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फादर्स डे पर पिता को दें 5 गिफ्ट; आप रहेंगे टेंशन फ्री, उनको भी नहीं होगी प्रॉब्‍लम

गिफ्ट में लोग कपड़े, कोई शोपीस, घड़ी, गैजेट जैसी चीजें देना पसंद करते हैं। लेकिन आज के टाइम में ये काफी नहीं हैं।

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नई दिल्‍ली. फादर्स डे नजदीक है, ऐसे में आप अपने पिता को गिफ्ट देने की तैयारी में होंगे। गिफ्ट में लोग ज्‍यादातर कपड़े, कोई शोपीस, महंगी घड़ी, गैजेट जैसी चीजें देना पसंद करते हैं। लेकिन आज के टाइम में ये गिफ्ट देना ही काफी नहीं हैं। आप चाहें तो ऐसे गिफ्ट का चुनाव कर सकते हैं जो आपके पिता को फाइनेंशियली स्‍ट्रॉन्‍ग बनाने के साथ बीमारी में काम भी आए। आइए आपको बताते हैं ऐसे ही 5 गिफ्ट्स के बारे में- 

 

1. PMVVY से करें पेंशन का इंतजाम

प्रधानमंत्री वय वंदन योजना (PMVVY) 60 वर्ष और उससे ऊपर के सीनियर सिटीजंस के लिए एक पेंशन योजना है। कोई भी वरिष्‍ठ नागरिक भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी से यह प्‍लान खरीद सकता है। इसके तहत प्‍लान खरीदने वाले को 10 साल तक एक तय राशि पेंशन के तौर पर मिलती है। स्‍कीम में अधिकतम 15 लाख रुपए तक का निवेश किया जा सकता है। इसके तहत अधिकतम 10,000 मंथली पेंशन मिलती है।

 

पेंशन हर माह या तिमाही, छमाही और सालाना आधार पर ली जा सकती है। 10 साल के बाद यानी प्‍लान मैच्‍योर होने पर पॉलिसीधारक को निवेश की गई पूरी राशि वापस मिल जाएगी। 

 

अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु पॉलिसी अवधि के 10 साल के भीतर हो जाती है तो उसके नॉमिनी को खरीदी मूल्य वापस कर दिया जाएगा। वहीं अगर कोई पॉलिसीधारक आत्महत्या करता लेता है तो उसके नॉमिनी को पूर्ण खरीदी मूल्य का भुगतान किया जाएगा। 

 

इसके अलावा इस पर लोन लेने की भी सुविधा है। यह पॉलिसी के 3 साल पूरे होने के बाद लिया जा सकता है। इस पॉलिसी से यह भी लाभ है कि यदि पॉलिसी अवधि के दौरान गंभीर परिस्थितियों में पॉलिसी को सरेंडर करना है तो यह भी संभव है। गंभीर परिस्थितियों का अर्थ पॉलिसीधारक (पति/पत्नी) को किसी प्रकार की गंभीर बीमारी से पीड़ित हो जाने से है। पॉलिसी सरेंडर करने पर खरीदी मूल्य की 98% राशि वापस की जाती है। इस स्‍कीम में 31 मार्च 2020 तक निवेश किया जा सकता है। 

 

2. हेल्‍थ इंश्‍योरेंस के लिए ग्रुप मेडिक्‍लेम पॉलिसी में करें शामिल

बड़ी उम्र के लोगों के लिए हेल्‍थ इंश्‍योरेंस लेना काफी महंगा सौदा साबित होता है। ऐसे में आप अपने पिता की हेल्‍थ को सिक्‍योर रखने के इंतजाम के लिए ग्रुप मेडिक्‍लेम पॉलिसी की मदद ले सकते हैं। कई कंपनियां ऐसी हैं, जो ग्रुप मेडिक्‍लेम पॉलिसी के तहत अपने इंप्‍लॉइज का हेल्‍थ इंश्योरेंस करती हैं। ये कंपनियां इंप्‍लॉइज की फैमिली को भी इसमें शामिल करने की सुविधा देती हैं। ऐसे में इंप्‍लॉई अपने मां-बाप, पत्‍नी व बच्‍चों का भी हेल्‍थ इंश्‍योरेंस करा सकता है। इसके लिए इंप्‍लॉई को थोड़ा एक्‍स्‍ट्रा अमाउंट खर्च करना होता है। लेकिन आज कल जब बीमारि‍यों का खतरा लगातार बढ़ रहा है तो इलाज के लिए बड़े अमाउंट का इंतजाम करने के लिए थोड़ा एक्‍स्‍ट्रा अमाउंट खर्च करना घाटे का सौदा नहीं है। 

 

आगे पढ़ें- बाकी के गिफ्ट्स के बारे में

3. FD

सभी बैंकों में सीनियर सिटीजन को FD पर तय ब्‍याज से कुछ फीसदी ज्‍यादा ब्‍याज मिलता है। ऐसे में आप अपने पिता को फाइनेंशियली स्‍ट्रॉन्‍ग रखने के लिए उनके नाम पर FD भी करा सकते हैं। सीनियर सिटीजन के लिए इस वक्‍त बैंकों में 8.30 फीसदी तक का ब्‍याज मिल रहा है। वहीं अगर आप किसी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशन (NBFC) में FD कराते हैं तो वहां सीनियर सिटीजन के लिए 8.75 फीसदी तक का ब्‍याज मौजूद है।

 

आगे पढ़ें- सीनियर सिटीजन सेविंग्‍स अकाउंट भी है ऑप्‍शन  

4. सेविंग्‍स अकाउंट

आप चाहें तो अपने पिता के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग्‍स अकाउंट भी खुलवा सकते हैं। लगभग हर बैंक में यह अकाउंट मौजूद होता है। इसमें सीनियर सिटीजन के लिए रेगुलर सेविंग्‍स अकाउंट पर तय ब्‍याज से थोड़े ज्‍यादा ब्‍याज की सुविधा होती है। पोस्‍ट ऑफिस में भी सीनियर सिटीजन सेविंग्‍स अकाउंट खुलवाया जा सकता है। वहां इस पर मौजूदा ब्‍याज दर 8.3 फीसदी सालाना है। 

 

आप चाहें तो फ्लेक्‍सी अकाउंट या स्‍वीप इन फैसिलिटी की सुविधा भी ले सकते हैं। इस के तहत सेविंग्‍स अकाउंट में एक तय लिमिट से ज्‍यादा अमाउंट होने पर अतिरिक्‍त राशि एफडी में कन्‍वर्ट हो जाती है। उस राशि पर FD के लिए तय ब्‍याज मिलता है। कई बैंक रेगुलर सेविंग्‍स अकाउंट में ही स्‍वीप इन की सुविधा देते हैं तो कुछ में इसके लिए अलग से सेविंग्‍स अकाउंट खोले जाते हैं। 

 

आगे पढ़ें- पोस्‍ट ऑफिस मंथली इनकम स्‍कीम

5. पोस्‍ट ऑफिस मंथली इनकम स्‍कीम (MIS) 

MIS भी एक अच्‍छा ऑप्‍शन हो सकता है। इसमें 1500 रुपए के मिनिमम अमाउंट से निवेश किया जा सकता है। सिंगल अकाउंट होल्‍डर के लिए निवेश की अधिकतम सीमा 4.5 लाख और ज्‍वॉइंट में 9 लाख रुपए है। इस पर ब्‍याज दर 7.3 फीसदी सालाना है। इसे मंथली बेसिस पर हासिल किया जा सकता है, जो एकमुश्‍त मंथली इनकम बन सकता है।

 

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