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मरीजों को रेल टिकट पर मिलती है 100% तक छूट, AC में भी कर सकते हैं सफर

मरीजों के साथ-साथ उनके साथ सफर करने वाले एक सहायक की टिकट पर भी यह छूट लागू होती है।

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नई दिल्‍ली. भारतीय रेलवे कुछ विशेष लोगों को ट्रेन से सस्‍ते में सफर कराता है। इस कैटेगरी में 13 तरह के लोग आते हैं, जिनमें बुजुर्गों और दिव्‍यांगों के अलावा कुछ खास बीमारियों के मरीज भी शामिल हैं। मरीज अपने इलाज के लिए एक शहर से दूसरे शहर आ जा सकें और उन पर किराए का बोझ थोड़ा कम पड़े, इसके लिए रेलवे उन्‍हें ट्रेन टिकट पर 100 फीसदी तक की छूट देता है। मरीजों के साथ-साथ उनके साथ सफर करने वाले एक सहायक की टिकट पर भी यह छूट लागू होती है। आइए आपको बताते हैं कि किन बीमारियों के मरीजों को रेलवे किराए से राहत उपलब्‍ध कराता है- 

 

कैंसर के मरीज

अगर किसी को कैंसर है तो उसे इलाज या समय-समय पर होने वाले चेकअप के लिए आने-जाने के लिए ट्रेन टिकट पर 50 से 100 फीसदी तक की छूट मिलती है। अगर वह अकेला नहीं है और उसकी देखभाल के लिए कोई एक व्‍यक्ति उसके साथ है तो उस व्‍यक्ति को भी टिकट पर छूट मिलती है। कैंसर के मरीज को ट्रेन के सेकंड, फर्स्‍ट क्‍लास और एसी चेयर कार में सफर पर 75 फीसदी, स्‍लीपर और 3AC में सफर करने पर 100 फीसदी और 1AC और 2AC में सफर करने पर 50 फीसदी की छूट मिलती है।  

 


थैलेसीमिया, दिल और किडनी के मरीज

थैलेसीमिया एक आनुवांशिक बीमारी है। इसके चलते शरीर में हीमोग्‍लोबिन के बनने में गड़बड़ी पैदा हो जाती है और मरीज को बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है। इसके मरीज और उसके एक सहायक को इलाज या चेकअप के लिए ट्रेन से आने-जाने पर टिकट पर छूट मिलती है। वहीं दिल की बीमारी से पीडित लोगों को हार्ट सर्जरी के लिए और किडनी पेशेंट्स को किडनी ट्रांसप्‍लांट ऑपरेशन या डायलिसिस के लिए अकेले या एक सहायक के साथ ट्रेन टिकट पर छूट मिलती है। यह छूट इस तरह होती है- 

 

- सेकंड क्‍लास, स्‍लीपर, फर्स्‍ट क्‍लास, 3AC,ACचेयर कार में सफर के लिए 75 फीसदी 
- 1AC और 2AC में 50 फीसदी

 

हीमोफीलिया पेशेंट्स

हीमोफीलिया में खून का थक्का बनना बंद हो जाता है। इसके चलते जब शरीर का कोई हिस्सा कट जाता है खून ज्‍यादा समय तक बहता रहता है। इसमें मरीज की जान भी जा सकती है। इस बीमारी से पीडित मरीजों को भी इलाज या चेकअप के लिए ट्रेन टिकट पर छूट मिलती है, जो सेकंड, स्‍लीपर, फर्स्‍ट क्‍लास, 3AC, AC चेयर कार में सफर करने पर 75 फीसदी रहती है। एक सहायक की टिकट पर भी यही छूट रहती है। 

 

आगे पढ़ें- टीबी और एड्स पेशेंट भी लिस्‍ट में 

टीबी और नॉन इन्‍फेक्‍शन वाले कुष्‍ठ रोग के मरीज

टीबी और नॉन इन्‍फेक्शियस कुष्‍ठ रोग के पीडितों को भी रेलवे इलाज के लिए सस्‍ते में आने-जाने को लेकर टिकट पर छूट देता है। इसके तहत सेकंड, स्‍लीपर और फर्स्‍ट क्‍लास में अकेले या एक सहायक के साथ सफर करने पर टिकट पर 75 फीसदी छूट मिलती है। 

 

एड्स पेशेंट

एड्स के मरीजों को नॉमिनेटेड आर्ट सेंटर्स में इलाज, चेकअप के लिए ट्रेन से आने-जाने के लिए टिकट पर 50 फीसदी छूट मिलती है। यह छूट सेकंड क्‍लास से सफर के लिए होती है। 

 

आगे पढ़ें- ये मरीज भी शामिल

सिकल सेल एनीमिया और एप्‍लासिटक एनीमिया के मरीज

इन दोनों बीमारियों के पीडितों को इलाज और चेकअप के लिए ट्रेन से आने-जाने पर टिकट में 50 फीसदी की छूट मिलती है। यह छूट स्‍लीपर, AC चेयर कार, AC 3 टीयर और AC 2 टीयर क्‍लासेज से सफर में लागू होती है।

 

ऑस्‍टोमी के मरीज

ऑस्‍टोमी के मरीजों को किसी भी उद्देश्‍य के लिए ट्रेन से सफर करने पर 50 फीसदी छूट मिलती है। हालांकि यह छूट उनके मासिक और तिमाही पास पर होती है। इसके अलावा उनके साथ एक सहायक के लिए भी यह छूट लागू होती है। 

 

सोर्स- http://www.indianrailways.gov.in/railwayboard/uploads/directorate/traffic_comm/Passenger_Information_2018/concession%20list.pdf

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