Home » Economy » PolicyIndia's First Non-Engineered Train T18 Built In Just 18 Months

18 महीने में बनी भारत की पहली बिना इंजन वाली ट्रेन, 100 करोड़ रु आई कॉस्ट

160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है T-18

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नई दिल्ली। भारत की पहली बिना इंजन वाली ट्रेन T-18 बनकर तैयार है। सोमवार को चेन्नई में इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर ट्रायल के लिए चलाया गया। 100 करोड़ रुपए की लागत में बनी यह ट्रेन भारत में विकसित, ऊर्जा बचाने वाली और बिना इंजन की ट्रेन का सोमवार को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहान ने लोकापर्ण किया जिसके बाद सफेद रंग की यह ट्रेन कुछ दूर तक चली। अधिकारी का दावा है कि T-18 नाम की यह रेलगाड़ी भारतीय रेलवे के लिए गेमचेंजर साबित होगी। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस का विकल्प बनेगी। अगले महीने से इसका ट्रायल शुरू होगा।

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सिर्फ 18 महीने में बन गई यह ट्रेन

रेलवे अधिकारी का कहना है कि इस खासियत वाली ट्रेन को बनाने में कम से कम 3 से 4 साल का समय लग जाता है लेकिन इसे सिर्फ 18 महीने में ही तैयार कर लिया गया है।

 

यह है ट्रेन-18 की खासियत

इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे और 1,128 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसमें अलग से कोई पावर कार नहीं होगी। हर दूसरा कोच मोटरयुक्त होगा, जिससे उसकी गति को तेजी से घटाया या बढ़ाया जा सकता है। यह ट्रेन 20 फीसदी कम कार्बन उत्सर्जित करेगी।

 

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देश की सबसे तेज चलनी वाली ट्रेन

इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा है। जबकि ट्रॉयल के दौरान इसे 176 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया। ये ट्रेन मेट्रो ट्रेन की तरह है। ट्रेन के दोनों छोर पर ड्राइवर केबिन है। इससे इंजन को रिवर्स करने में वक्त की बर्बादी को रोका जा सकेगा। जल्द ही ट्रेन को लंबे रूट पर चलाया जाएगा।

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