Home » Economy » Policyगुजरात विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2017 - बिजनेस सेंटर में जीती भाजपा Gujarat election result 2017

गुजरात: बिजनेस हब में लहराया BJP का परचम, नहीं दिखा GST का निगेटिव इम्‍पैक्‍ट

गुजरात विधानसभा चुनावों में अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वडोदरा जैसे बिजनेस सेंटर्स पर भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है....

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नई दिल्‍ली. गुजरात विधानसभा चुनाव में अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वडोदरा जैसे बिजनेस सेंटर्स पर भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। ये शहर जीएसटी के निगेटिव इम्‍पैक्‍ट की सबसे ज्‍यादा चपेट में आए थे। देश के सबसे बड़े टेक्‍सटाइल हब सूरत की ही बात करें तो यहां जीएसटी के खिलाफ करीब 2 हफ्ते तक फैक्ट्रियां बंद रहीं थी। ऐसे में माना जा रहा था कि चुनाव के दौरान इन सेंटर्स पर भाजपा को भारी नुकसान होगा। हालांकि नतीजों ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि ये बिजनेस सेंटर अब भी गुजरात में उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। पार्टी को अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वडोदरा में 70 फीसदी से ज्‍यादा सीटें मिलीं। हालांकि मिल्‍क प्रोडक्‍शन के लिए पूरी दुनिया में मशहूर आणंद जिले में कांग्रेस, भाजपा पर भारी रही। जबकि बाकी के सेंटर्स में वह सम्‍मान बचाने में भी कामयाब नहीं हो पाई है।    

 

दांव पर थी भाजपा की साख 
इस चुनाव में मोदी की साख के अलावा भाजपा का विकास मॉडल भी दांव पर था। पिछले करीब 22 साल के दौरान बिजनेस सेंटर के तौर पर उभरे यहां के कुछ शहरों ने भाजपा के गुजरात मॉडल को पूरे देश में फेमस कर दिया था। ये बिजनेस सेंटर राजनीतिक तौर पर बीजेपी के लिए हमेशा से अहम रहे। बीजेपी को इन शहरों से हमेशा वोट और विधानसभा सीटें दोनों बड़े पैमाने पर मिलती रहीं।  

 

अहमदाबाद 

किसलिए फेमस: टेक्‍सटाइल और मैन्‍युफैक्‍चरिंग 

2017: गुजरात के इस सबसे बड़े बिजनेस हब से भाजपा को सबसे बड़ी जीत मिली है। जिले की 21 में से 15 सीटों पर भाजपा ने कब्‍जा किया, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ 6 सीटे आईं। 

2012: पिछली बार भाजपा को 16 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को 5 सीटों से संतोष करना पड़ा था।  


सूरत

किसलिए फेमस: डायमंड और टेक्‍सटाइल 

2017: गुजरात का दूसरा बड़ा बिजनेस सेंटर। सूरत पूरे देश में टेक्‍साइल इंडस्‍ट्री के लिए मशहूर है। जीएसटी को लेकर यहां के ट्रेडर्स में काफी नाराजगी भी देखने को मिली थी। इसके बाद भी शहर की 5 में से 4 सीटें भाजपा की झोली में गईं। वहीं पूरे जिले की बात करें तो कुल 16 में से भाजपा ने 15 सीटें जीती, जबकि कांग्रेस के हिस्‍से में सिर्फ एक सीट आई।

2012: 16 में से 15 सीट भाजपा की झोली में, जबकि कांग्रेस को 1 सीट मिली थीं।     


राजकोट 

किसलिए फेमस: ज्‍वैलरी, सिल्‍क एम्‍ब्रॉयडरी और वाच पार्ट  
2017- पार्टी को यहां भी बड़ी सफलता मिली है। सभी 4 शहरी सीटें भाजपा के खाते में गईं। जबकि 4 ग्रामीण सीटों में वह 2 जीतने में सफल रही सीएम रुपानी राजकोट से जीते हैं। 
2012- भाजपा को सिर्फ 4 सीटों से संतोष करना पड़ा था, जबकि कांग्रेस के हिस्‍से में 4 सीट गई थीं। 


वडोदरा 

किसलिए फेमस: पेट्रोकैमिकल, फॉर्मास्युटिकल, बायोटेक 
2017- यहां पार्टी को बड़ी सफलता मिली। वडोदरा सिटी से पार्टी जीतने मे कामयाब रही। ग्रामीण इलाकों की 9 सीटों में 7 पर बड़े अंतर से जीती। यहां उसे 10 में से 8 सीटें मिली हैं।  
2012- पार्टी को 10 में से 9 सीटें मिलीं थी। एक मात्र सावली सीट पर उसे इंडिपेंडेंट कैंडीडेट से हार का सामना करना पड़ा था  

 

आणंद 

किसलिए फेमस: मिल्‍क प्रोडक्‍शन 
2017: गुजरात के इस बिजनेस सेंटर में भाजपा को 2 सीटें मिली हैं। पार्टी आणंद विधानसभा सीट हार गई, हालांकि उसने उमरेठ सीट कांग्रेस से छीनी।  

2012: 6 से चार सीटें कांग्रेस की झोली में गई थीं। इस हिसाब से प्रदर्शन ठीक रहा। 

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