बिज़नेस न्यूज़ » Economy » PolicyPPF अकाउंट पर मिलेगा बैंक से सस्‍ता लोन, नहीं देनी होगी कोई गारंटी

PPF अकाउंट पर मिलेगा बैंक से सस्‍ता लोन, नहीं देनी होगी कोई गारंटी

अगर आपको लोन की जरूरत है और आपके पास लोन लेने के लिए कोई बेस नहीं है तो PPF आपके काम आ सकता है।

1 of

नई दिल्‍ली. अगर आपको लोन की जरूरत है और आपके पास लोन लेने के लिए कोई बेस नहीं है तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके काम आ सकता है। जी हां, PPF पर लोन लेने की सुविधा मौजूद है। PPF मॉडल फ्यूचर के लिए है। इसका मैच्‍योरिटी पीरियड 15 साल होता है यानी इस अवधि के बाद ही लोगों को इसके पैसे मिलते हैं। ऐसे में वर्तमान में पैसों की जरूरत पड़ने पर भी PPF लोगों के काम आ सके, इसके लिए इस पर लोन लेने की सुविधा दी गई है। 

 

इस वक्‍त इस पर ब्‍याज की दर 7.6 फीसदी सालाना है। साथ ही इसमें सालाना 500 रुपए के न्‍यूनतम निवेश से लेकर 1.5 लाख रुपए तक का अधिकतम निवेश किया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं कि PPF पर लोन लेने से आपको क्‍या फायदे होते हैं और कैसे आप यह लोन ले सकते हैं- 

 

PPF पर लोन लेने के फायदे  

- कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं। 
- लोन चुकाने के लिए 36 माह की मोहलत
- बैंकों के पर्सनल लोन ब्‍याज दर से कम दर 
- लोन के लिए ब्‍याज दर PPF पर मिल रहे ब्‍याज से केवल 2 फीसदी ज्‍यादा होती है।  

 

आगे पढ़ें- शर्तें 

PPF पर लोन की शर्तें 

- PPF पर लोन तीसरे वित्‍त वर्ष से मिलना शुरू होता है। यानी लोन लेने के लिए आपके अकांउट के दो वित्‍त वर्ष पूरे होना जरूरी हे। उदाहरण के लिए अगर आपने 2017-18 में अकाउंट खोला है तो आप 2019-20 में लोन ले सकेंगे। 
- जहां तक PPF से विदड्रॉल कर सकने का सवाल है तो यह अकाउंट खुलने के 5 साल बाद शुरू होता है। हालांकि पोस्‍ट ऑफिस में ऐसा 7 साल की मैच्‍योरिटी पूरी होने के बाद किया जा सकता है।
- लोन की लिमिट दूसरे वित्‍त वर्ष के आखिर में मौजूद पीपीएफ बैलेंस के 25 फीसदी से ज्‍यादा नहीं हो सकती। 
- अकाउंट से विदड्रॉन शुरू होने के बाद आप पीपीएफ पर लोन नहीं ले सकते। 
- इसके अलावा पहला लोन चुका देने के बाद ही आप पीपीएफ पर दूसरा लोन ले सकते हैं।  

 

आगे पढ़ें- ये सावधानी बरतें 

सावधानी

- अगर 36 माह में लोन नहीं चुका पाते हैं तो आपको PPFपर मिल रहे ब्‍याज से 6 फीसदी ज्‍यादा ब्‍याज देना होगा। 
- लोन के लिए आपके PPF अकाउंट का चालू रहना भी जरूरी है। यानी इसमें हर साल होने वाला न्‍यूनतम निवेश कंटीन्‍यू रहना चाहिए। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट