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भारत के इस गांव में लोग जीते हैं लग्जरी लाइफ, सड़कों पर चलती है मर्सडीज और बीएमडब्लू, आज के दिन यहां होता है बड़ा आयोजन

गांव के हर घर के कम से कम एक व्यक्ति विदेश में बसा है

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नई दिल्ली। जब भी हम गांव की बात करते हैं तो जहन में कच्चे-पक्के मकान, बैल गाड़ी, धूल भरे रास्ते, खेत ही आते है। आज हम आपको भारत के एक ऐसे गांव को बारे में बताने जा रहे हैं जो शहर से किसी भी मामले में कम नहीं है। इस गांव में ना तो कच्चे मकान हैं और ना ही धूल भरे रास्ते। इस गांव की सड़कों पर मर्सडीज और बीएमडब्लू जैसी महंगी गाड़ियां दौड़ती है। हम बात कर रहे हैं गुजरात के धर्मज गांव की। यहां के लोग शहरी और ग्रामीण दोनों तरह की जिन्दगी जीते हैं।

 

जानिए इस गांव में क्या सब है

धर्मज गांव की सबसे बड़ी खासियत है उसकी संपन्नता। खास बात यह है कि यह गांव बिना किसी सरकारी मदद के इतना संपन्न हुआ है। विदेश में बसे धर्मज के लोग अपने गांव के विकास के लिए जी भरकर पैसे भेजते हैं। इसका असर गांव के माहौल पर भी दिखता है। देश का यह शायद पहला गांव होगा जिसके इतिहास, वर्तमान और भूगोल को व्यक्त करती कॉफी टेबलबुक प्रकाशित हुई है। इस गांव की खुद की वेबसाइट है। गांव का अपना गीत भी है। गांव वाले बताते हैं कि ब्रिटेन में उनके गांव के कम से कम 1500 परिवार, कनाडा में 200 अमेरिका में 300 से ज्यादा परिवार रहते हैं। गांव वालों के अनुसार, धर्कज के हर परिवार के कम से कम पांच लोग विदेशों में बसे हुए हैं। इसका हिसाब किताब रखने के लिए बकायदा एक डायरेक्टरी भी बनाई गई है, जिसमें कौन कब जाकर विदेश बसा उसका पूरा लेखा जोखा है। 

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गांव में प्राइवेट बैंक और निजी स्कूल 


यहां दर्जनभर से ज्यादा प्राइवेट और सरकारी बैंक हैं, जिनमें ग्रामीणों के नाम ही एक हजार करोड़ से ज्यादा की रकम जमा है। गांव में मैकडॉनल्ड जैसे पिज्जा पार्लर भी हैं। इसके अलावा कई बड़े नामी रेस्टॉरेंट की फ्रेंचाइजी भी यहां है। इसके अलावा आयुर्वेदिक अस्पताल से लेकर सुपर स्पेशिलिएटी वाले हॉस्पिटल भी गांव में हैं।

हर साल मनाया जाता है धर्मज-डे 


गांव वाले हर साल 12 जनवरी को धर्मज-डे सेलिब्रेट करते हैं, जिसमें शामिल होने के लिए दुनिया के कोने-कोने में बसे गांव के एनआरआई पूरे परिवार के साथ आते हैं। वो महीनों तक यहां रहते हैं और मौज-मस्ती करते हैं। अपने बच्चों को गांव की संस्कृति से रूबरू कराते हैं। 

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