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मोदी सरकार की इन स्‍कीम्‍स में हो रहा फ्रॉड, आप भी रहें अलर्ट

मुद्रा लोन के लिए शुरू किए गए उद्योग आधार के रजिस्‍ट्रेशन में फ्रॉड देखने को मिला है।

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नई दिल्‍ली. मुद्रा लोन के लिए शुरू किए गए उद्योग आधार के रजिस्‍ट्रेशन में फ्रॉड देखने को मिला है। सरकार की पड़ताल में पता चला है कि मुद्रा लोन लेने के लिए उद्योग आधार का सहारा लिया गया। हालांकि ये लोन फर्जी तरीके से लिए गए। जांच में पया गया कि बिहार में सबसे ज्‍यादा उद्योग रजिस्‍ट्रेशन हुए, वहां बड़ी संख्‍या में मुद्रा लोन भी लिया गया। हालांकि उद्योगों की संख्‍या और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के मामले में बिहार उस स्थिति में नहीं है कि वहां इतनी बड़ी संख्‍या में मुद्रा लोन लिया जाता। 

 

पहली बार नहीं हुआ मोदी सरकार की स्‍कीम के नाम पर फ्रॉड 
यह पहला मौका नहीं है जब मोदी सरकार की किसी स्‍कीम के नाम पर फ्रॉड के मामले सामने आए हैं। इससे पहले भी सरकार की कई योजानाओं के नाम पर इसी तरह के फ्रॉड के केस सामने आए हैं। फ्रॉड के के मामले सामने आने के बाद मोदी सरकार को इन स्‍कीम्‍स से जुड़े नियमों को कड़ा करने पर मजबूर होना पड़ा है। जिन सरकारी योजनाओं में फ्रॉड की मामले सामने आए हैं, उसमें स्‍टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, स्किल डेवलपमेंट के नाम भी शामिल हैं। आइए जानते हैं इन योजनाओं के नाम पर किस तरह के फ्रॉड हुए। इनके पर आप से भी फ्रॉड हो सकता है इसलिए जरूर अलर्ट रहें। 

 

 

उद्योग अधार फ्रॉड 

क्‍या हुआ: लोगों ने इसके जरिए फर्जी तरीके से मुद्रा स्‍कीम में लोन हासिल किया। कई बार तो किसी और के आधार पर किसी और ने उद्योग आधार बनवा लिया और लोन ले लिया। जबकि असली व्‍यक्ति को इसकी खबर ही नहीं हुई। 

 

अब क्‍या: मोदी सरकार ने उद्योग आधार से जुड़े नियम कड़े कर दिए। अब बिना ओटीपी वेरिफिकेशन के उद्योग आधार बनना बंद हो गया।  


 

स्‍टार्टअप इंडिया में फ्रॉड  
 

क्‍या हुआ: टैक्स बेनिफिट जैसी फायदे लेने के लिए कई स्‍टैबेलिस्‍ड कंपनियों ने अपनी सब्‍सी‍डरी बना ली और टैक्‍स छूट का फायदा लिया। इसमें भारतीय कंपनियों के साथ-साथ विदेशी कंपनियां भी शामिल हैं।  

 

अब क्‍या: डीआईपीपी इसे कंपनी की जांच कर रहा है और ऐसी कंपनियों के एप्लीकेशन कैंसल करेगा। इस संबंध में कंपनियों से क्लैरिफिकेशन भी मांगी जाएगी। 

 

 

स्किल डेवलपमेंट में फ्रॉड 
क्‍या हुआ: ​ कई संस्‍थान प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर सरकारी नौकरियां तक ऑफर कर रहे हैं। अप्‍लाई करने वाले लोगों को ऑफर लेटर भेजकर उनसे डॉक्‍यूमेंट तैयार करने या वैरिफिकेशन के नाम पर हजारों रुपए वसूल रहे हैं। ये संस्‍थान खुल कर भारत सरकार सहित विभिन्‍न मंत्रालयों और विभागों के लोगो का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। 


अब क्‍या : नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी एनएसडीसी ने एक लिस्‍ट जारी कर ऐसे संस्‍थानों से बचने की सलाह दी है। इस लिस्‍ट में फर्जी संस्‍थाओं का नाम और पता दिया गया है।  

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