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अब ट्रॉमा के लाखों मरीजों की बचेगी जान, भारत में होगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित सर्जरी

भारत में लेकर आया मेडअचीवर्स और लैबइंडिया हेल्थकेयर

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नई दिल्ली : प्रशिक्षित डॉक्टर्स की कमी के कारण मरीजों को होने वाली परेशानियां अब आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के आ जाने से खत्म हो जाएगी। मेडअचीवर्स अकादमिक काउंसिल (मेडअचीवर्स का एक ग्लोबल इनिशिएटिव) और लैबइंडिया हेल्थकेयर एकसाथ मिलकर भारत में पहली बार 'ओपन ऑर्थोपेडिक सर्जरी सिम्युलेटर' लेकर आए हैं जो कि मेडिकल क्षेत्र में एक बेहद खास तकनीक है।

 

इससे ट्रेंड डॉक्टर्स की संख्या में बढ़ोत्तरी भी 

डॉक्टर हर्षवर्धन, फाउंडर एन्ड मैनेजिंग डायरेक्टर, मेडअचीवर्स के अनुसार, 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित यह सिम्युलेटर रीढ़ और घुटने की सर्जरी, बेसिक हीलिंग और ट्रॉमा में इस्तेमाल आएगा। इससे कई लोगों की जानें बचेंगी जो कुछ निश्चित डोमेन में प्रशिक्षित डॉक्टर्स की कमी के कारण दुर्भाग्यवश नहीं बच पाती थी।' वे आगे बताते हैं, भारत स्पाइनल इंज्यरी, ट्रॉमा आदि के मामले बहुत आगे हैं और हमें अपडेटेड और ट्रेंड डॉक्टर्स चाहिए। इस तरह की तकनीकें कुछ डोमेन में कुशलता प्राप्त करने में हमारी मदद करेंगी और साथ ही इससे हमारे पास ट्रेंड डॉक्टर्स की संख्या में भी बढ़ोत्तरी होगी। इस काउंसिल के तहत मेडअचीवर्स हेल्थकेयर के क्षेत्र में जीनोमिक्स, ऑफ्थैल्मोलॉजी और मैनेजमेंट स्किल्स जैसे प्रोग्राम्स की शुरुआत कर रहा है।

विजेंद्र उपाध्याय, मैनेजिंग डायरेक्टर, लैबइंडिया हेल्थकेयर का कहना है, 'ट्रेनिंग की कमी से होने वाली मरीजों की मौत को रोकने के लिए मेडअचीवर्स, लैबइंडिया हेल्थकेयर के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में अपना पहला सेंटर खोलने वाला है। साथ मिलकर हम अन्य शहरों में भी सेंटर खोलेंगे ताकि भारत में मरीज़ों और सर्जन्स के लिए एक बेहतर स्थिति बनाई जा सके।' यह तकनीक कनाडा की एक कंपनी, ऑस्सीमटेक द्वारा बनाई गई है।

 

 

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भारत में इस तरह के सेंटर खोलने की योजना

 

यह ट्रेनिंग मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे ग्रेजुएट और अंडर-ग्रैजुएट्स को भी दी जाएगी। मेडअचीवर्स और लैबइंडिया अगले तीन महीने में भारत में इस तरह के 6 और सेंटर खोलने की योजना बना रहे हैं जिसे वे टायर 1, 2 और 3 शहर के पब्लिक और प्राइवेट मेडिकल स्कूलों में ले जाना चाहते हैं। हर सेंटर को बनाने की लागत करीब 5 से 10 लाख डॉलर आएगी।

डॉक्टर हर्षवर्धन के अनुसार, 'भारत में, सामान्य और ट्रॉमा मामलों की सर्जरी के लिए जितने प्रशिक्षित डॉक्टर्स चाहिए, उससे काफी कम हैं। इस कोर्स से स्पेशल ट्रेनिंग प्राप्त डॉक्टर्स की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी ताकि भारत के सैंकड़ों अस्पतालों में बीमार पड़े मरीज़ों की सही तरह से देखभाल की जा सके। इस ट्रेनिंग से मेडिकल एक्सपर्ट्स सर्जरी करते समय अपनी स्किल्स का मूल्यांकन भी कर सकते हैं क्योंकि इसमें परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स सेट करने की सुविधाएँ भी मौजूद हैं।'

 

 

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भारत में अभी ह्यूमन सर्जरी की ट्रेनिंग, प्रैक्टिस और ट्रेनिंग के मिले-जुले अनुभव द्वारा ही होती है एक बेहतर विकल्प के लिए मेडअचीवर्स एकैडेमिक काउंसिल ने बेसिक हीलिंग, रीढ़ और घुटने की सर्जरी, ट्रॉमा मॉड्यूल के लिए एक प्रैक्टिस ट्रेनिंग कोर्स की शुरआत की है जिसके लिए उन्होंने एकेडमी फॉर ट्रेनिंग ऑन मेडिकल सिम्युलेशन को लांच किया है। यहां विद्यार्थी मॉड्यूल्स पर सिम्युलेटर के इस्तेमाल से प्रैक्टिस कर सकते हैं जो उन्हें कई पैरामीटर पर फीडबैक भी देगा। भारत की यह पहली ऐसी ट्रेनिंग है जो आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस सिम्यूलेटर पर आधारित है और जो रियल टाइम सर्जरी एनवायरनमेंट बनाकर एक बेहतर ट्रेनिंग मुहैया कराता है।

 

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