Advertisement
Home » Economy » PolicyCentral govt employees to benefit from new NPS rules

पेंशन स्कीम में सरकार ने किया बदलाव, 36 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

पेंशन में सरकार ने अपना योगदान 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी किया

1 of

नई दिल्ली.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया। उन्होंने नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में बड़े बदलावों की घोषणा की। अब इस योजना के तहत पेंशन में सरकार कर्मचारियों की बेसिक सेलरी का 14 फीसदी योगदान देगी। पहले सरकार का योगदान 10 फीसदी था। कर्मचारियों का योगदान 10 फीसदी ही रहेगा। पहले इस योजना से केंद्र सरकार के 36 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस वजह से वित्‍त वर्ष 2019-20 के दौरान राजकोष पर लगभग 2840 करोड़ रुपए का भार पड़ने का अनुमान है। 6 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया था, लेकिन राज्य चुनावों के चलते इसकी घोषणा अब की गई।

इस योजना को जनवरी, 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए लॉन्च किया गया था। लेकिन 2009 में इसे सभी क्षेत्रों के लिए खोल दिया गया। सोमवार काे वित्त मंत्री ने इस स्कीम में और भी बदलावों के बारे में घोषणा की।

 

वित्त मंत्री ने की यह घोषणाएं

 

1. सरकार ने रिटायरमेंट के बाद NPS में से पैसा निकालने पर लगने वाला टैक्स भी हटा दिया है। अभी तक के नियमों के मुताबिक कोई भी कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद अपनी कुल पेंशन में से 60 फीसदी निकाल सकता है। बाकी 40 फीसदी को किसी वार्षिक प्लान में इंवेस्ट किया जाना होता है, जिस पर आपको नियमित पेंशन मिलती है। इस 60 फीसदी में से 40 फीसदी पर रिटायरमेंट के समय टैक्स नहीं लगता है, जबकि 20 फीसदी पर टैक्स के दायरे में आता है। अब नए नियमों के मुताबिक यह पूरा 60 फीसदी धन टैक्स फ्री रहेगा।

 

2. NPS में इंवेस्टमेंट करने के बारे में वित्त मंत्री ने एक और टैक्स बेनिफिट की घोषणा की। NPS में दो तरह के अकाउंट बनाए जा सकते हैं। टियर-1 अकाउंट से खाताधारक 60 वर्ष की उम्र तक पैसा नहीं निकाल सकता है। टियर-2 अकाउंट स्वैच्छिक सेविंग्स अकाउंट होता हैजिसमें से खाताधारक कभी भी पैसा निकाल सकता है। नए नियमों के अनुसार अगर NPS के टियर-2 अकाउंट में निवेश किया जाता है तो यह सेक्शन 80C के लिए मान्य होगा।

 

3. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग NPS टियर-2 अकाउंट में निवेश कर रहे हैंउन्हें निवेश के लिए इक्विटी और डेट के अधिक विकल्प मिलेंगे।

 

आगे पढ़ें-  इन बदलावों के प्रमुख प्रभावों के बारे में 

 

 

 

प्रमुख प्रभाव

 

-एनपीएस के दायरे में आने वाले केन्‍द्र सरकार के सभी कर्मचारियों की अंतिम संचित राशि में वृद्धि होगी।


-कर्मचारियों पर कोई अतिरिक्‍त बोझ पड़े बगैर ही सेवानिवृत्ति के बाद उन्‍हें मिलने वाली पेंशन राशि बढ़ जायेगी।


-केन्‍द्र सरकार के कर्मचारियों को पेंशन फंडों और निवेश के स्‍वरूप या रूपरेखा के चयन में आजादी मिलेगी।


-एनपीएस के दायरे में आने वाले केन्‍द्र सरकार के लगभग 18 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे।


-जीवन प्रत्‍याशा बढ़ने की स्थिति में वृद्धावस्‍था सुरक्षा बढ़ जायेगी।


-एनपीएस को और ज्‍यादा आकर्षक बनाने से सरकार को सर्वोत्‍तम प्रतिभाओं को आकर्षि‍त करने एवं उन्‍हें सेवा में बनाये रखने में आसानी होगी।

 

आगे पढ़ेंक्या है NPS स्कीम

 

 

NPS स्कीम

इस स्कीम के तहत कोई भी कर्मी अपने कार्यकाल के दौरान एक पेंशन अकाउंट में निवेश कर सकता है। रिटायर होने पर खाताधारक अपनी एक मुश्त रकम में से कुछ हिस्सा निकाल सकता है और बाकि धनराशि से कोई वार्षिक प्लान खरीद सकता है जिसमें महीने की नियमित आय की व्यवस्था हो सके।

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Advertisement
Don't Miss