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1 जनवरी से स्विस बैंकों में जमा की मिलने लगेगी जानकारी, समझौते पर हुए हस्‍ताक्षर

ब्‍लैकमनी पर मोदी सरकार को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

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नई दिल्‍ली। ब्‍लैकमनी पर मोदी सरकार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के मुताबिक भारत ने स्विट्जरलैंड के साथ एक एग्रीमेंट साइन कर लिया है। इसके तहत अगले साल 1 जनवरी से स्विट्जरलैंड टैक्‍स से जुड़ी जानकारियां भारत के साथ साझा करेगा। यह जानकारी सीबीडीटी की ओर से दी गई। इसमें कहा गया है कि, भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आपसी समझौता हुआ है। इसके तहत 1 जनवरी 2018 से दोनों देश जानकारियों  का आदान - प्रदान करेंगे। इस एग्रीमेंट पर इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के लिए पॉलिसी बनाने वाली बॉडी सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चांद्रा और भारत में मौजूद स्विस एंबेसडर एंड्रेस बायूम ने हस्‍ताक्षर किए हैं।


पिछले महीने दी थी मंजूरी

स्विट्जरलैंड की पार्लियामेंट ने पिछले महीने ही उस पैक्ट को मंजूरी दे दी थी, जिसमें वहां के बैंक अकाउंट में जमा होने वाली पैसा की जानकारी भारत सरकार को रियल टाइम बेसिस पर मिलेगी। इसे ऑटोमैटिक इन्फॉर्मेशन एक्सचेंज पैक्ट कहा गया है। पैक्ट भारत के अलावा 40 दूसरे देशों से भी किया गया है।

 

कैसे काम करेगा नेटवर्क

- इस पैक्ट के तहत अगर किसी भारतीय का स्विस बैंक में अकाउंट है तो इस बारे में बैंक अथॉरिटी को फाइनेंशियल अकाउंट डाटा की पूरी जानकारी देंगे। इसके बाद अथॉरिटी इस डाटा को भारत सरकार के पास ट्रांसफर कर देगी। जिसके बाद भारत में उस अकाउंट होल्डर की पर्सनल डिटेल के बारे में पता लगाया जाएगा। जिसमें उसकी इनकम, उसके द्वारा दिए जाने वाले टैक्स आदि की जानकारी शामिल होगी।

 

इन सूचनाओं का ट्रांसफर हो सकता है

-जिन सूचनाओं का ट्रांसफर किया जा सकता है उनमें खाता संख्या, नाम, पता, जन्म की तारीख, टैक्‍स पहचान संख्या, ब्याज, लाभांश, बीमा पालिसियों से प्राप्ति, खाते में शेष और वित्तीय परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्ति शामिल है।

 

2019 से मिलेगी रियल टाइम जानकारी

- पैक्‍ट 2018 में लागू होना है और 2019 से भारत सरकार को डाटा मिलने लगेगा। गजट नोटिफिकेशन के बाद ही माना जा रहा था कि रियल टाइम डाटा मिलना अब तय है। गजट के फैक्‍टशीट के मुताबिक, स्विस सरकार भारत के इन्‍श्‍योरेंस और फाइनेंशियल सेक्‍टर में और ज्‍यादा रीच बढ़ाना चाहती है। इसके तहत भारत को स्विस बैंक खातों में होने ट्रांजेक्‍शन की रियल टाइम इन्‍फॉर्मेशन मिलती रहेगी।

 

स्विटजरलैंड में सबसे ज्यादा ब्लैकमनी

- स्विट्जरलैंड को उन देशों में गिना जाता रहा है, जहां भारत की सबसे ज्‍यादा ब्‍लैकमनी जमा है। G20, OECD के साथ अन्‍य ग्‍लोबल ऑर्गनाइजेशंस के दायरे में टैक्‍स के मसले पर भारत और स्विस सरकार के बीच लंबी बातचीत के बाद यह पैक्‍ट सामने आया था। इससे पहले स्विस गवर्नमेंट ने कहा था कि भारत ने इन पैक्‍ट को लागू करने के लिए जरूरी कमिटमेंट दिखाया है।  

 
 
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