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सर्विस सेक्‍टर की ग्रोथ पड़ी सुस्‍त, मई में PMI तीन माह के निचले स्‍तर पर

सर्विस सेक्‍टर की गतिविधि में कमी की वजह नए बिजनेस ऑर्डरों में गिरावट और फ्यूल की ऊंची कीमतों के चलते लागत का बढ़ना रहा।

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नई दिल्‍ली. मई माह में देश के सर्विस सेक्‍टर की गतिविधि में पिछले तीन महीनों में पहली बार सुस्‍ती दर्ज की गई। इसके चलते निक्‍केई इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्‍स (PMI) गिरकर 49.6 पर आ गया। अप्रैल 2018 में यह 51.4 था। इससे पहले फरवरी में इंडेक्‍स 50 अंक के स्‍तर से नीचे गया था। PMI का 50 अंक से नीचे जाना सेक्‍टर में सुस्‍ती और इस स्‍तर से ज्‍यादा रहना बढ़ोत्‍तरी को दर्शाता है। 

 

नए बिजनेस ऑर्डरों में गिरावट और फ्यूल की ऊंची कीमतें बनीं वजह 

सर्विस सेक्‍टर की गतिविधि में आई कमी की वजह नए बिजनेस ऑर्डरों में गिरावट और फ्यूल की ऊंची कीमतों के चलते लागत का बढ़ना रहा। हालांकि अच्‍छी बात यह रही कि बिजनेस सेंटीमेंट जनवरी 2015 के बाद से सबसे ज्‍यादा मजबूत रहा। आगे के साल में डिमांड बेहतर होने की उम्‍मीद इसका कारण रही। 
 

इकोनॉमी में सुधार की रफ्तार फरवरी के बाद रही सबसे कम 

रिपोर्ट की लेखिका और IHS मार्किट में अर्थशास्त्री आश्‍ना डोढिया के मुताबिक, फरवरी के बाद मई में पूरी भारतीय इकोनॉमी में सुधार की रफ्तार सबसे कम दर्ज की गई। इस पर दुनियाभर में तेल की उच्‍च कीमतों का भी असर दिखा। इस बार प्राइवेट सेक्‍टर में पिछले तीन माह में सबसे ज्‍यादा इनपुट कॉस्‍ट दर्ज की गई। रोजगार के मोर्चे पर पर भी सर्विस गतिविधि कम रहने का असर दिखा। मई माह में जॉब ग्रोथ सीमित रही, जो अप्रैल में 7 साल के उच्‍च स्‍तर पर थी। 
 

कंपोजिट PMI भी गिरकर 50.4 पर 

सर्विस PMI के अलावा मैन्‍युफैक्‍चरिंग और सर्विस सेक्‍टर दोनों की गतिविधि मापने वाले कंपोजिट PMI में भी गिरावट दर्ज की गई। निक्‍केई इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्‍स मई में गिरकर 50.4 पर आ गया। अप्रैल 2018 में यह 51.9 पर था।  
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