अब इस तरह आप पता लगा सकते हैं खाने के पैकेट में Fat और Salt कितना अधिक है

 इन दिनों पैकेज्ड फूड का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। कौन-सा पैकेज्ड फूड कितना सेहतमंद है या नुकसानदायक, इसकी जानकारी पैकेट पर लिखे इन्ग्रीडिएंट लिस्ट से मिलेगी। कई बार फैट, शुगर और साल्ट की जगह दूसरा नाम लिखा होता है जिसका मतलब शुगर, फैट या साल्ट इनमें है। इसीलिए पैकेज्ड फूड पर लिखे लेबल को समझना जरूरी है।

Money Bhaskar

Mar 16,2019 03:15:00 PM IST

नई दिल्ली। इन दिनों पैकेज्ड फूड का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। कौन-सा पैकेज्ड फूड कितना सेहतमंद है या नुकसानदायक, इसकी जानकारी पैकेट पर लिखे इन्ग्रीडिएंट लिस्ट से मिलेगी। कई बार फैट, शुगर और साल्ट की जगह दूसरा नाम लिखा होता है जिसका मतलब शुगर, फैट या साल्ट इनमें है। इसीलिए पैकेज्ड फूड पर लिखे लेबल को समझना जरूरी है। जल्द ही आप पैकेज्ड फूड पर लिखे लेबल को समझ सकते हैं कि आपके पैकेट में फैट और साल्ट कितना ज्यादा है। इस संबंध में एफएसएसआई फीडबैक मंगवाएं थे अब फीडबैक आने के बाद खाद्य नियामक एफएसएसएआई के अनुसार, पैक किए गए खाद्य उत्पादों पर लेबलिंग करने संबंधी मानकों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पैक के अगले भाग पर रंग-कोडिंग अनिवार्य

नियामक ने अधिक वसा, अधिक-चीनी और अधिक नमक वाले खाद्य उत्पादों के पैक के अगले भाग पर रंग-कोडिंग अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव किया है जिसमें कई स्तर होते हैं। एफएसएसएआई के अनुसार, हमने इस पर हमें मसौदे के नियमों पर अंशधारकों की टिप्पणी मिल रही है। अंतिम नियम जल्द आएगी। उन्होंने कहा कि एफएसएसएआई, पैकेज किए गए खाद्य पदार्थों पर रंग संकेत लगाने के लिए ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मेक्सिको और अमेरिका जैसे विदेशी देशों में इस्तेमाल किए जाने वाले मॉडल का अध्ययन भी किया गया है। एफएसएसएआई ने वर्ष 2022 तक देश को ट्रांस-फैट (चर्बी या वनस्पति तेलों से बने मक्खन) से मुक्त करने का लक्ष्य रख रहा है।

सेहत का ध्यान रखेगी fssai
नए नियमों के अनुसार, जिस भी खनिज का इस्तेमाल पैकेजिंग में हो रहा है उसकी मात्रा क्या होगी खाने-पीने का कोई भी सामान किसी ऐसी चीज से पैक नहीं होगा, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो साथ ही नए नियमों के तहत मल्टीलेयर पैकेजिंग की जाएगी, ताकी खाने का सामान सीधे पैकेट के संपर्क में न आ सकेइसके अलावा सेहत का ध्यान रखने के लिए प्रिंटिंग इंक का भी खास ध्यान रखा जाएगा
नए नियम के तहत सस्ते और घटिया किस्म के उत्पाद पैकिंग में इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगेमिनरल वाटर या पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर ट्रांसपेरेंट और रंगहीन डब्बे में ही पैक होंगे एक अनुमान के मुताबिक 2020 तक भारत का फूड मार्केट 18 बिलियन डॉलर का होगा

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.