Home » Economy » Policygovernment will meet target of fiscal deficit in election year

चुनावी साल में भी राजकोषीय घाटे का टारगेट हासिल करेगी सरकार: पीयूष गोयल

सरकार अर्थव्‍यवस्‍था में स्थिरता बनाए रखेगी।

government will meet target of fiscal deficit in election year

नई दिल्‍ली. चुनावी साल में मोदी सरकार राजकोषीय घाटे को तय सीमा में ही रखने का प्रयास करेगी जिससे अर्थव्‍यवस्‍था पर इसका नकारात्‍मक असर न पड़े। केंद्र सरकार मौजूदा वित्‍त वर्ष में राजकोषीय घाटे को GDP के 3.3 फीसदी तक के स्‍तर पर रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अंतरिम वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को एक आयोजन में यह बात कही है। उन्‍होंने कहा कि सरकार अर्थव्‍यवस्‍था में स्थिरता बनाए रखेगी

और सभी आर्थिक मानकों को पूरा करेगी। 

 

 

पीयूष गोयल ने कहा कि मैं आपको आश्‍वस्‍त करता हूं कि चुनावी साल होने के बावजूद हम राजकोषीय घाटे के लक्ष्‍य को हासिल करेंगे। वित्‍त वर्ष 2017- 18 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.53 फीसदी रहा है। यह काफी हद तक केंद्र सरकार के संशोधित अनुमान के आसपास है। समान अवधि में राजस्‍व घाटा GDP का 2.65 फीसदी रहा है। 

 

GDP का 3.5% रहा है राजकोषीय घाटा 

केंद्र सरकार ने आम बजट 2018 में 2017- 18 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्‍य को संशोधित करते हुए जीडीपी का 3.5 फीसदी कर दिया है जबकि पहले यह 3.2 फीसदी था। 

 

RBI ने बताया है राकोषीय घाटा बढ़ने का खतरा 

रिजर्व बैंक ने जून की मॉनिटरी पॉलिसी में चुनावी साल में राजकोषीय घाटा बढ़ने का खतरा जताया है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि तेल की बढ़ती कीमतों और किसानों को उपज की लागत पर 50 फीसदी मुनाफे के साथ न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य देने के वादे को पूरा करने से राजकोषीय घाटे पर दबाव बढ़ सकता है। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट