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पड़ोसी को भी बेच सकेंगे अपना ब्राडबैंड डाटा, पांच-पांच रुपये में ले सकेंगे इंटरनेट का मजा

ब्रांडबैंड डाटा को रिसेल करने की जल्द होगी शुरुआत

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नई दिल्ली।

जल्द ही ब्राडबैंड डाटा को आप रिसेल कर पाएंगे। सरकार ने इसकी इजाजत दे दी है। अभी तक ब्राडबैंड डाटा को रिसेल की इजाजत नहीं थी। सरकार के इस फैसले  के साथ ही पब्लिक कॉल ऑफिसेज (पीसीओ) के तर्ज पर पब्लिक डाटा ऑफिसेज (पीडीओ) खुलने के रास्ता साफ हो गया। अब उन सभी जगहों पर पीडीओ खुल सकेंगे जहां ब्राडबैंड की सुविधा है। पीडीओ के माध्यम से उपभोक्ता महज दो से पांच रुपये खर्च करके भी डाटा का इस्तेमाल कर पाएगा। पीडीओ के माध्यम से डाटा इस्तेमाल के लिए उपभोक्ता को सिर्फ एक बार अपना ऑथेंटिकेशन करना होगा। उसके बाद उपभोक्ता किसी भी पीडीओ से बिना ऑथेंटिकेशन के डाटा का इस्तेमाल कर पाएंगे। अगले दो-तीन महीनों में पीडीओ लगने के काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि पीडीओ के माध्यम से अगले एक साल में 1 करोड़ हॉट स्पॉट लगाने का काम संभव हो पाएगा।

 

ब्राडबैंड कनेक्शन वालों को फायदा

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन आर.एस. शर्मा ने बताया कि ट्राई ने सस्ते दामों पर आम जनता को डाटा सुविधा मुहैया कराने के लिए पीडीओ मॉडल की सिफारिश सरकार से की थी। लेकिन डाटा को रिसेल की इजाजत के बगैर यह संभव नहीं था। टेलीकॉम संबंधित मामलों की सर्वोच्च बॉडी टेलीकॉम कमीशन ने डाटा को रिसेल करने की इजाजत दे दी। उन्होंने बताया कि अब ब्राडबैंड कनेक्शन रखने वाला कोई भी व्यक्ति राउटर लगाकर पीडीओ खोल सकता है और अपने पड़ोसी को भी डाटा बेच सकता है। पीडीओ बनने के लिए उसे टेलीकॉम विभाग में पंजीयन कराना होगा। पीडीओ लगने से एक नए प्रकार के रोजगार निकलेंगे और ब्राडबैंड के डेड प्वाइंट कमर्शियल हो जाएंगे।

 

आगे पढ़ें : कैसे काम करेगा यह मॉडल 

 

कैसे काम करेगा यह मॉडल

शर्मा ने बताया कि जैसे ओला-उबर टैक्सी के एग्रीगेटर्स होते हैं, वैसे ही पीडीओ के एग्रीगेटर्स होंगे। उनसे कई पीडीओ जुड़े होंगे। वहां उपभोक्ता जाकर अपनी सुविधा के मुताबिक दो से पांच रुपये तक में डाटा का इस्तेमाल कर पाएगा। एक बार कोई उपभोक्ता किसी भी पीडीओ से आथेंटिकेट हो जाता है, यानी कि जुड़ जाता है तो देश के किसी भी हिस्से में जाने पर पीडीओ से डाटा का इस्तेमाल करने के लिए उपभोक्ता को कोई औपचारिकता नहीं निभानी होगी। 

 

 

ऐसे कर सकेंगे शुरू 

शर्मा ने बताया कि किसी भी जगह पर चाहे गांव हो या शहर अगर फिक्स्ड लाइन की सुविधा है तो वहां मात्र 1200 रुपये के राउटर के साथ पीडीओ सेवा आरंभ की जा सकती है। गांवों में अगर बिजली नहीं है, लेकिन ब्राडबैंड की लाइन है तो वहां सोलर पैनल के माध्यम से पीडीओ सेवा शुरू हो जाएगी।शर्मा ने बताया कि ट्राई ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देश के कुछ हिस्सों में पीडीओ सेवा अपने स्तर पर शुरू की थी जिसका परिणाम काफी सकारात्मक रहा। अब देश के सभी कॉमन सर्विस सेंटर में पीडीओ सेवा आरंभ करने की बात चल रही है।

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