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आज है चैत्र अष्टमी और नवमी, देवी दुर्गा के इन 3 मंदिर में कम बजट में बनाएं घूमने का प्लान

यहां देश-विदेश से पहुंचते हैं श्रद्धालु

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नई दिल्ली। 

आज चैत्र अष्टमी और नवमी दोनों है। इस दिन दूर-दूर से देवी दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। अगर आप भी इस दौरान फैमिली के साथ माता रानी का दर्शन करने का प्लान कर रहे हैं तो आप वैष्णो देवी समेत इन प्रसिद्ध मंदिरों में घूमने जा सकते हैं। हम आपको ऐसे ही कुछ मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां आप नवरात्रि के दौरान दर्शन करने जा सकते हैं। आइए जानते हैं प्रसिद्ध मंदिराें के बारे में और बजट के बारे में..

ऐसे करें प्लानिंग

आप स्वयं बुकिंग करके या ट्रैवल एजेंट की मदद से वैष्णो देवी की यात्रा कर सकते हैं। स्वयं बुकिंग करने के लिए आपको टिकट काउंटर या ऑनलाइन ट्रेन टिकट लेनी होगी। ऑनलाइन टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर बुक करनी होगी। कमरे ट्रिवागो, एक्सपीडिया, बुकिंग डॉट कॉम पर 500 रुपए से लेकर 3,000 रुपए तक के गेस्ट हाउस और होटल में कमरे अपने बजट के मुताबिक ले सकते हैं। नवरात्रि की छुट्टियों का समय वैष्णो देवी की यात्रा के लिए पीक सीजन होता है। ऐसे में ट्रेन की कंफर्म टिकट काफी मुश्किल होता है, इसलिए एडवांस प्लानिंग बेहद जरुरी है।

वैष्णो देवी, जम्मू

देशभर के विभिन्‍न राज्‍यों से श्रद्धालु अधिकतर रेल व हवाई मार्ग से ही जम्‍मू पहुंचते हैं। कटरा के रेलमार्ग से जुड़ने के बाद अधिकतर यात्री सीधे कटरा ही पहुंचना पसंद करते हैं। वैष्णो देवी जाने के लिए नया रास्ता खोल दिया गया है इससे आपका एक घंटा समय बचेगा। हेलीपैड वैष्णो माता के दरबार तक जाती है। इसमें आपको कटरा से भवन तक जाने में महज पांच मिनट का समय लगेगा। इसके लिए आपको 15 दिन पहले ऑनलाइन टिकट बुक करानी होगी। हेलीपैड का टिकट अधिक महंगा नहीं होता है। हेली सेवा के लिए प्रति व्यक्ति इसके तहत 999 रु. अदा करना होता है। यह हेलीकॉप्टर सेवा वर्तमान में सुबह 8:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक उपलब्ध है। 

  100 रुपए में रोपवे सर्विस

 इसके बाद आप भवन से भैरोनाथ का दर्शन करने के लिए राेपवे के रोमांच का लाभ उठा सकते हैं। रोपवे के लिए आपको प्रति व्यक्ति महज 100 रुपए देने होंगे। वैष्णो देवी मंदिर से भैरो घाटी के मध्य पैसेंजर केबल कार शुरू होने के बाद तो अब भैरो घाटी में भी भक्तों की भीड़ बढ़ रही है। पौराणिक मान्‍यता के अनुसार, भैरो दर्शन के बिना मां वैष्‍णो देवी यात्रा को पूर्ण नहीं माना जाता है।

ज्वाला देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश 


हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में कालीधार पहाड़ी के बीच बसा है ज्वाला देवी का मंदिर। मां ज्वाला देवी तीर्थ स्थल को देवी के 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ माना जाता है। शक्तिपीठ वह स्थान कहलाते हैं जहां-जहां भगवान विष्णु के चक्र से कटकर माता सती के अंग गिरे थे। शास्त्रों के अनुसार ज्वाला देवी में सती की जिह्वा गिरी थी।

 

खर्च :  यहां अगर आप दिल्ली से जाते हैं तो 5-6 हजार तक का खर्च आएगा।

 

 

कामाख्या शक्तिपीठ, गुवाहाटी

 

 (असम) के पश्चिम में 8 कि.मी. दूर नीलांचल पर्वत पर है. माता के सभी शक्तिपीठों में से कामाख्या शक्तिपीठ को सर्वोत्तम कहा जाता है। कहा जाता है कि यहां पर माता सती का गुह्वा मतलब योनि भाग गिरा था, उसी से कामाख्या महापीठ की उत्पत्ति हुई। कहा जाता है यहां देवी का योनि भाग होने की वजह से यहां माता रजस्वला होती हैं।

 

खर्च : 

कामाख्या शक्तिपीठ जाने में आपको प्रति व्यक्ति 6-7 हजार रुपए खर्च होंगे।

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