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इंडस्ट्रियल ग्रोथ 17 महीने के टॉप पर, लेकिन बजट से पहले 5.2 फीसदी महंगाई का झटका

नवंबर में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन की ग्रोथ ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। लेकिन बजट से पहले सरकार को महंगाई का झटका लगा है।

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नई दिल्‍ली. नवंबर में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP)  की ग्रोथ ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। लेकिन बजट से पहले सरकार को महंगाई का झटका लगा है। आईआईपी अपने 17 महीनों के टॉप 8.4 फीसदी पर पहुंच गई है। अक्टूबर में आईआईपी 2.2 फीसदी पर थी। वहीं, खाने-पीने की चीजें महंगी होने से रिटेल महंगाई की दर 5.21 फीसदी पहुंच गई है जो 16 महीने का रिकॉर्ड लेवल है। नवंबर में रिटेल महंगाई 4.88 फीसदी पर थी। सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) की ओर से शुक्रवार को यह आंकड़े जारी किए गए। 

 

 

रेपो रेट बढ़ाने का दबाव

भारतीय रिजर्व बैंक ने रिटेल महंगाई 4 फीसदी के आसपास रहने का अनुमार लगाया था और कहा था कि यह 2 फीसदी ऊपर या नीच हो सकती है। लेकिन 5 फीसदी के ऊपर निकलते ही यह आरबीआई के कंफर्ट जोन के ऊपर निकल गई है। ऐसे में आरबीआई के ऊपर रेपो रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है। रिटेल महंगाई का पिछला हाइएस्ट लेवल 2016 अगस्त में रहा था, जब सीपीआई 5.05 फीसदी रहा था।

 

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई
सब्जियों, अंडे और फूड आइटम में महंगाई दर्ज की गई है। खाद्य महंगाई दर दिसबंद 2017 में 4.96 फीसदी पर आ गई, जबकि यह नवबंर में 4.42 फीसदी पर थी। हालांकि दाल और दलहन के दामों में गिरावट दर्ज की गई। शहरी इलाकों की महंगाई दर 7.36 फीसदी से बढ़कर 8.25 फीसदी रही है। महीने दर महीने के आधार पर कपड़ों और जूतों की महंगाई दर 4.96 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी रही है। महीने के आधार पर दिसंबर में दालों की महंगाई दर -23.53 फीसदी के मुकाबले -23.47 फीसदी पहुंच गई। वहीं, दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 22.48 फीसदी से बढ़कर 29.13 फीसदी हो गई। 

 

मैन्युफैक्चरिंग ने दी इंडस्ट्री को रफ्तार
- मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ महीने दर महीने आधार पर नवबंर में 2.5 फीसदी से बढ़कर 10.2 फीसदी रही है।
-नवबंर में माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ 0.2 फीसदी से बढ़कर 1.1 फीसदी रही है।
- नवबंर में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की ग्रोथ 3.2 फीसदी से बढ़कर 3.9 फीसदी रही है।
- पर नवबंर में कैपिटल गुड्स में ग्रोथ 6.8 फीसदी से बढ़कर 9.4 फीसदी रही है।  
- प्राइमरी गुड्स प्रोडक्शन में ग्रोथ 2.5 फीसदी से बढ़कर 3.2 फीसदी ग्रोथ रही है। 
- इंफ्रा और कंस्‍ट्रक्शन में 13.5 फीसदी ग्रोथ रही है। 

 

कंज्यूमर ड्युरेबल्स गुड्स में ग्रोथ 2.5%
महीने दर महीने आधार पर नवबंर में कंज्यूमर ड्युरेबल्स गुड्स की ग्रोथ -6.9 फीसदी से बढ़कर 2.5 फीसदी रही है। नॉन-ड्युरेबल्स गुड्स की ग्रोथ 7.7 फीसदी से बढ़कर 23.1 फीसदी रही है। वहीं, नवबंर में इंटरमीडिएट गुड्स की ग्रोथ 0.2 फीसदी से बढ़कर 5.5 फीसदी रही है।

 

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