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बंद नहीं हुई है 8% सरकारी सेविंग्‍स बॉन्‍ड स्‍कीम: वित्‍त मंत्रालय की सफाई

नई दिल्‍ली. वित्‍त मंत्रालय ने सफाई दी है कि केंद्र सरकार 8 फीसदी सरकारी सेविंग्‍स बॉन्ड स्‍कीम को बंद नहीं कर रही है। इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी (डीईए) सुभाष चंद्र गर्ग ने मंगलवार को यह स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि भारत सरकार 8 फीसदी वाली सेविंग्‍स बॉन्ड स्कीम के लिए सब्सक्रिप्शन (खरीद) को बंद नहीं कर रही है, बल्कि इसकी जगह पर 7.75 फीसदी वाली नई सेविंग्‍स बॉन्ड स्कीम ले आई है। डीईए गर्ग ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। 

इससे पहले, सोमवार को वित्त मंत्रालय कहा था कि सरकार 2 जनवरी से इन बॉन्ड्स का सब्‍सक्रिप्‍शन खत्म करने जा रही है। पिछले हफ्ते वित्‍त मंत्रालय ने कई स्‍माल सेविंग स्‍कीम्‍स पर ब्‍याज दरों में 0.20 फीसदी की कटौती कर दी। 

 

नई स्‍कीम ने ली जगह 

गर्ग ने ट्वीट किया, "8 फीसदी सेविंग्‍स बॉन्ड स्कीम, जिसे आरबीआई बॉन्ड स्कीम के नाम से भी जाना जाता है, बंद नहीं हो रही है। 8 फीसदी की स्कीम की जगह 7.75 फीसदी की स्कीम ने ले ली है।" बता दें, 2003 में सरकार ने बॉन्ड जारी किए थे। इन पर 8 प्रतिशत ब्याज दिया जाता है। 

 

वित्‍त मंत्रालय का आया था बयान 

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि 8 फीसदी जीओआई सेविंग्‍स (टैक्‍सेबल) बॉन्ड, 2003 का सबस्क्रिप्शन 2 जनवरी, 2018 से बंद हो जाएगा। हालांकि, मंगलवार को इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी ने ट्वीट कर स्‍पष्‍ट किया कि 8 फीसदी सेविंग्‍स बॉन्‍ड बंद नहीं हुआ है, इन्‍हें 7.75% सेविंग बॉन्ड स्कीम से बदला गया है। 

 

निवेश की लिमिट नहीं थी 

केंद्र सरकार की ओर से रिटेल इन्‍वेस्‍टर्स को आकर्षित करने के लिए यह बॉन्ड लाया गया था। यह बांड 21 अप्रैल, 2003 को खुला था। इसकी मैच्‍योरिटी छह साल की थी। इसमें निवेश की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं थी। ये बॉन्ड्स बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, सेवानिवृत्त और निश्चित आय की चाहत रखने वालों के लिए पहली पसंद रहते हैं।

 

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