पटाखा मार्केट पर भारी पड़ी सुप्रीम कोर्ट का आदेश, दुकानों पर लग गए ताले

पटाखा कारोबार पटाखा कारोबार
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सुप्रीम कोर्ट का दिवाली पर ग्रीन पटाखे चलाने का आदेश पटाखा मार्केट पर भारी पड़ा है। बाजार में ग्रीन पटाखे नहीं हैं, इसलिए कारोबारी दुकानों पर ताला लगाने को मजबूर हो गए हैं। वहीं कारोबारियों को आशंका है कि बीते साल की तुलना में इस बार पटाखों की बिक्री लगभग आधी रह सकती है। दिवाली पर बढ़ते प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट (SC) ने सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही रात 8 से 10 बजे तक पटाखे जलाने की अनुमति के बाद पटाखा कारोबारियों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं।

Money Bhaskar

Oct 30,2018 02:28:00 PM IST

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट का दिवाली पर ग्रीन पटाखे चलाने का आदेश पटाखा मार्केट पर भारी पड़ा है। बाजार में ग्रीन पटाखे नहीं हैं, इसलिए कारोबारी दुकानों पर ताला लगाने को मजबूर हो गए हैं। वहीं कारोबारियों को आशंका है कि बीते साल की तुलना में इस बार पटाखों की बिक्री लगभग आधी रह सकती है। दिवाली पर बढ़ते प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट (SC) ने सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही रात 8 से 10 बजे तक पटाखे जलाने की अनुमति के बाद पटाखा कारोबारियों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं।

पटाखा कारोबारी नरेन्द्र सैनी ने Moneybhaskar को बताया, ‘पिछले साल के मुकाबले इस साल अभी तक 40 फीसदी बिक्री भी नहीं हुई है।’

शनिवार को अचानक दिल्ली पुलिस ने जामा मस्जिद और सदरबाजार के पटाखा दुकानों को बंद करा दिया जिसके बाद पिछले चार दिनों से सदरबाजार और जामा मस्जिद की पटाखे की दुकानें बंद हैं। प्रशासन की सख्ती से पटाखा कारोबारियों की चिंता और बढ़ गई है।

आगे पढ़ें : मार्केट में नहीं मिल रहे ग्रीन-पटाखे

मार्केट में नहीं मिल रहे ग्रीन-पटाखे पटाखा कारोबारी के. श्रीवास्तव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखे चलाने का आदेश दिया है लेकिन अभी तक ग्रीन पटाखे कहीं से नहीं मिल रहे हैं और इस साल यह मिलना मुश्किल लग रहा है। यह काफी लॉन्ग टर्म प्लान है जिस पर फिलहाल काम चल रहा है। अभी पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पेसो) की तरफ से ग्रीन पटाखे को मंजूरी नहीं दी गई है। दिवाली को 7 दिन भी नहीं बचे हैं, ऐसे में इतने कम समय में ग्रीन पटाखा बेचना हमारे लिए संभव नहीं है। क्या है ग्रीन पटाखा ग्रीन पटाखों से करीब 30 प्रतिशत कम प्रदूषण होगा और इसकी कीमत भी प्रचलित पटाखों से 15 से 30 फीसदी कम होगी। यह पटाखा हवा की गुणवत्ता को खराब नहीं करेगी। इन पटाखों से निकलने वाले धुएं और धूल जमीन की सतह पर बैठ जाएंगे। इस पटाखे में 50-60 प्रतिशत जो सल्फर डाईऑक्साइड और नॉक्स है इसके पॉल्यूशन की संभावना कम है। इसके साथ-साथ इसकी कीमत भी 15 से 30 प्रतिशत कम होगी। आगे पढ़ें : जानें ग्रीन पटाखों का रेटजानें ग्रीन पटाखों का रेट ग्रीन पटाखों में छोटी चक्री, अनार, पेंसिंल, हैंटर अन्य शामिल हैं, जिन्हें दिवाली जला सकते हैं। इनकी कीमत 40 रुपए से लेकर 80 रुपए के बीच है।
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