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भारत के लिए डबल डिजिट ग्रोथ हासिल करना अभी मुश्किल: वित्‍त मंत्रालय

भारत के लिए मौजूदा ग्‍लोबल हालात में डबल डिजिट की ग्रोथ हासिल करना अभी मुश्किल है।

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नई दिल्‍ली. भारत के लिए मौजूदा ग्‍लोबल हालात में डबल डिजिट की ग्रोथ हासिल करना अभी मुश्किल है। हालांकि, 2020-21 तक भारत 8 फीसदी से ज्‍यादा की ग्रोथ हासिल करने के रास्‍ते पर है। वित्‍त मंत्रालय के सीनियर अफसर और आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने यह बात कही। 

 

1 फरवरी को अपने बजट भाषण में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि भारत 8 फीसदी से अधिक की ग्रोथ हासिल कर और दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा। मोदी सरकार के पहले तीन साल में देश की औसत जीडीपी ग्रोथ रेट 7.5 फीसदी रही है। 

 

अगले वित्‍त वर्ष में 8% ग्रोथ की उम्‍मीद 

सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा, हम जो अनुमान लगा रहे हैं उसके अनुसार इस साल की दूसरी छमाही में ग्रोथ रेट 7 फीसदी से अधिक होगी। अगले साल यह औसतन 7-7.5 फीसदी रह सकती है। इसका मतलब यह है कि 8 फीसदी से ज्‍यादा की ग्रोथ हासिल करने में कुछ तिमाहियों का समय लग सकता है। इस तरह हम अगले वित्‍त वर्ष में 8 फीसदी से ज्‍यादा की ग्रोथ उम्‍मीद कर रहे हैं। 2020-21 में भारत करीब 8 फीसदी की ग्रोथ हासिल करने में सक्षम होगा। 

 

ग्‍लोबल इकोनॉमी का है चैलेंज 

भारत कब डबल डिजिट ग्रोथ हासिल कर सकता है, इस सवाल के जवाब में गर्ग ने कहा कि यह मुश्किल है क्‍योंकि ग्‍लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ अधिक नहीं है। ग्‍लोबल ग्रोथ 3.5-4 फीसदी के बीच है। 10 फीसदी की ग्रोथ हासिल करने के लिए आपका एक्‍सपोर्ट भी इतना बढ़ना चाहिए। एक्‍सपोर्ट की ग्रोथ ग्‍लोबल इकोनॉमी में इम्‍पोर्ट को अब्‍जॉर्ब करने की क्षमता पर निर्भर करता है। 

 

इकोनॉमी में टर्नअराउंड के संकेत 

इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी ने बताया कि चालू वित्‍त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 6.3 फीसदी की ग्रोथ इकोनॉमी में टर्नअराउंड का संकेत है। पहली तिमाही में ग्रोथ तीन साल के निचले स्‍तर 5.7 फीसदी पर आ गई थी। सीएसओ के अनुमान के अनुसार, चालू वित्‍त वर्ष 2017-18 में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की ग्रोथ 6.5 फीसदी रहेगी। संसद में पिछले महीने पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, 2018-19 में इकोनॉमी 7-7.5 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। 

 

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