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11 करोड़ आयुष्‍मान कार्ड घर-घर पहुंचाएगी सरकार, आपको मिलेगा 5 लाख रु. तक का फ्री इलाज

इसके लिए गांवों में चलाया जाएगा आयुष्‍मान पखवाड़ा प्रोग्राम...

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नई दिल्‍ली. मोदी सरकार की महत्‍वाकांक्षी योजना आयुष्‍मान भारत हेल्‍थ इंश्‍योरेंस स्‍कीम (Ayushman Bharat Scheme) के तहत सरकार लगभग 11 करोड़ फैमिली कार्ड प्रिन्‍ट कराएगी। लाभार्थियों को इन कार्ड्स की हैंड डिलीवरी की जाएगी यानी उन्हें ये कार्ड हाथ में सौंपे जाएंगे। इसके लिए गांवों में आयुष्‍मान पखवाड़ा प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसकी जानकारी आयुष्‍मान भारत- नेशनल हेल्‍थ प्रोटेक्‍शन मिशन (AB-NHPM) द्वारा जारी बिड डॉक्‍युमेंट से मिली। money.bhaskar.com के पास इस डॉक्‍युमेंट की कॉपी मौजूद है। 

 

फैमिली कार्ड्स में स्‍कीम का लाभ पाने वालों के नाम मौजूद होंगे, साथ ही इसके साथ एक लेटर भी होगा जिसमें आयुष्‍मान स्‍कीम के सभी फीचर्स की जानकारी मौजूद होगी। फैमिली कार्ड लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को आसान बनाने का एक जरिया भी होंगे। हालांकि इसके लिए अन्‍य डॉक्‍युमेंट्स की भी जरूरत होगी।   

 

क्‍या है आयुष्‍मान स्‍कीम

बता दें कि आयुष्‍मान भारत स्‍कीम की घोषणा बजट 2019 के दौरान की गई थी। इस स्‍कीम के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपए तक के फ्री हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा दी जाएगी। इसमें लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज कवर होगा। कोई भी व्यक्ति (विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग) इलाज से वंचित न रह जाए, इसके लिए स्कीम में फैमिली साइज और उम्र पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है।

 

इस स्कीम में हॉस्पिटलाइजेशन से पहले और बाद के खर्च को भी शामिल किया गया है। हर बार हॉस्पिटलाइजेशन के लिए ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस का भी उल्लेख किया गया है, जिसका भुगतान लाभार्थी को किया जाएगा। इलाज देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। इस स्‍कीम से लगभग 50 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचेगा।

 

लोगों तक लेटर्स और कार्ड पहुंचाने की ये होगी पूरी प्रोसेस

नेशनल हेल्‍थ एजेंसी से लाभार्थियों की सूचना मिलते ही सर्विस प्रोवाइडर लेटर्स की प्रिन्टिंग शुरू कर देंगे। सभी डाटा सेफ्टी स्‍टैंडर्ड्स का पालन करते हुए एरिया कोड के हिसाब से इन्‍हें लाभार्थियों के डिस्ट्रिक्‍ट हेडक्‍वार्टर भेज दिया जाएगा। उसके बाद लेटर्स ग्राम पंचायत भेजे जाएंगे और फिर इन्‍हें आयुष्‍मान पखवाड़ा कार्यक्रम के जरिए हेल्‍थ वर्कर्स द्वारा लाभार्थी परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।  

 

आगे पढ़ें- सभी तक डिलीवरी में लग सकते हैं दो साल

 

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सभी तक डिलीवरी में लग सकता है दो साल का वक्‍त

आयुष्‍मान भारत- नेशनल हेल्‍थ प्रोटेक्‍शन मिशन (AB-NHPM) द्वारा जारी बिड डॉक्‍युमेंट के मुताबिक, स्‍कीम के तहत लगभग 10.7 करोड़ से ज्‍यादा इन्‍फॉर्मेशन लेटर और फैमिली कार्ड की प्रिन्टिंग की जरूरत होगी। इनकी डिलीवरी में दो साल का वक्‍त लग जाएगा। हालांकि लेटर न होने पर भी किसी भी नामित परिवार को स्‍कीम का फायदा देने से इंकार नहीं किया जाएगा। 

 

24X7 कॉल सेंटर भी होगा स्‍थापित

इसके अलावा आयुष्‍मान स्‍कीम को लेकर लोगों के सवालों और शिकायतों को दूर करने के लिए केन्‍द्र सरकार राजधानी दिल्‍ली में एक 24X7 कॉल सेंटर भी स्‍थापित करेगी। इसके जरिए अपने गृह राज्‍य से दूर रहने वाले लोगों की भी मदद की जाएगी। कॉल सेंटर के लिए एक राष्‍ट्रीय टोल फ्री नंबर होगा। कॉल सेंटर ई-मेल और ऑनलाइन चैट का जवाब देने में भी सक्षम होंगे। 

 

आगे पढ़ें- अगस्‍त तक मिल जाएंगे कॉन्‍ट्रैक्‍ट 

अगस्‍त तक दे दिए जाएंगे कॉन्‍ट्रैक्‍ट

कॉल सेंटर चलाने और फैमिली कार्ड्स की प्रिन्टिंग के लिए अगस्‍त तक कॉन्‍ट्रैक्‍ट दिए जाने की संभावना है। कॉल सेंटर सर्विस प्रोवाइडर हब एंड स्‍पोक मॉडल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं और देश के अन्‍य हिस्‍सों में जोनल कॉल सेंटर स्‍थापित कर सकते हैं। ऐसी उम्‍मीद है कि मोदी सरकार की यह योजना अगले कुछ महीनों में अमल में आ जाएगी। 

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