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सुंजवां अटैक: सेना के पास होती ये चीजें, तो बॉर्डर नहीं पार कर पाते आतंकी

नई दिल्‍ली। जम्‍मू के सुंजवां आर्मी कैंप में हमले के बाद पूरा देश सकते में है। हमले की जिम्‍मेदारी लश्‍कर-ए-तायबा ने ली है। मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि आतंकी सीमापर से घुसपैठ करके आए थे। इससे पहले पठानकोट बेस और उड़ी कैंप में हुआ हमला भी सीमा से आए आतंकियों ने अंजाम दिया था। दरअसल कंश्‍मीर में नियंत्रण रेखा की सिचुएशन ऐसी है, जिसके चलते आतंकी आसानी से घुसपैठ कर जाते हैं। यही कारण है कि भारत सरकार ऐसी घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर स्‍मार्ट बाड़ लगा रही है। फिलहाल यह बाड़ पूरी सीमा में नहीं लगा पाई है। बताया जाता है कि बेहद स्‍मार्ट इस बाड़ के लग जाने के बाद आतंकियों का बार्डर पार करना बेहद कठिन होगा। 

 

क्‍या करेगी यह बाड़ 
दरअसल यह बाड़ एक तरह की कई स्‍मार्ट सेंसिंग डिवाइस का पूरा बंडल है। इसके जरिए सीमा पर करने वाली किसी भी चीज की जानकारी सेना को मिल जाएगी। और ऐसे आतंकियों को बॉर्डर पर ही रोक जा सकेगा। आइए जानते हैं क्‍या है यह पूरा सिस्‍टम और कैसे काम करेगा। फिलहाल बीएसएफ क्रॉन सिस्टम्स नाम की कंपनी के जरिए यह बाड़ लगा रही है। टाटा और भेल जैसी कंपनियां भी इसमें मदद कर रही हैं। 


कैसे होगा बाड़ का निर्माण 
इस रिपोर्ट के मुताबिक, बाड़ का निर्माण इलेक्ट्रॉनिक निगरानी वाले उपकरणों से किया जाएगा। इनमें नाइट विजन वाले उपकरणो के साथ हैंड-हेल्ड थर्मल इमेजर्स, बैटिल फ़ील्ड सर्वीलेन्स राडार आदि शामिल होंगे। इसके साथ ही डाइरेक्शन फाइंडर, ग्राउंड सेन्सर, हाई पावर टेलिस्कोप की भी इसमें मदद ली जाएगी। इसके लिए  सीसीटीवी कैमरे और लेजर की दीवारों का भी निर्माण होग। अगर कोई भी बाड़ के नज़दीक आएगा तो तुरंत ही इसकी जानकारी सेंट्रल सर्विलेन्स सिस्टम को मिल जाएगी। दरअसल पूरा सिस्‍टम सेंट्रलाइज तौर पर एक दूसरे से जुड़ा होगा। इसलिए एक उपकरण नाकाम भी होगा तो अन्य उपकरणों के जरिए सेंट्रल सर्विलेन्स व्यवस्था को चेतावनी पहुंच जाएगी। 

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