्षित और अनारक्षित रेल टिकट बुक कराए जा सकेंगे। गोयल ने समझौते पर दस्‍तखत के बाद कहा कि अब सभी 2.9 लाख सीएससी पर रेल टिकट की सुविधा मिलेगी। सभी सीएससी इसके लिए तकनीकी रूप से कनेक्‍ट होंगे।

रेल मंत्री ने बताया कि अभी करीब 40 हजार सीएससी रेल टिकट फैसेलिटी से टेक्निकली कनेक्‍ट हो चुके हैं। अगले 8-9 महीने से सभी सीएससी को कनेक्‍ट कर लिया जाएगा। यह समझौता आईआरसीटीसी और सीएससी इंडिया के बीच हुआ है। 

 

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2. एक्‍सटेंडेड बैंक काउंटर्स 

वित्‍त मंत्रालय की जिम्‍मेदारी संभाल रहे पीयूष गोयल ने बताया कि वह सभी 2.9 लाख सीएससी को बैंकिंग कॉरस्‍पांडेंट्स की तरह काम करने की मंजूरी देने पर काम करेंगे। साथ ही सीएससी पर एक्‍सटेंडेंड बैंक काउंटर्स शुरू करने की संभावनाएं भी देखेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज आसानी से उपलब्‍ध हो सके। गोयल ने कानून और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से सीएससी के जरिए फाइनेंशियल सर्विसेज उपलब्‍ध कराने के प्रस्‍ताव को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए कहा है। 

 

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3. मुद्रा स्‍कीम 
वित्‍त मंत्री गोयल ने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) मुद्रा लोन उपलब्‍ध कराने का एक माध्‍यम भी बन सकते हैं। छोटे कारोबारियों को आसानी से लोन देने के लिए मोदी सरकार ने 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री मुद्रा स्‍कीम की शुरुआत की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने मुद्रा योजना के लाभार्थियों से नरेंद्र मोदी ऐप के जरिए लाइव बातचीत की, जिसमें उन्‍होंने बताया कि बैंकों और वित्‍तीय संस्‍थानों ने 12 करोड़ लाभार्थियों को 6 लाख करोड़ रुपए मुद्रा लोन दिए। मुद्रा योजना ने युवाओं, महिलाओं और ऐसे लोग जो अपना बिजनेस शुरू करना चाहते थे, उन्‍हें नया अवसर दिया। मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना ने साहूकारों और बिचौलियों का दुष्चक्र तोड़ा।  

 

40 कंपनियों से समझौता 
हाल ही में वित्‍त मंत्रालय ने मुद्रा स्कीम के तहत छोटे कारोबारियों को लोन देने के लिए फ्लिपकार्ट, स्विगी, पतंजलि और अमूल सहित 40 कंपनियों के साथ समझौता किया है। इसके अलावा, मेक माई ट्रिप, जोमैटो, मेरु कैब, मुथूट, एडलवाइस, अमेजन, ओला, बिग बास्केट, कार ऑन रेंट और हबीब सैलून भी शामिल हैं। इसके साथ ही फ्लिपकार्ट, अमेजन, उबर, ओला, ओयो, अमूल, पतंजलि और जोमैटो जैसी कंपनियों की रिटेल फ्रेंचाइजी/ट्रांसपोर्ट सॉल्युशंस/सप्लायर्स को मुद्रा स्कीम के तहत 10 लाख रुपए तक लोन देने के मसले पर भी विचार किया जाएगा।

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