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Holi 2019: होली पर करें ये 4 उपाय, आपके घर में होगी धन की वर्षा

जानिए क्या है होली पूजन का शुभ मुहुर्त

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नई दिल्ली। होली को रंगों का त्यौहार कहा जाता है, उमंग और उत्साह से इसको मनाया जाता है। शास्त्रों में होली को आराधना से लेकर मनोकामना सिद्धी तक का उत्सव बताया है। होली के अवसर पर कुछ खास उपाय कर हम अपनी मनचाही इच्छा को पूरा कर सकते हैं। इंसानी जीवन की सबसे बड़ी ख्वाहिश अमीर बनने की होती है। होली पर मामूली से उपाय करके भी अमीर बन सकते हैंये हैं 4 उपाय जिसे करके आप अमीर बनने की ख्वाहिश को पूरा सकते हैं।

 

जानिए क्या है उपाय

- सबसे पहले होली के दिन आप घर में कुबेर यंत्र लगाएं। यंत्र में कुल 72 पंक्तियों और स्तंभ हैं। 72 एक भाग्यशाली संख्या है जो जीवन में समृद्धि, ऊर्जा और धन बढ़ती है। होली के दिन इस यंत्र की पजा करने से भी विशेष लाभ हाेता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान कुबेर जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।

- अगर आप एक समृद्ध जीवन जीना चाहते हैं तो आपको भगवान कुबेर की प्रार्थना करनी चाहिए। होली के दिन आप ‘ऊं यक्षाय कुबेराय वैश्रणवाय धनधान्यादिपतये धनधान्यसमृद्धि में देहि देहि दापय स्वाहा’जाप 108 बार करें। इसके साथ ही आप एक दीपक जरूर जलाएं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी।

- होली के दिन लक्ष्मी की पूजा करने से आपको धन की प्राप्ति होगी। कुबेर को धन का देवता कहा गया है तो मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है। कुबेर भगवान धन की रक्षा करते हैं और मां लक्ष्मी यह धन सभी को देती है। होली के शुभ दिन मां लक्ष्मी की भी पूजा जरूर करें। पूर्णिमा के दिन होली है और मां लक्ष्मी को लिए पूर्णिमा का दिन विशेष लाभ देने वाला होता है।

- होली के दिन गोमती चक्र के उपायों से भी काफी लाभ मिलता है। व्यापार में वृद्धि के लिए दो गोमती चक्र लें, उन्हें एक कपड़े में बांधकर उसे दुकान की चौखट के ऊपर ऐसे लटका दें की आने वाले ग्राहक उसके नीचे से गुजरे। माना जाता है कि ऐसा करने से कुछ ही दिनों में व्यापार में वृद्धि के साथ-साथ लाभ होता है। पैसों से जुड़ी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए ‘ऊं श्री नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करें।  

 

 

ये है होली पूजन का शुभ मुहुर्त

 

होली का पुण्य पर्व इस वर्ष 20 मार्च को स्थिर एवं मातंग योग में मनाया जाएगा। यद्यपि 20 मार्च को प्रातः 10:44 बजे से शाम 8:58  बजे तक भद्रा है। भद्रा की अवधि में होली पूजन और होली दहन वर्जित माना गया है। पं.शिवकुमार शर्मा के मुताबिक होली पूजन और होलिका दहन दो ऐसे कार्य हैं जो शुभ मुहूर्त में ही किए जाने चाहिए। इसमें सबसे पहले होलिका पूजन होगा। चूंकि भद्रा की शुरुआत सुबह 10.44 बजे से होगी, इसलिए अपनी सन्तान के कल्याण के लिए माताओं को होली पूजन प्रातः 9:14 से 10:44  बजे तक स्थिर लग्न ‘वृषभ’ लग्न में ही कर चाहिए। यह अति शुभ मुहूर्त है। बुधवार को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र होने से स्थिर योग बनता है। स्थिर लग्न और स्थिर योग में बना होली पूजन का अत्यंत शुभ मुहूर्त है। यद्यपि अपराह्न 1:30  बजे से 3:42 बजे तक भी होली पूजन कर सकते हैं। होली दहन भद्रा की समाप्ति रात्रि 8:58  बजे के बाद ही शुभ है। अगले दिन 21  मार्च को रंग उत्सव (दुल्हैंडी) को उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में मातंग योग बन रहा है। ये शुभ योग धरती को अन्न धन से पूर्ण बनाएंगे और उपज भरपूर मात्रा में होगी।

 

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