Home » Economy » PolicyWho started Coca-Cola? Who was John Pemberton, how he discovered secret formula of coca cola कोका कोला की कहानी

'शिंकजी' नहीं दवाएं बेचते थे कोका कोला के फाउंडर, सिर्फ 2 लोगों को पता है सीक्रेट फॉर्मूला

राहुल गांधी का दावा है कि कोका कोला का फॉमूला ईजाद करने वाले जॉन एस पेम्बर्टन शिकंजी बेचते थे पर यह सच नहीं है...

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नई दिल्‍ली। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर से चर्चा में हैं। उन्‍होंने कोलाकोला के फाउंडर को शिकंजी बेचने वाला बताया है। इसके चलते सोशल मीडिया पर उनकी काफी खिंचाई हो रही है। बयान आने के बाद भाजपा एक बार फिर से राहुल गांधी की राजनीतिक और सामाजिक समक्ष पर सवाल खड़े कर रही है।

 

...पर शिंकजी नहीं बचते थे कोकाकोला के फाउंडर 
राहुल गांधी भले दावा करें कि ,कोकाकोला के फाउंडर शिकंजी बेचते थे, लेकिन यह सही नहीं है। कोकाकोला का फॉर्मूला ईजाद करने वाले जॉन एस पेम्बर्टन दरअसल एक कैमिस्‍ट थे और दवाओं की दुकान चलाते थे। उन्‍होंने अमेरिका के जॉर्जिया से अपने घर के पीछे केतली में इसका फॉर्मूला ईजाद किया था। अब भी बेहद कम लोगों को इस फॉर्मूले की जानकारी है। कोक का यह फॉर्मूला तक एक तिजोरी में बंद है। यह तिजोरी अमेरिका के अटलांटा में रखी गई है। फॉर्मूले को लेकर हमेशा से विवाद रहा है। कई बार फॉर्मूले के लीक होने की अफवाह सामने आई है। हालांकि कंपनी इससे इनकार करती रही है। कंपनी ने इसी सीक्रेट फॉर्मूले के दमपर अपना बिजनेस अमेरिका से शुरूकरते हुए पूरी दुनिया में फैलाया... 

 

सिर्फ 2 लोग जानते हैं फॉर्मूला
कोक के सीक्रेट फॉर्मूले का पता कंपनी के अधिकारियों तक को नहीं है। सिर्फ 2 एग्जीक्यूटिव ही इसका राज जानते हैं। चर्चा यह भी है कि दोनों एग्जीक्यूटिव को आधा-आधा फॉर्मूला पता है। फॉर्मूला पता होने के कारण दोनों एग्जीक्युटिव्स को कभी एक साथ नहीं रखा जाता। स्ट्रैटजी के तहत यह दोनों सफर भी भी अलग-अलग करते हैं। फॉर्मूले की सीक्रेसी को लेकर 2011 में कंपनी ने बयान भी दिया था। कोक का दावा था कि उसका फॉर्मूला अपनी जगह सुरक्षित है। वो बाहर नहीं आ सकता।
 
कहां रखा है फॉर्मूला
फॉर्मूले को कंपनी के किसी कर्मचारी या अधिकारी के साथ डिस्‍क्‍लोज नहीं किया गया। अटलांटा के सन ट्रस्ट बैंक में इसकी ओरिजनल कॉपी रखी गई है। सन ट्रस्ट फॉर्मूले को कभी शेयर न करे, इसलिए कोका कोला में उसे 48.3 मिलियन शेयर दिए गए हैं। साथ ही सन ट्रस्ट के अधिकारियों को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल किया गया है।
 

 

आगे पढ़ें- कब बनाथा फॉर्मूला और कौन था इसका निर्माता....

 

 

कब बनाया गया था फॉर्मूला
2011 में अमेरिकी कंपनी ने कोका कोला अटलांटा म्यूजियम में कोक के गुप्त फॉर्मूले की तिजोरी को एक्सीबिशन के लिए रखा था। 1925 से इसे अटलांटा के बैंक की तिजोरी में सुरक्षित रखा जा रहा है। दरअसल, इसे कंपनी की 125वीं वर्षगांठ के मौके पर बाहर लाया गया था। कोका कोला का गुप्त फॉर्मूला 1886 में अटलांटा में बनाया गया था। बताया जाता है कि जॉन एस पेंबर्टन उस वक्त दवा की एक दुकान चलाते थे और उन्होंने अपने घर के पिछवाड़े में एक केतली में अलग-अलग बूटियां और सामग्री उबालकर कोका कोला का फॉर्मूला ईजाद किया था। बताया जाता है कि 
 
