Home » Economy » Policyग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, GSDP-ENVIS, Green Skill Development Programme, Environment minister Harsh Vardhan

5.5 लाख युवाओं के लिए मौका, GSDP के तहत सरकार देगी ट्रेनिंग

GSDP प्रोग्राम के तहत युवाओं को पर्यावरण के क्षेत्र मेंकॉरियर बनाने का मौका मिलेगा...

1 of

नई दिल्‍ली। मोदी सरकार पर्यावरण के क्षेत्र में स्किल डेवलमेंट का एक महत्‍वाकांक्षी प्रोग्राम लेकर आई है। इसके तहत सरकार 30 अलग-अलग कोर्सेज (पाट्यक्रम) के जरिए 2021 तक 5.5 लाख युवाओं का स्क्लि डेवलपमेंट करेगी। इसका नाम ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम या GSDP है। पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को नई दिल्‍ली में यह प्रोग्राम लॉन्‍च किया। माना जा रहा है कि GSDP के तहत युवाओं को पर्यावरण के क्षेत्र में कॅरियर बनाने का मौका मिलेगा। साथ ही ग्‍लोबल वॉर्मिंग जैसे संकटों से निपटने में मदद मिलेगी। 

 

पर्यावरण के क्षेत्र में तैयार होगी 5.5 लाख वर्कफोर्स 
इस मौके पर  हर्षवर्धन ने कहा कि GSDP प्रोग्राम आने वाले कुछ सालों में देश में पर्यावरण के क्षेत्र में करीब 5.5 लाख वर्कफोर्स तैयार करेगा। हर्षवर्धन ने GSDP प्रोग्राम से जुड़ा एप भी लॉन्‍च किया। इसका नाम GSDP-ENVIS है। इसे गूगल प्‍ले स्‍टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। हषवर्धन ने इसे पर्यावरण मंत्रालय का महत्‍वाकांक्षी प्रोग्राम करा दिया। इसका मकसद देश में युवाओं के भीतर रोजगार और उद्यमिका पैदा करना है। इसके तहत सरकार अगले एक साल के भीतर देश के करीब 80 संस्‍थानों में 80,000 युवओं को ट्रेनिंग देगी। हर्षर्धन के मुताबिक, अगले साल इनकी संख्‍या 2 लाख हो जाएगी और 2021 तक करीब 5.5 लाख युवा ग्रीन स्किल्‍ड वर्कर के तौर पर ट्रेनिंग ले चुके होंगे। 


पायलट प्रोजेक्‍ट के तहत 10 जिलों में पहले ही हुआ था लॉन्‍च 
GSDP को पायलट प्रोजेक्‍ट के तहत पिछले साल देश के 10 जिलों में लॉन्‍च किया गया था। इसके तहत 154 युवाओं को ट्रेनिंग दी गई थी। इसमें ज्‍यादातर ऐसे स्‍कूल ड्रापआउट युवा शामिल थे। इन्‍हें पैराटैक्‍सोनॉमिस्‍ट्स और बॉयोडावर्सिटी कन्‍र्ज्‍वेशनिस्‍ट्स के तौर पर ट्रेन किया गया। हर्षर्धन के मुताबिक, पायपल प्रोजेक्‍ट की सफलता के बाद सरकार GSPD को फुल फ्लेज्‍ड स्‍केल पर लॉन्‍च कर रही है।  

कैसे मिलेगी ट्रेनिंग कौन कौन से कोर्स कर सकेंगे युवा 
हर्षवर्धन ने बताया कि Environment Information System(ENVIS) हब्‍स और रिसोर्स पार्टनर के साथ देश भर के इंस्‍टीट्यूशन्‍स की मदद से करीब 30 कोर्सेज के जरिए युवाओं का पर्यावरण और फॉरेस्‍ट सेक्‍टर में स्किल डेवलपमेंट क रेगा। ये सर्टिफिकेट कोर्स 80 से 560 घंटे के बीच के होंगे। छात्र जुलाई से इन कोर्सेज में एडमीशन लिया जा सकता है। कोर्स से जुड़ी ज्‍यादा जानकारी एप के जरिए हासिल की जा सकेगी। 

 

10वीं या 12वीं ड्रापआउट्स को वरीयता 
इसमें से ज्‍यादातर कोर्स 10वीं या 12वीं ड्रापआउट्स के लिए तैयार किए गए हैं। इनमें से रिवर डॉल्फिन कन्‍जर्वेशन, वॉटर बजटिंग एंड ऑडिटिंग, फॉरेस्‍ट फायर मैजेनमेंट, मैनेजमेंट फॉर स्‍मॉल बोटेनिकल गार्डेन, प्रोग्रेशन एंड मैनेजमेंट ऑफ बैम्‍बूज, बर्ल्‍ड आइ‍डेंटिफिकेशन और सिटी एन्‍वायरमेंट सर्वेयर्स जैसे कुछ रोचक कोर्स भी शामिल हैं।  


 

कहां मिलेगा रोजगार का मौका 
यह कोर्स करने के बाद युवा पर्यावरण से जुड़े अलग अलग क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। देश और दुनिया में पर्यावरण के क्षेत्र मे काम करने वाले एनजीओ, विभाग और अंतरराष्‍ट्रीय संस्‍थाओं में उनके लिए जॉब के अवसर हो सकते हैं। युवा पर्यावरण के क्षेत्र में अपना खुद का संगठन खड़ा करने के अलावा अलग अलग विषयों में काम कर सकेंगे। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट