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गोरेपन की लड़ाई अब कोर्ट में लड़ेंगे दो दिग्‍गज, 2 रुपए और 10 ग्राम का फर्क है

देश की दो दि‍ग्‍गज कंपनि‍यां अब कोर्ट में दो-दो हाथ करती नजर आ सकती हैं।

HUL files caveat petition in High Court against Emami

नई दि‍ल्‍ली। मार्केट में एक दूसरे को कड़ी टक्‍कर दे रहीं देश की दो दि‍ग्‍गज कंपनि‍यां अब कोर्ट में दो-दो हाथ करती नजर आ सकती हैं। हिन्‍दुस्‍तान यूनीलि‍वर (HUL) ने मुंबई हाईकोर्ट में इमामी कंपनी के खि‍लाफ कैवि‍एट याचि‍का दाखि‍ल की है क्‍योंकि‍ एचयूएल को यह अंदेशा है कि‍ इमामी उसके नए वि‍ज्ञापन के खि‍लाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। कैवि‍एट पि‍टीशन उस कंडीशन में दाखि‍ल की जाती है जब कि‍सी को लगता है उनके खि‍लाफ कोई मुकदमा दायर कि‍या जा सकता है। एचयूएल ने फेयरनैस क्रीम के अपने नए वि‍ज्ञापन में इमामी फेयर एंड हैंडसम क्रीम को नि‍शाने पर लि‍या है। 


2 रुपए का फर्क है 
दोनों कंपनि‍यों ने मर्दों की फेयरनैस से जुड़े उत्‍पाद मार्केट में उतारे हैं। एचयूएल की मर्दों की फेयर एंड लवली क्रीम मार्केट में है, जि‍सकी 50 ग्राम की ट्यूब की एमआरपी 128 रुपए है। वहीं इमामी फेयर एंड हैंडसम के नाम से मर्दों की फेयरनैस क्रीम बेचती है, जि‍सकी 60 ग्राम की एमआरपी 130 रुपए है। दोनों क्रीमों में क्‍वालि‍टी, दावों के अलावा 10 ग्राम और 2 रुपए का फर्क है। 


दरअसल HUL ने अपनी फेयर एंड लवली मेंस फेयरनैस क्रीम का नया वि‍ज्ञापन लॉन्‍च कि‍या है, जि‍समें इमामी की फेयर एंड हैंडसम क्रीम से मि‍लती जुलती क्रीम को नीचा दि‍खाते हुए इस क्रीम को बेहतर बताया गया है। अब HUL को लगता है कि‍ इस वि‍ज्ञापन के खि‍लाफ इमामी जल्‍द ही कोर्ट जाएगी, जि‍सकी वजह से HUL ने कोर्ट में कैविएट पि‍टीशन दायर की है। 


पहली बार नहीं कि‍या ऐसा
वर्ष 2010 में HUL ने अपने वाशिंग पाउडर रि‍न के एक वि‍ज्ञापन में सीधे सीधे प्रोक्‍टर एंड गैंबल के टाइड नेचुरल को नि‍शाना बनाया था। प्रोक्‍टर एंड गैंबल की याचि‍का पर सुनवाई करते हुए कोलकाता हाईकोर्ट ने इस वि‍ज्ञापन पर रोक लगा दी थी। 


इस याचि‍का को दाखि‍ल करने का मतलब ये है कि अगर HUL के खि‍लाफ कि‍सी तरह का मुकदमा दायर होता है तो कंपनी को अपना पक्ष रखने के लि‍ए बुलाया जाए और मामले की सुनवाई एकतरफा ना हो। ऐसे में इस बात के चांस बढ़ जाते हैं कि कोर्ट तुरंत वि‍ज्ञापन पर रोक नहीं लगाएगी और फैसला आने तक HUL इसे दि‍खाता रहेगा। 


इकोनॉमि‍क्‍स टाइम्‍स की खबर के मुताबि‍क, इमामी का कहना है कि‍ वह अभी वह एचयूएल के नए वि‍ज्ञान का आकलन कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर वाजि‍ब एक्‍शन लि‍या जाएगा। 

 

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