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NCLAT ने वालमार्ट-फ्लिपकार्ट से पूछा-इंडिया में क्या होगा बिजनेस मॉडल, 20 सितंबर तक देना है जवाब

नेशनल कंपनी लॉ अपीलेेेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने वालमार्ट और फ्लिपकार्ट से उनके बिजनेस मॉडल की जानकारी मांगी है।

NCLAT inquire about Walmart flipkart business model

नई दिल्ली। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने वालमार्ट और फ्लिपकार्ट से उनके बिजनेस मॉडल की जानकारी मांगी है। दरअसल, वालमार्ट-फ्लिपकार्ट डील के खिलाफ कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने एनसीएलएटी में अपील की थी। इस मामले की सुनवाई के बाद एनसीएलएटी ने वालमार्ट इंटरनेशनल होल्डिंग इंक से जानकारी मांगी है कि वह इंडिया में उनके काम करने का क्या तरीका होगा। वालमार्ट और फ्लिपकार्ट को इसका जवाब 20 सितंबर तक देना है। अब इस मामले में एनसीएलएटी में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।

 

 

वालमार्ट और फ्लिपकार्ट के खिलाफ ट्रेडर्स

फ्लि‍पकार्ट और अमेरि‍का की कंपनी वॉलमार्ट की डील को कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडि‍या (CCI) ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही वालमार्ट की ओर से 16 अरब डॉलर में फ्लि‍पकार्ट में 77 फीसदी हि‍स्‍सेदारी लेने का रास्‍ता साफ हो गया है। डील को मंजूरी मि‍लने के बाद कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा है कि‍ वह इस फैसले के खि‍लाफ कोर्ट में अपील भी कर दी है।

 

 

28 सितंबर को ट्रेडर्स करेंगे देश बंद

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के जनरल सेक्रेटरी प्रवीण खंडेलवाल ने moneybhaskar को बताया कि ट्रेडर्स 28 सितंंबर को एक देशव्यापी भारत बंद करेंगे। इसके अलावा डील के खिलाफ समर्थन जुटाने और रिटेल में एफडीआई को अनुमति न दिए जाने की मांग को लेकर 15 सितंंबर से दिल्ली से ट्रेडर्स की रथ यात्रा शुरू करेंगे जो देश के 28 राज्यों में निकाली जाएगी। 16 दिसंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय व्यापारी रैली की जाएगी।

 

 

आखिर ट्रेडर्स क्यों कर रहे हैं विरोध

ट्रेडर्स का कहना है कि वॉलमार्ट भले ही देश में ऑनलाइन मार्केट के जरिए एंट्री कर रही है लेकिन आगे चलकर वह ऑफलाइन बाजार में आएगी। खंडेलवाल का कहना है कि ऐसी कंपनियां दुनिया में से कहीं से भी सामान लाएंगी और देश को डंपिंग ग्राउंड बना देंगी। भारतीय रिटेलर्स के लिए लेवल प्‍लेइंग फील्‍ड समान नहीं रहेगा और वे कॉम्पिटीशन में पिछड़ जाएंगे। उनका बिजनेस बर्बाद हो जाएगा। उनका कहना है कि देश में इस वक्‍त लगभग 7 करोड़ रिटेलर्स हैं, जिनमें से लगभग 3 करोड़ रिटेलर्स को इस डील से सीधे तौर पर नुकसान होने वाला है।

 

 

क्‍या है वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील?

अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट भारत की ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट में 75 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीदी है। फ्लिपकार्ट के बोर्ड ने इस डील को मंजूरी भी दे दी है। इस सौदे की कीमत करीब 1 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबि‍क, वॉलमार्ट के साथ गूगल-पेरेंट कंपनी अल्‍फाबेट इंक भी इस इन्‍वेस्‍टमेंट में हि‍स्‍सा ले सकती है।

 

 

 

 

 

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