दिमाग शांत करने वाला टॉनिक
विश्व भर में विख्यात इस सॉफ्ट ड्रिंक पर किताब लिखने वाले मार्क पेंडरगास्ट के मुताबिक कोका कोला को पहली बार दिमाग को शांत करने वाले टॉनिक के रूप में लोगों के सामने पेश किया गया। इसके निर्माताओं का दावा था कि कोका कोला पीने से सिरदर्द और थकान कम हो जाती है और दिमाग ठंडा हो जाता है। पेंडरगास्ट ने अपनी किताब में इस बात का दावा किया था कि शुरुआत में पेंबर्टन ने इसमें कोकीन भी मिलाया था।
 
आगे पढ़ें- कौन से फ्लेवर से बनाई जाती है ड्रिंक

कौन से फ्लेवर से बनाई जाती है ड्रिंक

कोका कोला में पानी के अंदर बुलबुले पैदा करने के लिए कारबोनेटेड वाटर का इस्तेमाल किया जाता है। मिठास के लिए इसमें चीनी, कैरेमल का इस्तेमाल होता है। स्वाद अनुसार बनाने के लिए फास्‍फोरस एसिड का प्रयोग होता है। कैफेलिन फेल्वरिंग को पानी में मिलाकर फ्लेवर तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा, नैचुरल फ्लेवरिंग का भी इस्तेमाल होता है, जिसमें सब्जी, फल और मसालों का टेस्ट होता है।
 
कोका कोला की कहानी
कोका कोला का सफर अमेरिका के बढ़ते प्रभुत्व के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है, शायद यही वजह है कि न चाहते हुए भी कंपनी कई बार अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उलझी और कंपनी ने बहिष्कार भी झेला। लेकिन, कंपनी लगातार आगे बढ़ती रही। कोका कोला का दावा है कि वह हर दिन अपनी ड्रिंक्‍स की 1.8 अरब सर्विंग्‍स बेचती है।
 
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कब शुरू हुआ उत्पादन
कोका कोला ने अपना उत्पादन 1886 में शुरू किया था। काले रंग से शुरू हुई कोला अब कई फ्लेवर में अपनी ड्रिंक्‍स बेचती है। काला गहरा बुलबुला वाला सोडा वर्ष 1886 में अटलांटा (जॉर्जिया) में तैयार किया गया था। अपने शुरुआती दिनों से ही कोका कोला ने दुनियाभर में अपने विस्तार की तरफ देखना शुरू किया। 1900 के दशक से कंपनी ने एशिया और यूरोप में बॉटलिंग का काम शुरू किया। लेकिन, कंपनी को बड़ा विस्‍तार दूसरे विश्व युद्ध के कारण मिला, जब विदेश में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को कोका कोला उपलब्ध कराई गई। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान दुनियाभर में कोका कोला के 60 मिलिट्री बॉटलिंग प्लांट थे। इसका फायदा स्थानीय लोगों को भी मिलता रहा।
 
 

भारत में कब आई कंपनी
सॉफ्ट ड्रिंक के बिना भारतीय बाजार की कल्पना करना आसान नहीं है। भारत में कोका कोला की शुरुआत 1956 में हुई। भारत में किसी तरह का फॉरेन एक्सचेंज एक्ट नहीं होने के कारण कंपनी को अच्छी ग्रोथ मिली। वर्ष 1974 में इंदिरा गांधी सरकार ने भारत में फॉरेन एक्सचेंज एक्ट की शुरुआत की। हालांकि, 1977 में कंपनी को एक्ट के मुताबिक कारोबार न करने के चलते भारतीय बाजार को छोड़ना पड़ा। 1993 में उदारीकरण की नीतियों के चलते कंपनी को भारत में कारोबार करने की सरकारी अनुमति मिल गई। ज्यादा इक्विटी रखने से कंपनियों को रोकने वाला फॉरेन एक्सचेंज एक्ट अब पूरी तरह से संशोधित किया जा चुका है। भारतीय सॉफ्टड्रिंक मार्केट में कोकाकोला का शेयर 50 फीसदी से ज्‍यादा है। 

 

 

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