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भारत में हो रहे रिफॉर्म फायदेमंद, इकोनॉमिक पावरहाउस बनने में मिलेगी मदद: IMF

भारत द्वारा किए जा रहे सुधार सफल रहे हैं और लोगों को फायदा पहुंचा रहे हैं।

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वाशिंगटन. भारत द्वारा किए जा रहे सुधार सफल रहे हैं और लोगों को फायदा पहुंचा रहे हैं। इससे आगे भी ऐसे कदम उठाए जाने के लिए माहौल बन रहा है। यह बात इंटरनेशनल मॉने‍टरी फंड (IMF) के फर्स्‍ट डिप्‍टी मैनेजिंग डायरेक्‍टर डेविड लिप्‍टन ने कही है। वह IMF और वर्ल्‍ड बैंक की स्प्रिंग मीटिंग के इतर बोल रहे थे। 

 

उन्‍होंने कहा कि अवरोधों के बावजूद भारत में GST के लागू होने से एक ठोस पब्लिक फाइनेंस खड़ा होने में मदद मिल रही है। बैंकों की परेशानी को दूर करने के लिए हाल में उठाए गए कदम महत्‍वपूर्ण हैं। डिजिटल आईडी टेक्‍नोलॉजी और अन्‍य स्‍ट्रक्‍चरल रिफॉर्म अच्‍छी ग्रोथ और भारत को एक इकोनॉमिक पावरहाउस बनाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण कदम हैं। 

 

इस वित्‍त वर्ष में 7.4% ग्रोथ का अनुमान

लिप्‍टन ने कहा कि अभी भी कुछ और चीजें करना बाकी है लेकिन जो कुछ हुआ है उससे भारत को निश्चित रूप से फायदा मिल रहा है। भारत द्वारा किए गए रिफॉर्म सफल रहे हैं और यह हमें ग्रोथ परफॉरमेंस में दिखता है। भारत की पिछले साल की ग्रोथ 6.7 फीसदी थी। अब हम इस वित्‍त वर्ष में 7.4 फीसदी और अगले वित्‍त वर्ष में 7.8 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं। यह एक अच्‍छी रफ्तार है और यह देश के लिए बहुत मायने रखती है। 

 

टिकाऊ और जीवन स्‍तर बेहतर करने वाली ग्रोथ हासिल करना है लक्ष्‍य 

भारत का लक्ष्‍य टिकाऊ और ऐसी ग्रोथ हासिल करना है, जो लोगों के जीवन स्‍तर को बड़े पैमाने पर बेहतर बनाए। अभी तक जो सुधार हुए हैं उनसे फायदा पहुंचा है और इससे आगे भी ऐसे और सुधारों के लिए माहौल तैयार हुआ है। भारत जैसे बड़े देश को पब्लिक फाइनेंसेज को नियंत्रण में रखने के लिए काफी सजग रहना होता है। इसकी वजह है कि देश के राजस्‍व से जुड़ी समस्‍याओं से आर्थिक गतिविधि में आई कोई भी रुकावट पीछे धकेल देती है। 

 

भारत में समावेशन थोड़ा मुश्किल 

यह पूछे जाने पर कि क्‍या ये सुधार पर्याप्‍त रूप से समावेशी हैं, लिप्‍टन ने कहा कि डिजिटल आईडी टेक्‍नोलॉजी के चारों ओर बन रहा इकोसिस्‍टम इस मामले में बड़ी मदद कर सकता है। भारत में इन्‍क्‍लूजन की समस्‍या देश के बड़े आकार, ज्‍यादातर आबादी का सुदूर क्षेत्रों में रहने और कुछ बहुत ज्‍यादा आबादी वाले शहरी इलाकों की जटिलता की वजह से थोड़ी ज्‍यादा मुश्किल है। उम्‍मीद है कि भारत में नई टेक्‍नोलॉजी आबादी की इस दूरी से पार पाने में मदद कर सकती हैं और समावेशन को प्रमोट कर सकती हैं। 

 

आधार कार्ड नई लेकिन फायदेमंद टेक्‍नोलॉजी 

आधार कार्ड टेक्‍नोलॉजी पर लिप्‍टन ने कहा कि यह अपेक्षाकृत नई है और काफी फायदेमंद प्रतीत होती है। यह आबादी के बीच की भौगोलिक दूरी और इनक्‍लूजन को प्रमोट करने में भी मदद कर सकती है। 

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