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ऑनलाइन और रिटेल दोनों के लिए रखने होंगे अलग बहीखाते -DIPP

ऑनलाइन और रिटेल दोनों की इंवेंटरी के लिए अलग - अलग बहीखाते रखने होंगे।

Food retail firms need to maintain separate books of accounts

नई दिल्ली। फूड रिटेल फर्म्स को विदेशी इन्वेस्टेमेंट के लिए बहीखाता और वेयरहाउस में इन्वेंटरी के लिए अलग-अलग अकाउंट बुक मेंटेन करनी होगी। अभी सरकार ने रिटेल में 100 फीसदी फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) की इजाजत फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में दे दी है। ऑनलाइन और रिटेल दोनों की इंवेंटरी के लिए अलग - अलग बहीखाते रखने होंगे।

 

रिटेल और ई-कॉमर्स के लिए मेंटेन करने होंगे अलग अकाउंट

 

नॉर्म्स के मुताबिक विदेशी कंपनी इंडिया में रिटेल फूड प्रोडक्ट की सब्सिडयरी कंपनी खोल सकती है। डीआईपीपी ने यह साफ किया है कि फूड प्रोडक्ट रिटेल ट्रेडिंग बिजनेस को अन्य बिजनेस से अलग रखा जाएगा। उसके लिए इन्वेस्टर को अलग बुक भी मेंटेन करनी होगी। इनके लिए अलग बिल भी बनाए जाएंगे। वेयर हाउस में इस इन्वेटरी को अलग रखा जाएगा।

 

सरकार ने अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के फूड प्रोडक्ट के रिटेल बिजनेस में 50 करोड़ डॉलर इन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद अमेरिकी कंपनी को रिटेल और ई-कॉमर्स के लिए अलग-अलग बुक मेंटेन करनी होगी।

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