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मोदी सरकार ने गन्‍ने की कीमत 20 रुपए/क्विंटल बढ़ाई, कैबिनेट में लगी मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में यह फैसला हुआ।

Govt hikes 2018-19 sugarcane fair price by 20 rupees/100 kg says Source

नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने नए गन्‍ना सीजन 2018-19 के लिए गन्‍ने की कीमत 20 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में यह फैसला हुआ। कैबिनेट ने गन्‍ने का एफएआर यानी फेयर एंड रीम्यूनेरेटिव प्राइस 255 रुपए से बढ़ाकर 275 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। किसानों को नई कीमत का फायदा 10 फीसदी रिकवरी होने पर ही मिलेगा। हाल ही में सरकार ने खरीफ फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (एमएसपी) में भारी बढ़ोत्‍तरी की थी। धान का एमएसपी) 200 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ाया था। 

 

 

द कमिशन फॉर एग्रीकल्‍चर कॉस्‍ट्स एंड प्राइसेस (CACP) ने नए गन्ना सीजन (अक्‍टूबर-सितंबर) के लिए जो प्रस्‍ताव कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) को भेजा था, उसमें 20 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ोत्‍तरी की सिफारिश की गई थी। गन्‍ना किसानों के मार्जिन और उत्‍पादन लागत के आधार पर सरकार ने नए सीजन के लिए गन्‍ने की कीमत तय की है। सीएसीपी सरकार की एक सांविधिक इकाई है, जो अहम फसलों की कीमत तय करने में सरकार को सुझाव देती है। आमतौर पर सरकार सीएसीपी की सिफारिशों को स्‍वीकार कर लेती है। 

 

FAR पर गन्‍ना खरीदती हैं चीनी मिलें 

गन्ने की कीमत हर साल खेती का सीजन शुरू होने से पहले घोषित की जाती है। यह गन्‍ने की न्‍यूनतम गारंटीड कीमत होती है, जो किसानों को मिलती है। हालांकि राज्‍य सरकारें अपना राज्‍य समर्थित मूल्‍य (एसएपी) तय करने के लिए स्‍वतंत्र होती हैं। 


रिकवरी 10% रहने पर ही मिलेगा 20 रुपए अधिक 
सरकार ने गन्‍ने की नई कीमत को रिकवरी रेट से लिंक कर दिया है। इसके तहत किसानों को नई कीमत का फायदा 10 फीसदी रिकवरी होने पर ही मिलेगा। रिकवरी का मतलब गन्ने से बनी चीनी की मात्रा होता है। 10 फीसदी रिकवरी तय होने से किसानों को 7-8 रुपए प्रति क्विंटल ही फायदा होने का अनुमान है। 2017 में रिकवरी 9.50 फीसदी रखी गई थी। रिकवरी जितनी कम होती है कीमत भी उतनी कम होती जाती है। रिकवरी बढ़ने पर कीमत बढ़ती है।

 

चीनी उत्‍पादन 10 फीसदी बढ़ने का अनुमान 
इंडस्‍ट्री बॉडी इस्‍मा नके अनुसार अगले विपणन वर्ष में भारत का चीनी उत्‍पादन 10 फीसदी बढ़कर 355 लाख टन के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच सकता है। चीनी उत्‍पादन में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। पहला नंबर ब्राजील का है। चालू विपणन वर्ष (2017-18) में चीनी का उत्‍पादन 322.5 लाख टन के रिकॉर्ड पर पहुंचने का अनुमान है। 

 

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