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सरकारी ऑर्गेनाइजेशंस में प्रोक्‍योरमेंट और सर्विसेज की डिलीवरी भी हैं भ्रष्‍टाचार की वजह: CVC

यह बात सेंट्रल विजिलेंस कमिश्‍नर (CVC) केवी चौधरी ने कही है।

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नई दिल्‍ली. सामान की खरीद और सर्विसेज को लोगों तक पहुंचाना भी भ्रष्‍टाचार की वजह बनते हैं। यह बात सेंट्रल विजिलेंस कमिश्‍नर (CVC) केवी चौधरी ने कही है। उन्‍होंने सरकारी ऑर्गेनाइजेशंस में भ्रष्‍टाचार रोकने के लिए प्रिेवेंटिव विजिलेंस पर भी जोर   दिया।

 

वह प्रिवेंटिव विजिलेंस- डिसएमिनेशन ऑफ गुड प्रैक्टिसेज विषय पर आयोजित एक वर्कशॉप के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। चौधरी के मुताबिक, सिस्‍टेमेटिक और स्‍ट्रक्‍चरल सुधारों के जरिए भ्रष्‍टाचार की गुंजाइश वाले क्षेत्रों का पता लगाकर उस पर लगाम लगाई जा सकती है। इसके अलावा ये उपाय ऑर्गेनाइजेशनल इफिशिएन्‍सी को भी बेहतर बनाते हैं।

 

कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, चौधरी ने कहा कि वैसे तो भ्रष्‍टाचार की गुंजाइश वाले क्षेत्र ऑर्गेनाइजेशंस के लिए यूनीक होते हैं लेकिन प्रोक्‍योरमेंट, सामान और सर्विस की बिक्री, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, लोगों को सर्विस की डिलीवरी और इन्‍फोर्समेंट जैसे आम क्षेत्रों में भी कुछ भ्रष्‍टाचार होता है।

 

ऐसे ला सकते हैं ऑर्गेनाइजेशंस में पारदर्शिता और जवाबदेही

चौधरी ने ऑर्गेनाइजेशंस में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए मौजूदा सिस्‍टम को बेहतर करने, प्रक्रियाओं में सरलता लाने के लिए उनका रिव्‍यू किए जाने, टेक्‍नोलॉजी का फायदा लेने, व्‍यक्तिगत विचार कम करने, प्रभावी नियंत्रण और सुपरविजन, लोगों को शिक्षित और प्रशिक्षित किए जाने का आवाह्न किया।

 

5 सेशन में कई मुद्दों पर हुई चर्चा

एक दिन की इस वर्कशॉप में 5 सेशन रहे। इनके दौरान फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशंस समेत गवर्मेंट ऑर्गेनाइजेशंस और सरकारी कंपनियों ने प्रेजेंटेशन दिए और उनके द्वारा अपनाई गई अच्‍छी प्रणालियों को साझा किया। इस वर्कशॉप में जिन मुद्दों पर बात हुई, उनमें आईटी बेस्‍ड रिक्रूटमेंट सिस्‍टम, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और प्‍लानिंग के लिए जियोस्‍पैशियल टेक्‍नोलॉजी, व्‍हीकल मॉनिटरिंग सिस्‍टम, प्रिवेंटिव विजिलेंस के लिए टेक्‍नोलॉजी का लाभ लेना, लैंड रिकॉर्ड्स का डिजिटाइजेशन और सिस्‍टेमेटिक इंप्रूवमेंट्स शामिल रहे।

 
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