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भारत 5850 करोड़ रुपए लगाकर रोकेगा पाकिस्तान का पानी, ऐसे किया जाएगा इस्तेमाल 

भारत सरकार का यह है पूरा प्लान

details of projects to stop flow of its share of water to Pakistan

details of projects to stop flow of its share of water to Pakistan: पुलवामा हमले के बाद पूरे देश में जारी रोष का असर अब दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। सड़क मार्ग से होने वाली कई जरूरी वस्तुओं की सप्लाई में कमी आई है। कई ट्रेडर्स और किसानों ने माल भेजना बंद कर दिया है। वहीं अब भारत पाकिस्तान जाने वाले पानी को भी रोकने की तैयारी में है।

 

नई दिल्ली। पुलवामा हमले के बाद पूरे देश में जारी रोष का असर अब दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। सड़क मार्ग से होने वाली कई जरूरी वस्तुओं की सप्लाई में कमी आई है। कई ट्रेडर्स और किसानों ने माल भेजना बंद कर दिया है। वहीं अब भारत पाकिस्तान जाने वाले पानी को भी रोकने की तैयारी में है। जल संसाधन मंत्रालय ने कहा कि भारत के हिस्से का पानी पाकिस्तान जाने से रोकने के लिए शाहपुरखांडी परियोजना का निर्माण कार्य फिर से शुरू किए जाने, उझ (Ujh) बहुउद्देश्यीय परियोजना का निर्माण तथा उझ के नीचे दूसरी रावी व्यास लिंक परियोजना पर काम आरंभ करने का फैसला लिया गया।

 

इस परियोजना के लिए 5850 करोड़ रुपए की आएगी लागत


शाहपुरखांडी परियोजना से थेन बांध के पावर हाउस से निकलने वाले पानी का इस्तेमाल जम्मू कश्मीर और पंजाब में 37 हजार हेक्टर भूमि की सिंचाई तथा 206 मेगावाट बिजली के उत्पादन के लिए किया जाएगा। यह परियोजना सितंबर 2016 में ही पूरी हो जानी थी लेकिन जम्मू कश्मीर और पंजाब के बीच विवाद हो जाने के कारण 30 अगस्त, 2014 से ही इसका काम रुक गया था लेकिन बाद में इस संबंध में समझौता कर लिया गया।

 

रावी नदी पर बनाया जाएगा बैराज

मंत्रालय ने कहा कि समझौते के तहत 5850 करोड़ रुपए की लागत की इस परियोजना से उझ नदी पर जल का भंडारण किया जा सकेगा जिसका इस्तेमाल सिंचाई और बिजली बनाने में होगा। उझ के नीचे दूसरी रावी ब्यास लिंक परियोजना का उद्देश्य थेन बांध के निर्माण के बावजूद रावी से पाकिस्तान की ओर जाने वाले अतिरिक्त पानी को रोकना है। इसके लिए रावी नदी पर एक बैराज बनाया जाएगा और ब्यास बेसिन से जुड़े एक टनल के जरिए नदी के पानी के बहाव को दूसरी ओर मोड़ा जाएगा।

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