Home » Economy » PolicyPM Modi inaugurates Defence Expo 2018

डिफेंस एक्सपो 2018: सशस्त्र सेनाओं को मजबूत करने के लिए हर कदम उठाएंगे: PM मोदी

पीएम मोदी ने गुरुवार को तमिलनाडु के तिरुविदंतई में हो रहे डिफेंस एक्‍सपो 2018 का उद्घाटन किया।

1 of

नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शांति को लेकर हमारी प्रतिबद्धता उतनी ही मजबूत है जितना कि हमारी जनता और सीमा की सुरक्षा को लेकर है। इसके लिए हम स्‍ट्रैटजिक रूप से स्वतंत्र डिफेंस इं‍डस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापना करने के साथ सशस्त्र सेनाओं को हथियारों से लैस करने के लिए हर कदम उठाने को तैयार हैं। पीएम मोदी ने गुरुवार को तमिलनाडु के तिरुविदंतई में हो रहे डिफेंस एक्‍सपो 2018 का उद्घाटन किया। उन्‍होंने कहा कि मई 2014 में 57.5 करोड़ डॉलर (करीब 3750 करोड़ रुपए) के 118 एक्‍सपोर्ट परमिशन को मंजूरी दी गई। जबकि इसके बाद चार साल से भी कम समय में 1.3 अरब डॉलर (करीब 8450 करोड़ रुपए) के 794 एक्‍सपोर्ट परमिशन जारी की गईं। 

   

 

पॉलिसी पैरालिसिस खत्‍म किया 
पीएम मोदी ने क‍हा कि एक समय था जब डिफेंस जरूरतों के अहम मसले पॉलिसी पैरालिसिस के चलते अटके रहते थे। हमने इस तरह के लचर, अक्षमता या शायद कुछ छिपे हुए मकसद के चलते हुए नुकसान को देख चुके हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं और दोबारा कभी होगा भी नहीं। हाल ही में मल्‍टी रोल कॉम्‍बैट एयरक्रॉफ्ट (एमएमआरसीए) डील को खत्‍म करने का हवाला देते हुए उन्‍होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि बिना किसी नतीजे के कोई चर्चा 10 सालों तक चलती रहे। लंबे समय से इस फाइटर एयरक्रॉफ्ट को खरीदने की बातचीत चल रही थी जो किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। हमने अपनी महत्‍वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने के लिए न केवल साहसिक फैसला किया, बल्कि 110 फाइटर एयरक्रॉफ्ट खरीदने का नया प्रॉसेस भी शुरू कर दिया। 
 

महान चोलों के देश में यहां बहुत खुश हूं

पीएम मोदी ने कहा, मैं महान चोलों के देश में यहां बहुत खुश हूं, जिन्होंने व्यापार और शिक्षा के माध्यम से भारत की ऐतिहासिक सभ्यता के संबंध स्थापित किए। उन्होंने कहा कि घरेलू डिफेंस इंडस्‍ट्री को बढ़ावा देने के लिए रक्षा खरीद प्रक्रिया में विभिन्न विशेष प्रावधानों को शामिल किया गया है। पीएम मोदी ने कहा, यही वह जगह है जहां से भारत ने पूर्व की ओर देखना शुरू किया। इतनी सारी कंपनियों को देख कर मुझे काफी हर्ष है। यह भारत की रक्षा क्षमताओं को दिखाने का मंच है।  देश में निर्माण कर दूसरे देशों को बेचने की रक्षा रणनीति पहले किसी भी समय की तुलना में आज सबसे अधिक सुदृढ़ है।

 

150 से ज्‍यादा विदेशी कंपनियां 
इस बार 701 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें 539 भारतीय और 163 विदेशी फर्म हैं। अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा भारतीय फर्म हिस्सा ले रही हैं। जबकि विदेशी कंपनियों में 20% की कमी आई है। हालांकि अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस की टॉप डिफेंस कंपनियां हिस्सा ले रही है। एक्सपो में भारत का लैंड, एयर और नेवल सिस्टम का लाइव डेमोस्ट्रेशन होगा। 155 एमएम एडवांस आर्टिलरी गन धनुष, तेजस जेट्स, अर्जुन मार्क-2 टैंक को भी प्रदर्शनी में रखा गया है। ब्रिज बनाने वाले टैंक (बीएटीज) भी शामिल किए गए हैं। 10 अप्रैल से शुरू हुआ यह एक्सपो 14 अप्रैल तक चलेगा। आखिरी दिन इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा। इस बार एक्सपो की थीम ‘भारत: रक्षा निर्माण में उभरता हुआ हब’रखी गई है।

 
55 हजार करोड़ के रक्षा उपकरणों का निर्माण किया: रक्षा सचिव 
रक्षा मंत्रालय के सचिव अजय कुमार ने बताया, "एक्सपो के जरिए हम दुनिया को भारत में हो रहे रक्षा निर्माण की क्षमता दिखाना चाहते हैं। हम रक्षा निर्माण में तेजी से बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि हमने बीते साल 55 हजार करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों का निर्माण किया। हम अपने प्रॉडक्ट को निर्यात करने की संभावनाएं भी टटोल रहे हैं।"

 

गोवा से 25% बड़ा 

एग्जीबीशन 2.9 लाख वर्ग फीट में हो रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा एक्सपो है। गोवा से 25% बड़ा है। एक्सपो में 70% स्पेस भारतीय फर्म के लिए है। इसमें 20% जगह एमएसएमई ने बुक की है। भारतीय पैवेलियन 35 हजार वर्ग फीट में है। इसमें निजी और सार्वजनिक फर्म अपने प्रॉडक्ट दिखाएंगे।

 

ये टॉप भारतीय फर्म
टाटा, एलएंडटी, कल्याणी, भारत फोर्ज, महिंद्रा, एमकेयू, डीआरडीओ, एचएएल, बीईएल, गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, गोवा शिपयार्ड, हिंदुस्तान शिपयार्ड के अलावा आर्डिनेंस कंपनियों ने भी रजिस्ट्रेशन कराया है।

 

ये इंटरनेशनल कंपनियां
लॉकहीड मार्टिन, बोइंग (यूएस), साब (स्वीडन), एयरबस, राफैल (फ्रांस), रोसोनबोरान एक्सपोर्ट्स, यूनाइटेड शिपबिल्डिंग (रूस), बीएई सिस्टम्स (यूके), शिबत (इजरायल), वॉर्टशिला (फिनलैंड) जैसी बड़ी फर्म हिस्सा ले रही हैं।

 

टाटा, एलएंडटी, कल्याणी, भारत फोर्ज, महिंद्रा, एमकेयू, डीआरडीओ, एचएएल, बीईएल, गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, गोवा शिपयार्ड, हिंदुस्तान शिपयार्ड के अलावा आर्डिनेंस कंपनियों ने भी रजिस्ट्रेशन कराया है।

लॉकहीड मार्टिन, बोइंग (यूएस), साब (स्वीडन), एयरबस, राफैल (फ्रांस), रोसोनबोरान एक्सपोर्ट्स, यूनाइटेड शिपबिल्डिंग (रूस), बीएई सिस्टम्स (यूके), शिबत (इजरायल), वॉर्टशिला (फिनलैंड) जैसी बड़ी फर्म हिस्सा ले रही हैं।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट