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स्‍टॉक मार्केट से रहा है गुजरात के CM विजय रूपाणी का रिश्‍ता, विवादों में भी फंसे

राजनीतिक सफर में सफलता के एक बड़े मुकाम पर पहुंच चुके विजय रूपाणी का बिजनेस की दुनिया से भी नाता रहा है।

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नई दिल्‍ली. गुजरात में हुए 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने लगातार छठी बार जीत हासिल की। 26 दिसंबर को विजय रूपाणी ने दूसरी बार गुजरात के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ले ली। उनके साथ नितिन पटेल फिर से डिप्‍टी सीएम बने। राजनीतिक सफर में सफलता के एक बड़े मुकाम पर पहुंच चुके विजय रूपाणी का बिजनेस की दुनिया से भी नाता रहा है।

 

दरअसल, रूपाणी का सीधा रिश्‍ता स्‍टॉक मार्केट से रहा है। रूपाणी ने अपना बिजनेस कैरियर एक स्‍टॉक ब्रोकर के रूप में शुरू किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूपाणी के पास ट्रेडिंग फर्म रसिकलाल एंड संस के शेयर भी हैं। इस कंपनी को रूपाणी के पिता रसिकलाल ने शुरू किया था। वे अनाज के व्‍यापारी थे। म्‍यांमार में अस्थिरता के चलते वे परिवार समेत राजकोट शिफ्ट हो गए थे।  राजकोट में रसिकलाल बाल-बियरिंग्‍स के ट्रेडर बन गए। 

 

 

2016 में बने पहली बार सीएम

आनंदीबेन पटेल को हटाने के बाद बीजेपी ने पहली बार विजय रूपाणी को अगस्‍त 2016 में गुजरात के मुख्यमंत्री पद के लिए चुना था। बीजेपी ने इस बार गुजरात चुनाव में आसानी से भले ही बहुमत हासिल कर लिया लेकिन उसकी सीटें 2012 के मुकाबले 16 कम हो गईं। ऐसे में यह माना जा रहा था कि बीजेपी शायद रूपाणी की जगह किसी दूसरे को राज्‍य की कमान दे। लेकिन, बीजेपी ने दोबारा से विजय रूपाणी और नितिन पटेल की जोड़ी पर भरोसा जताया है। 

 

रंगून में हुआ था जन्‍म 

विजय रूपाणी का जन्‍म 1956 में रंगून (अब यंगून, म्‍यांमार) में हुआ था। रूपाणी जैन बनिया परिवार से हैं। रूपाणी, मायाबेन और रसिकलाल की सातवीं और सबसे छोटी संतान हैं। 1960 में उनका परिवार म्‍यांमार में राजनीतिक अस्थिरता के चलते राजकोट शिफ्ट हो गया। 

 

आगे पढ़ें... किस तरह के विवाद में आया विजय रूपाणी का नाम 

विवादों में भी रहे विजय रूपाणी 

कारोबारी फैमिली से ताल्‍लुक रखने वाले विजय रूपाणी विवादों में भी रहे हैं। 2011 में विजय रूपाणी एचयूएफ (हिंदू अविभाजित परिवार) ने करीब 35 हजार रुपए में सिंगल ट्रांजैक्‍शन के जरिए सारंग केमिकल्‍स को शेयर बेच दिए। विजय रूपाणी एचयूएफ ने 2009 में 63000 रुपए में यह शेयर खरीदे थे। इस तरह, ये शेयर नुकसान में बेचे गए। मार्केट रेग्‍युलेटर सेबी ने विजय रूपाणी एचयूएफ समेत 22 कंपनियों पर जुर्माना लगाया। इन पर आरोप था कि इन लोगों ने सारन केमिकल्स नाम की कंपनी के शेयरों में गलत तरीके से (मैनिपुलेटिव) ट्रेडिंग की। 2017 में सेबी ने इन सभी पर 6.91 करोड़ का जुर्माना लगाया था। रूपाणी परिवार (हिंदू अविभाजित परिवार) पर 15 लाख रुपए का जुर्माना था। हालांकि,  रूपाणी एचयूएफ और 21 अन्य लोगों पर जुर्माना लगाने के सेबी के फैसले को सिक्युरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) ने खारिज कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि सभी पक्षों की बात सुनने के बाद सेबी नया आदेश दे। सेबी ने जुर्माने का फैसला 27 अक्टूबर को दिया था। इसे खारिज करने का ट्रिब्यूनल का आदेश 8 नवंबर का है, जिसे 9 तारीख को वेबसाइट पर डाला गया।

 

आगे पढ़ें... कैसा रहा है रूपाणी का राजनीतिक सफर 

 

 

विजय रूपाणी 1988 से लेकर 1995 तक राजकोट महानगरपालिक में प्रेसिडेंट और मेयर रह चुके हैं। वह 2006 से 2012 तक राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। 2014 में रूपाणी पहली बार राजकोट वेस्ट सीट से चुनाव लड़े और गुजरात सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने ट्रांसपोर्ट, कार्मिक और रोजगार मंत्रालय संभाला। 2016 में उन्हें गुजरात बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया। आनंदीबेन पटेल को हटाने के बाद बीजेपी ने रूपाणी को गुजरात के मुख्यमंत्री पद के लिए चुना था।

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