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दिल्ली में कोई भी नौकरी करने पर मिलेंगे 15,000 हर महीने, सरकार ने लगा दी मुहर

मजदूरों की हर महीने न्यूनतम मजदूरी 14,842 रुपए

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नई दिल्ली। दिल्ली में मिनिमम वेज तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नए सिरे से गठित वेज बोर्ड ने अकुशल मजदूरों की हर महीने न्यूनतम मजदूरी 14,842 रुपए तय की है। तीन साल से फाइलों और अदालतों में लंबित रही वेज बढ़ोतरी पर सरकार इस बार काफी सतर्क है। वह इसे लागू करने से पहले सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी भी ले लेना चाहती है।


 

नई दर का समर्थन किया गया

मजदूर यूनियनों और ट्रेड-इंडस्ट्री के 15-15 प्रतिनिधियों वाले बोर्ड की चौथी और आखिरी बैठक में कई इंडस्ट्री प्रतिनिधियों के विरोध के बावजूद चेयरमैन ने वोटिंग कराकर नई दरों को पास कर दिया। सभी 15 यूनियनों ने नई दर का समर्थन किया, वहीं 8 उद्योग प्रतिनिधियों ने इसका विरोध किया, जबकि 7 प्रतिनिधि मौजूद नहीं थे।

 

कोर्ट ने वेज तय करने के मानकों पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी।

 

लेबर डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोर्ट ने वेज तय करने के मानकों पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। बोर्ड के पुनर्गठन और कुछ संगठनों को शामिल करने पर जोर दिया था। पहले ही काफी देरी झेल चुकी दरों को लागू करने से पहले इसे कोर्ट के संज्ञान में लाना चाहते हैं, ताकि इसे जल्द और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।


 

 

 

एम्पलॉयर के लिए अन्य निर्देश
- श्रमिकों की सैलरी या मेहनताने का भुगतान अनिवार्य रूप से चेक के माध्यम से या सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करके किया जाएगा।
- दिल्ली सरकार के Delhi Minimum Wages Amandment Act-2017 कानून के तहत अगर न्यूनतम सैलरी नहीं दी जा रही है तो ठेकेदार या एम्पलॉयर पर 50,000 रुपए का जुर्माना या तीन वर्ष की कैद या दोनों सजा दी जा सकती हैं।

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