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अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व में फर्क, पर समानताएं कईः सुरेश प्रभु

वाजपेयी के भाषण को सुनकर मोदी भी प्रभावित हुए होंगे

What is the difference and similarities between Atal Bihari Vajpayee and Narendra Modi

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में वाणिज्य व उद्योग एवं नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी बतौर बिजली मंत्री काम किया। उनके पास दोनों ही प्रधानमंत्री के साथ काम करने का अनुभव है। उन्होंने मनी भास्कर के राजीव  कुमार के साथ दोनों प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। 

 

क्या कहते हैं प्रभु

'पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं मोदी दोनों महान नेता हैं। अटल बिहारी वाजपेयी अपने आप में बडे नेता हैं, मोदी जी के नेतृत्व का स्टायल अलग है। दोनों में एक समानता है कि दोनों ही पूरी तरह से देश के प्रति पूरी निष्ठा रखते हैं और देश के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।अटल जी ने जिस उम्र में राजकीय जीवन की शुरुआत की थी, मोदी जी ने उससे कम उम्र में शुरुआत की। ये स्वभाविक है कि मोदी जी भी अटल जी के भाषण जैसे मैंने सुने थे, सुनकर प्रभावित हुए हाेंगे।' 

 

 

वाजपेयी के साथ मंत्री बनने का मिला मौका

उन्होंने कहा, 'मैंने कभी सोचा नहीं था कि वाजपेयी के साथ मंत्री बनूंगा। मंत्री बनने की बात छोड़िए, साथ में बैठने तक का नहीं सोचा था। लेकिन सौभाग्य से 6 साल तक उनके साथ मंत्री बनकर काम करने का मौका मिला। और वर्ष 96 से 2004 तक उनका साथ भी मिला। काफी दिनों तक विपक्ष में रहने वाली पार्टी के मोदी जी पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने पूरा बहुमत प्राप्त कर अपने बल के ऊपर अपने पार्टी को दोबारा एक नई ताकत देकर एक बहुत बड़ी उपलब्धि पाई है। वाजपेयी जी को लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। मोदी जी और वाजपेयी जी दोनों देश के बारे में प्रतिदिन सोचते हैं। मोदी जी स्वभाविक रूप से उम्र में कम हैं जन्म भी बाद में हुआ है। उनकी अलग सोच है, दोनों में समानता एक ही है कि देश की समस्याओं को सोचना, कम से कम दिन में देश में बदलाव कैसे लाया जाए। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि वाजपेयी ने मुझे बेटे जैसे प्यार दिया। मोदी जी ने तो मुझे तब मंत्री बनाया, मैं तो सांसद भी नहीं था। आपको पता है कि मैं उनके दल में नहीं था। मोदी जी का, वाजपेयी जी का आशीर्वाद  रहा है। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि दोनों महान नेता के साथ करीब रहने का मौका मिला है। स्वभाविक हैं दोनों के व्यक्तित्व में फर्क है। पर समानताएं बहुत हैं।'

 

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