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अटल के देश को दिए गए 4 तोहफे, आम लोगों की जिंदगी बन गई आसान

अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकालों के दौरान कई ऐसे फैसले किए, जिन्होंने देश की तस्वीर बदल कर रख दी...

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नई दिल्ली. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और बेहतरीन राजनेता के तौर पर जाने जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। 3 बार देश के प्रधानमंत्री रहने वाले अटल ने अपने कार्यकालों के दौरान कई ऐसे फैसले किए, जिन्होंने देश की तस्वीर बदल कर रख दी। इनमें कुछ ऐसे फैसले भी शामिल थे, जो आम आदमी के लिए तोहफे साबित हुए और जिनकी वजह से आज देश के नागरिकों की जिंदगी आसान बन चुकी है। आइए आपको बताते हैं दिवंगत अटल जी के जनता को दिए ऐसे ही 5 तोहफों के बारे में...

 

फोन पर सस्ती बात

देश में मोबाइल क्रांति की शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के समय ही हुई। उस वक्त तत्कालीन एनडीए सरकार ने फैसला किया कि टेलिकॉम इंडस्ट्री में कॉम्पिटीशन बढ़ाने के लए वह कॉल रेट घटाएगी। वाजपेयी के टाइम पर भारत में टेलिफोन की पैठ सिंगल डिजिट में थी लेकिन नई टेलिकॉम पॉलिसी के चलते मोबाइल कनेक्टिविटी में तेज उछाल आया। आज यह केन्द्र सरकार की जनधन, आधार और मोबाइल प्लान यानी जैम का प्रमुख आधार है। 

 

अच्छी सड़कें

देश में आज जो गांवों से लेकर शहरों तक में सड़कों का जाल है, इसमें भी वाजपेयी जी की अहम भूमिका रही है। देश की महत्वाकांक्षी स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग परियोजना को वाजपेयी ने ही साकार किया था। 24 अक्‍टूबर 1998 को वाजपेयी ने इस परियोजना की घोषणा की थी, जिसे उस समय की दुनिया की सबसे बड़ी हाइवे परियोजना माना जाता है। 5846 कि.मी. का स्वर्णिम चतुर्भुज (जीक्यू) राजमार्ग मूल रूप से राजमार्गों का एक नेटवर्क है, जो देश के चार प्रमुख महानगरों को चार दिशाओं – दिल्ली (उत्तर), चेन्नई (दक्षिण), कोलकाता (पूर्व) और मुंबई (पश्चिम) में जोड़ता है।

 

इसके अलावा एक और बड़ी परियोजना प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना भी वाजपेयी की ही देन है। यह योजना देश के गांवों को आपस में जोड़ती है। इसके चलते किसानों को फसल लाने-ले जाने, हेल्थकेयर की पहुंच बेहतर बनाने और शिक्षा व्यवस्था अच्छी बनाने में काफी मदद मिली। 

 

आगे पढ़ें- शिक्षा का बनाया मौलिक अधिकार

 

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मुफ्त शिक्षा

अटल को कई तरह की सोशल डेवलपमेंट स्कीम के सूत्रधार के तौर पर जाना जाता है। इसमें शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया जाना भी शामिल है।  शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'सर्व शिक्षा अभियान' की शुरुआत 2001 में अटल सरकार के कार्यकाल के दौरान ही की गई थी। इसके तहत 6 से 14 साल तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का प्रावधान किया गया। योजना लॉन्च होने के 4 साल के भीतर ही स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की संख्या में 60 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। यह भी देश की आर्थिक तरक्की के लिए बेहतर योजना साबित हुई।

 

आगे पढ़ें- किसानों को दी गई सौगात

 

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किसान क्रेडिट कार्ड

किसानों को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी काफी संवेदनशील थे। उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान किसान मोर्चा के तत्कालीन अध्यक्ष हुक्मदेव नारायण सिंह और नरेश सिरोही (वर्तमान उपाध्यक्ष) किसान क्रेडिट कार्ड के आइडिया को लेकर वाजपेयी के पास गए। उन लोगों ने वाजपेयी को बताया कि किसानों के पास नकदी की कमी होती है। इस कारण उनके पास खरीदारी के विकल्प कम होते हैं और उन्हें गांव के दुकानदारों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में, किसानों की जमीन की हैसियत के मुताबिक अगर उन्हें क्रेडिट कार्ड दे दिया जाए तो किसान शहर में जाकर अपने मुताबिक खरीदारी कर पाएंगे। वाजपेयी को यह आइडिया इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे तुरंत ओके कर दिया। 

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