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मोदी सरकार खोल सकती है 40 करोड़ नए पीएफ अकाउंट, श्रम मंत्रालय कर रहा है विचार

आयुष्मान भारत स्कीम के बाद दूसरी सबसे बड़ी स्कीम हो सकती है यह योजना

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नई दिल्ली।

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (पीएफ) सुविधा की शुरुआत कर सकती है। अभी PF की सुविधा का लाभ मुख्य रूप से संगठित क्षेत्र के लोग ही उठा रहे हैं। हाल ही में श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने नई दिल्ली में आयोजित ईपीएफओ के एक कार्यक्रम में इस बात के संकेत दिए। अगर ऐसा होता है तो असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लगभग 40 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिल सकता है। मंत्रालय के मुताबिक पिछले दो साल में एक करोड़ लोग ईपीएफओ से जुड़ गए हैं। मंत्रालय के मुताबिक लगभग 6 करोड़ लोग संगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं जबकि लगभग 40 करोड़ लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं।

मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक सरकार असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को पीएफ की सुविधा देने के लिए एक विशेष फंड का निर्माण कर सकती है। इस फंड से उनकी भविष्य निधि में सरकारी सहायता दी जाएगी। सरकार इस काम को शुरू करने से पहले इस प्रकार के असंगठित क्षेत्रों के उद्यमियों से बातचीत करने की तैयारी में है। निर्माण क्षेत्र (कंस्ट्रक्शन) में लाखों की संख्या में ऐसे लोग काम करते हैं जिन्हें पीएफ की सुविधा नहीं मिलती है। इन लोगों को पीएफ की सुविधा देने के लिए सरकार कंस्ट्रक्शन कंपनियों से बात कर रही है।

 

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क्लेम की ऑनलाइन सुविधा

श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गंगवार के मुताबिक भविष्य निधि, पेंशन एवं बीमा के संबंध में ईपीएफओ लाभार्थियों के दावों का निपटारा करने के काम में तेजी लाने के लिए सेवाओं को डिजिटल करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के तहत लाने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले सदस्यों को दावा जमा करने के लिए लंबी दूरियों की यात्रा करनी पड़ती थी अब उनमें कमी आएगी और वे अपने दावों के संबंध में हुई प्रगति की भी ऑनलाइन जांच कर सकेंगे।

 

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85 लाख नए कर्मचारियों को लाभ

श्री गंगवार ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरएवाई) के अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। इस योजना से लगभग 85 लाख नए कर्मचारियों को लाभ पहुंचा है और इस योजना में सरकार ने 2405 करोड़ रुपये का अंशदान किया है। यह योजना नए रोजगार देने के लिए नियोक्ताओं को प्रेरित करने के लिए शुरू की गई है। सरकार नए कर्मचारियों को तीन साल के लिए नियोक्ता का 12 प्रतिशत अंशदान (8.33 ईपीएस+3.67 ईपीएफ) दे रही है।

श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुताबिक अब कर्मचारियों को सभी दावे ऑनलाइन प्राप्त हो रहे हैं। नियोक्ता उनके अंशदान ऑनलाइन जमा कर रहे हैं और पेंशनभोगी अपने जीवन प्रमाण पत्र डिजिटली प्राप्त कर रहे हैं। ईपीएफओ ने कामकाज को आसान बनाने में देश की रैंकिंग में सुधार करने में योगदान दिया है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ईपीएफओ सामाजिक सुरक्षा की पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। एक साल में ऑनलाइन दावे पांच प्रतिशत से बढ़कर पचास प्रतिशत से भी अधिक हो गए हैं।

 
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