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Home » Economy » PolicyFinMin considers steps to prevent composition dealers from charging GST from buyers

अब कोई भी सामान खरीदने पर नहीं देना होगा टैक्स, मोदी सरकार जल्द दे सकती है बड़ा तोहफा

दुकानदारों की मनमानी रोकने के लिए वित्त मंत्रालय बना रहा प्रस्ताव

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार देश की आम जनता को एक और बड़ी राहत दे सकती है। इस बार रोजमर्रा की खरीदारी पर राहत देने की तैयारी चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत कंपोजिशन स्कीम का लाभ ले रहे दुकानदारों के लिए नए नियम बना रही है। इस नियम के तहत कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेने वाले दुकानदार ग्राहकों से टैक्स नहीं ले सकेंगे। 

 

राजस्व विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाला राजस्व विभाग कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेने वाले सभी दुकानदारों के लिए बिल पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन स्टेट छापने को अनिवार्य करने का प्रस्ताव ला रहा है। इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद ग्राहकों को पता लग जाएगा कि उनको टैक्स देना है या नहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्व विभाग इस योजना का जोर-शोर से प्रचार करेगा, ताकि ग्राहक टैक्स देने से बच सकें। 

ये है कंपोजिशन स्कीम


कंपोजिशन स्कीम के तहत छोटे व्यापारी और मैन्युफैक्चरर्स को माल की बिक्री पर एक फीसदी की दर से जीएसटी जमा कराना होता है। जबकि उत्पादों पर जीएसटी की सामान्य दरें 5, 12, 18 और 28 फीसदी हैं। अभी सालाना करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाले व्यापारी कंपोजिशन स्कीम का लाभ ले सकते हैं। अप्रैल से यह सीमा बढ़कर 1.5 करोड़ रुपए हो जाएगी। 10 जनवरी को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में 50 लाख रुपए तक का कारोबार करने वाली सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को भी कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेने की मंजूरी दी गई है। 

इसलिए उठाना पड़ रहा है कदम


राजस्व विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, इस समय करीब 1.17 करोड़ इकाइयां जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड हैं। इसमें से करीब 20 लाख कंपोजिशन स्कीम का लाभ ले रही है। अधिकारी के अनुसार, कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेने वाली इकाइयां ग्राहकों से सामान्य दर पर जीएसटी वसूल रही हैं, लेकिन उसे सरकारी खजाने में जमा नहीं करा रही हैं। इस गड़बड़ी को रोकने के लिए ही यह प्रस्ताव बनाया जा रहा है।

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