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शिमला जाने वाली ट्रेन की बढ़ी रफ्तार, अब सफर में नहीं बिताने पड़ेंगे घंटों

अब ट्रेन में सफर के दौरान चाय के साथ पॅापकार्न और मखाने मिलेगा

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नई दिल्ली।

 

शिमला जाने वाले सैलानियों को अब टॅाय ट्रेन में घंटों का समय नहीं बिताना पड़ेगा। कालका-शिमला हैरिटेज ट्रैक पर अब ट्रेन की स्पीड बढ़ाई जाएगी। यह बात रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात के दौरान कही है। उन्होंने कहा 'कालका-शिमला हैरिटेज ट्रैक पर अब टॉय ट्रेन की स्पीड 25 किमी से बढ़ाकर 35 किमी प्रति घंटा की जाएगी। भविष्य में इसे 50 किमी प्रतिघंटा तक ले जाने के प्रयास होंगे।' दरअसल, शिमला के मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि इस समय कालका शिमला रेलवे मार्ग पर रेल की गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा है जिसे बढ़ाए जाने की जरूरत है। इसके अलावा मुख्यमंत्री चाहते हैं शिमला स्थित हवाई अड्डे के नजदीक रेलवे की जमीन पर एक कॅाम्प्लेक्स कम मल्टीस्टोर कार पार्किंग बनाया जाए।

 

सफर के दौरान चाय के साथ पॅापकार्न और मखाने मिलेगा

भारतीय रेलवे अब लोगों में स्वास्थ्य के प्रति आई जागरूकता को देखते हुए चाय के साथ स्नैक्स के तौर पर ऐसी चीजें पेश करने जा रहा है, जो न सिर्फ हेल्थ के लिए अच्छी हों बल्कि पैकेट बंद हों और साफ सुथरी भी हों। इस बात की जानकारी आईआरसीटीसी ने दी है। अब सभी ट्रेनों में यात्रियों को सफर के दौरान हेल्दी स्नैक्स ही  दिया जाएगा। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाएगा कि यात्रियों पर खर्च का बोझ ना बढ़ें। आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि कुछ ट्रेनों में यात्रियों को पॅाप कॅार्न देना शुरू कर दिया गया है, नमकीन के साथ ही गुड़ वाले पॅापकार्न भी शामिल है। जल्द ही इसे सभी ट्रेनों में लागू कर दिया जाएगा।  वहीं अब सूप को बंद कर दिया गया है। आलू वाले समोसे की जगह भी मसाले वाला समोसा लाया जा रहा है, जो छोटा होगा लेकिन उसके दो पीस होंगे और बंद पैकेट में होंगे। 

 

आईआरसीटीसी के एक अधिकारी के मुताबिक जल्द ही यह भी कोशिश हो रही है कि चाय भी रेडीमेड यानी पैकेट में चीनी, चाय और दूध का मिक्सचर वाला पैकेट ही यात्रियों को दिया जाए। इससे ट्रेन में सामान सप्लाई करने में भी आसानी होगी और खराब भी नहीं होगा।

 

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विस्टाडोम कोच जोड़ा गया

 

वर्ल्ड हेरिटेज ट्रेन में सैलानियों के अनुभव को और बेहतर करने के लिए विस्टाडोम कोच जोड़ा गया है। इस कोच में पारदर्शी छत व खिड़कियां है। इस पारदर्शी कोच में बैठकर पर्यटक कालका से शिमला तक आने वाली वादियों को चारों ओर से निहार सकेंगे। 96 किमी लंबे इस ट्रैक पर सफर के दौरान यात्री वादियों के प्राकृतिक सौंदर्य को और नजदीक से देख सकेंगे। इस विशेष कोच को रेलगाड़ी में जोड़कर शिमला ट्रायल के लिए भेज गया था, जिसे ट्रायल पूरी होने के बाद हरी झंडी मिल गई है। ब 15 दिसंबर आप इस ट्रेन में सफर कर सकते हैं। विस्टाडोम कोच को 15 दिसंबर तक आम लोगों के लिए चलाए जाने का फैसला लिया है। कालका-शिमला ट्रेन सैलानियों के अनुभव को और बेहतर करने के लिए विस्टाडोम कोच जोड़ा गया है। इस कोच में पारदर्शी छत व खिड़कियां है। इस पारदर्शी कोच में बैठकर पर्यटक कालका से शिमला तक आने वाली वादियों को चारों ओर से निहार सकेंगे। 

96 किमी लंबे इस ट्रैक पर सफर के दौरान यात्री वादयों के प्राकृतिक सौंदर्य को और नजदीक से देख सकेंगे। इस विशेष कोच को रेलगाड़ी में जोड़कर शिमला ट्रायल के लिए भेज गया था, जिसे ट्रायल पूरी होने के बाद हरी झंडी मिलने के बाद अब इसे आम लोगों के लिए चलाया जाएगा। हम बता दें कि अभी विस्टाडोम कोच विशाखापट्टनम -अरकू वैली और महाराष्ट्र में दादर- करमाली के बीच पर्यटक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। यहां यह ट्रेनें ब्रॉडगेज पर चल रही हैं।

 

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162 सुरंगें हैं आकर्षण का केंद्र


उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार नेेे कहा कि देश में पहली बार कालका शिमला के बीच विस्टाडोम कोच  नैरोगेज लाइन पर जोड़े जा रहे हैं। इस ट्रेन का सफर 95.5 किलोमीटर का होगा। इस सफर में 162 सुरंग और 889 पुल आएंगे जिसमें काफी सुरंगे हेरिटेज सुरंग में शामिल है। गौरतलब है कि विश्व धरोहर में शामिल ऐतिहासिक कालका-शिमला रेलवे मार्ग पिछले महीने 115 साल का हो गया। 9 नवंबर, 1903 को कालका से शिमला रेलमार्ग की शुरुआत हुई थी। देश-विदेश के सैलानी शिमला आने के लिए इसी रेलमार्ग से टॉय ट्रेन में सफर का आनंद लेते हैं।

 

 

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