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अब बिजली मीटरों में फ्रॉड नहीं कर पाएंगी कंपनियां, सरकार ने तैयार किए नए नियम

मापदंडों पर खरी नहीं उतरने वाली कंपनियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

Government new rule for electricity meters

घरों में इस्तेमाल की जाने वाली पीएनजी गैस और बिजली की सेंधमारी रोकने के लिए सरकार ने कड़े फैसले लिए है। सरकार के इस फैसले से अब ग्राहकों के साथ बिजली और गैस को लेकर किसी प्रकार की कोई धोखा नहीं किया जा सकेगा। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने मीटरों के सटीक माप के लिए नए नियम तैयार किए हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के पास देशभर से विभिन्न कंपनियों और राज्यों के निगमों के खिलाफ शिकायत आई थी।  

नई दिल्ली। घरों में इस्तेमाल की जाने वाली पीएनजी गैस और बिजली की सेंधमारी रोकने के लिए सरकार ने कड़े फैसले लिए है। सरकार के इस फैसले से अब ग्राहकों के साथ बिजली और गैस को लेकर किसी प्रकार की कोई धोखा नहीं किया जा सकेगा। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने मीटरों के सटीक माप के लिए नए नियम तैयार किए हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के पास देशभर से विभिन्न कंपनियों और राज्यों के निगमों के खिलाफ शिकायत आई थी।  इसपर मंत्रालय ने लीगल मेट्रोलॉजी विभाग को इसके लिए रूपरेखा तैयरा करने का जिम्मा सौंपा है। 

 

बिजली के मीटरों पर जल्द तैयार होगा मसौदा


उपभोक्ता मामलों के सचिव अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बिजली और पीएनजी मीटरों के सटीक मापक के लिए लीगल मेट्रोलॉजी विभाग काम कर रहा है। इसके अलावा गैस मीटरों का एक मसौदा तैयार कर विभिन्न हिस्सेदारों से परामर्श भी किया गया है। जबकि बिजली मीटरों के सटीक मापक के मानक के निर्देशों का मसौदा जल्द तैयार किया जाएगा। अविनाश कुमार श्रीवास्तल ने कहा कि देशभर से इस मामले में मंत्रालय के पास शिकायतें आई हैं। नापतौल विभाग भविष्य में इनसे निपटने में सक्षम होगा। पीएनजी को नापतौल विभाग के दायरे में लाने के लिए मंत्रालय ने पिछले साल अक्टूबर में एक मसौदा जारी किया था। जबकि बिजली के मीटरों पर जल्द ही मसौदा तैयार किया जाएगा। 

 

मेट्रोलॉजी विभाग की मंजूरी होगी जरूरी


नए नियम लागू होने के बाद देशभर की मीटर बनाने वाली कंपनियों को मेट्रोलॉजी विभाग से अनुमति लेनी जरूरी होगी। इसके बाद विभाग सटीक मात्रा की आवाजाही की माप करेगा और मानक निर्धारित करेगा। इसके साथ ही मीटर को सुरक्षा मापदंडों पर खरा उतरना होगा। यदि यह मीटर मापदंडों पर खरे नहीं उतरते तो विभाग इस पर कार्रवाई भी कर सकता है। विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे मानकों को जुलाई तक लागू किया जाएगा। पहले पीएनजी को इस दायरे में लाया जाएगा और बाद में मीटरों को। 

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