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2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी अर्थव्‍यवस्‍था, नहीं है महंगाई का खतरा: सरकार

सरकार का कहना है कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था ट्रैक पर है और इसका आकार 2025 तक दोगुना होकर 5 लाख करोड़ डॉलर हो जाएगा।

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नई दिल्‍ली. सरकार का कहना है कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था ट्रैक पर है और इसका आकार 2025 तक दोगुना होकर 5 लाख करोड़ डॉलर हो जाएगा। वहीं, सरकार का यह भी कहना है कि महंगाई बढ़ने का कोई खतरा नहीं है और यह रिजर्व बैंक की ओर से निर्धारित लक्ष्‍य के दायरे में ही रहेगी। फिलहाल, भारतीय अर्थव्‍यस्‍था 2.5 लाख करोड़ डॉलर की है और यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 तक दोगुनी होगी। यह तेज रफ्तार से बढ़ते हुए 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 7-8 फीसदी की दर से बढ़ने की दिशा में है। स्टार्टअप, छोटे व मझोले उद्योग (एमएसएमई) और इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर निवेश पर सरकार का फोकस बढ़ने से अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार और भी बढ़ेगी। इसमें लगातार तेजी आ सकती है। 

 

सीआईआई ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर समिट में गर्ग ने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर अगले 7-8 साल के भीतर वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन बढ़ता है और डिमांड जेनरेट होती है तो हम 2025 तक अर्थव्यवस्था का आकार 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है। अर्थव्‍यवस्‍था के आकार को लेकर यह एक वाजिब लक्ष्य है।' 

 

नियंत्रण में है महंगाई 
महंगाई को लेकर गर्ग ने कहा कि यह काफी हद तक रिजर्व बैंक के चार फीसदी (2 फीसदी ऊपर या नीचे) के लक्ष्‍य के दायरे में है। हम महंगाई को दायरे में रखने में पूरी तरह सफल रहे हैं और आगे भी इसको लेकर कोई बड़ा खतरा नहीं है।

 

सात महीने के निचले स्तर पर थोक महंगाई

फरवरी में थोक महंगाई दर सात महीने के निचले स्तर 2.48 फीसदी पर और खुदरा महंगाई दर चार महीने के निचले स्तर 4.44 फीसदी पर रही। रिजर्व बैंक ने अपनी फरवरी की मॉनिटरी पॉलिसी रिव्‍यू में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया था। रिजर्व बैंक मॉनिटरी पॉलिसी में खुदरा महंगाई के आंकड़ों को ध्‍यान में रखता है। 

 

फरवरी में थोक महंगाई दर सात महीने के निचले स्तर 2.48 फीसदी पर और खुदरा महंगाई दर चार महीने के निचले स्तर 4.44 फीसदी पर रही। रिजर्व बैंक ने अपनी फरवरी की मॉनिटरी पॉलिसी रिव्‍यू में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया था। रिजर्व बैंक मॉनिटरी पॉलिसी में खुदरा महंगाई के आंकड़ों को ध्‍यान में रखता है। 

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